Skip to content
By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
TV Today BharatTV Today BharatTV Today Bharat
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • राज्य-शहर
    • उत्तर प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • झारखंड
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • जम्मू-कश्मीर
    • दिल्ली
  • ताजा खबर
  • क्राइम
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • इंटरनेशनल न्यूज़
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • वेब स्टोरीज
  • मनोरंजन
  • More
    • ब्लॉग
    • एक्सप्लेनेर
    • आस्था
    • हेल्थ
    • वीडियो
Reading: Uttarakhand News: उत्तराखंड में शिक्षा की तस्वीर धुंधली, 90% सरकारी स्कूल बिना प्रधानाचार्य, शिक्षकों पर हर जिम्मेदारी का बोझ, रिपोर्ट
Share
Font ResizerAa
TV Today BharatTV Today Bharat
Search
  • होम
  • राज्य-शहर
    • उत्तर प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • झारखंड
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • जम्मू-कश्मीर
    • दिल्ली
  • ताजा खबर
  • क्राइम
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • इंटरनेशनल न्यूज़
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • वेब स्टोरीज
  • मनोरंजन
  • More
    • ब्लॉग
    • एक्सप्लेनेर
    • आस्था
    • हेल्थ
    • वीडियो
Follow US

Home - Uttarakhand News: उत्तराखंड में शिक्षा की तस्वीर धुंधली, 90% सरकारी स्कूल बिना प्रधानाचार्य, शिक्षकों पर हर जिम्मेदारी का बोझ, रिपोर्ट

UttarakhandDehradunRajyaहोम

Uttarakhand News: उत्तराखंड में शिक्षा की तस्वीर धुंधली, 90% सरकारी स्कूल बिना प्रधानाचार्य, शिक्षकों पर हर जिम्मेदारी का बोझ, रिपोर्ट

शिक्षा की नींव हिलती रही, शिक्षक और छात्र दोनों संघर्षरत

KARTIK SHARMA
Last updated: अक्टूबर 5, 2025 1:18 अपराह्न
KARTIK SHARMA - Sub Editor Published अक्टूबर 5, 2025
Share
Uttarakhand government school classroom showing teacher managing administrative work due to principal and staff vacancies.
Uttarakhand government schools facing principal vacancies and teacher overload — a crisis in the education systemरिपोर्ट: TV Today Bharat Team
SHARE
Highlights
  • उत्तराखंड में शिक्षा की दुर्दशा: 90% स्कूल बिना प्रधानाचार्य
  • शिक्षक बन रहे हर काम के जिम्मेदार: पढ़ाना हुआ मुश्किल
  • प्रमोशन का इंतजार और वर्षों की सेवा का दर्द
  • क्लर्क और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भारी कमी
  • सरकारी तंत्र की लापरवाही और अभिभावकों की चिंता

Uttarakhand education crisis: ये कहानी सिर्फ एक राज्य की नहीं, बल्कि उस सोच की है जो शिक्षा को “प्राथमिकता” कहती जरूर है, पर ज़मीन पर छोड़ देती है “प्रतीक्षा” के भरोसे। उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की नींव दरक चुकी है। भवन जर्जर हैं, संसाधन नाम मात्र के, और अब शिक्षक भी थक चुके हैं — प्रशासनिक आदेशों और अधूरे वादों के बोझ तले।

Contents
शिक्षक या सर्वगुण संपन्न नौकर?90% स्कूल बिना मुखिया — शिक्षा बिना दिशा15 साल प्रभारी रहा, प्रमोशन अब भी लंबितक्लर्क नहीं, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नहीं — तो कौन संभाले स्कूल?“शिक्षक हूं, पर घंटी भी मुझे ही बजानी पड़ती है”शिक्षक संघ की चेतावनी — “अब अदालत का दरवाज़ा खटखटाएंगे”अभिभावकों का सवाल — “बच्चों का भविष्य कौन संभालेगा?”मुख्यमंत्री का आश्वासन- “संवाद जारी रहेगा”📊 उत्तराखंड सरकारी स्कूलों में प्रधानाचार्य, क्लर्क और चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों की स्थितिअंत में…

Read More: आत्मनिर्भर भारत, खादी से कंगना की सियासी साड़ी


शिक्षक या सर्वगुण संपन्न नौकर?

राज्य के स्कूलों में आज हाल यह है कि एक ही शिक्षक “प्रधानाचार्य” भी है, “क्लर्क” भी और “चपरासी” भी। कहीं घंटी बजाने का काम, तो कहीं रिकॉर्ड तैयार करने की जिम्मेदारी — और बीच में किसी तरह बच्चों को पढ़ाने का समय निकालना। ये वही शिक्षक हैं जो कभी बच्चों को “गुरु गोविंद दोउ खड़े” का अर्थ सिखाते थे, लेकिन अब अपने ही अधिकार के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।

Read More: गोरखनाथ मंदिर में बच्चों को चॉकलेट बांटते दिखे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पहले विधिवत पूजा-अर्चना


90% स्कूल बिना मुखिया — शिक्षा बिना दिशा

राजकीय शिक्षक संघ के आंकड़े चौंकाने वाले हैं – गढ़वाल मंडल के 1,311 सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में से 1,265 में प्रधानाचार्य नहीं हैं।
देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग — हर जिले में वही कहानी, वही खाली कुर्सियां। कुमाऊं में तस्वीर और भी गहरी है —
अल्मोड़ा में 258, पिथौरागढ़ में 209, नैनीताल में 150 और बागेश्वर में 89 विद्यालय ऐसे हैं जहाँ मुखिया ही नहीं। चंपावत और उधम सिंह नगर के स्कूल भी उसी कतार में खड़े हैं। कुल मिलाकर, राज्य के 90% से अधिक विद्यालय बिना स्थायी प्रधानाचार्य के चल रहे हैं।

Read More: Pushkar Singh Dhami-वन्यजीव सप्ताह 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संदेश और संरक्षण का संकल्प


15 साल प्रभारी रहा, प्रमोशन अब भी लंबित

35 वर्षों से अध्यापन कर रहे एस.एस. दानू की आवाज़ में दर्द है—

“15 साल से प्रभारी प्रधानाचार्य के रूप में काम कर रहा हूँ, लेकिन आज तक स्थायी पदोन्नति नहीं मिली। हर साल एसीआर भरते हैं, पर सुनवाई नहीं होती।”
ये सिर्फ एक शिक्षक की नहीं, हजारों की कहानी है।
प्रमोशन की फाइलें विभागीय गलियारों में धूल खा रही हैं और शिक्षक उम्मीद खोते जा रहे हैं।


क्लर्क नहीं, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नहीं — तो कौन संभाले स्कूल?

देहरादून में 59 क्लर्क और 97 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद रिक्त हैं।
टिहरी में 94 लिपिक और 342 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी नहीं।
पौड़ी में 72 क्लर्क और 317 चतुर्थ श्रेणी के पद खाली पड़े हैं।

कुमाऊं में हालात और भयावह —
अल्मोड़ा में 107 क्लर्क, 556 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नहीं।
पिथौरागढ़ में 130 लिपिक और 427 चतुर्थ श्रेणी के पद रिक्त हैं।
ऐसे में शिक्षा कौन देगा और व्यवस्था कौन चलाएगा?


“शिक्षक हूं, पर घंटी भी मुझे ही बजानी पड़ती है”

26 साल से पढ़ा रहे कुलदीप कंडारी कहते हैं —

“विद्यालय में घंटी बजाने से लेकर रिकॉर्ड तैयार करने तक सब मुझे ही करना पड़ता है। ऐसे में बच्चों पर पूरा ध्यान कैसे दूं?”
उनकी बातों में व्यवस्था की विफलता झलकती है —
जहां शिक्षक प्रशासनिक बोझ ढो रहा है और छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित है।


शिक्षक संघ की चेतावनी — “अब अदालत का दरवाज़ा खटखटाएंगे”

राजकीय शिक्षक संघ अब सरकार से उम्मीद छोड़ चुका है।
संघ का कहना है कि अगर हर साल प्रमोशन प्रक्रिया समय पर होती, तो आज 90% स्कूल मुखिया विहीन न होते।

“अफसर फाइलों में सुधार दिखा रहे हैं, ज़मीन पर कुछ नहीं बदलता।”
अब शिक्षक संघ न्यायालय जाने की तैयारी में है।


अभिभावकों का सवाल — “बच्चों का भविष्य कौन संभालेगा?”

देहरादून निवासी धन सिंह की चिंता सीधी है—

“जब शिक्षक पर इतना बोझ होगा, तो बच्चों को कौन पढ़ाएगा? सरकार को तुरंत निर्णय लेना चाहिए।”
दरअसल, ये सवाल हर उस माता-पिता का है जो अपने बच्चों को सरकारी स्कूल भेजते हैं — उम्मीद के साथ, और लौटते हैं चिंता के साथ।


मुख्यमंत्री का आश्वासन- “संवाद जारी रहेगा”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कहते हैं —

“सरकार शिक्षकों के साथ संवाद बनाए रखेगी। उनकी सभी उचित मांगों पर विचार किया जा रहा है।”
लेकिन सवाल ये है —
कब तक संवाद के नाम पर शिक्षक इंतज़ार करते रहेंगे?
कब तक शिक्षा का यह पहाड़ “प्रण” के भरोसे खड़ा रहेगा?


📊 उत्तराखंड सरकारी स्कूलों में प्रधानाचार्य, क्लर्क और चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों की स्थिति

(यह तालिका सुत्रों के मुताबिक बनाई गई सुधार की गुंजाइस हो सकती है)

मंडल / जिलाकुल विद्यालय (सरकारी माध्यमिक)प्रधानाचार्य रिक्त पदक्लर्क रिक्त पदचतुर्थ श्रेणी रिक्त पद
गढ़वाल मंडल1,3111,265——
➤ देहरादून—2645997
➤ टिहरी—26894342
➤ पौड़ी—24872317
➤ उत्तरकाशी—120——
➤ चमोली————
➤ रुद्रप्रयाग————
कुमाऊं मंडल————
➤ अल्मोड़ा—258107556
➤ पिथौरागढ़—209130427
➤ नैनीताल—15062224
➤ बागेश्वर—89——
➤ चंपावत—102——
➤ उधम सिंह नगर—93——

अंत में…

उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था आज एक चौराहे पर खड़ी है। जहां शिक्षक संघर्ष कर रहा है, छात्र असमंजस में है, और सरकार अब भी समाधान खोज रही है। जब तक हर स्कूल को उसका “मुखिया” नहीं मिलता, और हर शिक्षक को उसका “अधिकार” नहीं -तब तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सिर्फ एक भाषण का हिस्सा बनी रहेगी।

Follow Us: YouTube| Tv today Bharat Live | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat|  X  | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram

You Might Also Like

CM Dhami Leadership: ‘धाकड़’ से ‘धुरंधर’ तक… राजनाथ सिंह ने 2027 चुनाव में सिक्सर का किया दावा

UP Mission 2027: कैबिनेट विस्तार और नियुक्तियों के जरिए बीजेपी की बड़ी चुनावी तैयारी

Gold Price Prediction: डॉलर की मजबूती और वैश्विक तनाव के बीच क्या ₹1.27 लाख तक फिसल सकता है सोना?

Voter List Verification Uttarakhand: दोहरी वोटर आईडी पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी, 2 लाख मामलों की जांच तेज

CIA Arrest Case: CIA गिरफ्तारी के बाद हलचल तेज, NSA अजीत डोभाल की अमेरिकी राजदूत से अहम मुलाकात

Quick Link

  • Contact Us
  • Blog Index
TAGGED:Bharat tv liveeducation department Uttarakhandeducation reform Indiaeducation vacancies 2025government schools dataHindi News हिंदी न्यूज़: ब्रेकिंग न्यूज़ समाचारIndian education systemLive News Stream and News Online हिंदी न्यूज़Live Streaming Free Hindi News Channel 24x7principal vacancy Uttarakhandschool management crisisteacher shortage IndiaTEAM TTBToday Big BreakingToday Live NewsToday News inTTB TEAMtv todat bharat big newsTv Today Bharat BreakingTv today bharat livetv today bharat live newsTV Today Network शेयरTv Tody BharatTVTO शेयरUttarakhand education crisisUttarakhand teachersWatch Live TV
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

CM Dhami Leadership
NationalUttarakhand

CM Dhami Leadership: ‘धाकड़’ से ‘धुरंधर’ तक… राजनाथ सिंह ने 2027 चुनाव में सिक्सर का किया दावा

मार्च 21, 2026
UP Mission 2027
Uttar Pradesh

UP Mission 2027: कैबिनेट विस्तार और नियुक्तियों के जरिए बीजेपी की बड़ी चुनावी तैयारी

मार्च 21, 2026
Gold Price Prediction
Business News

Gold Price Prediction: डॉलर की मजबूती और वैश्विक तनाव के बीच क्या ₹1.27 लाख तक फिसल सकता है सोना?

मार्च 21, 2026
Voter List Verification Uttarakhand
Uttarakhand

Voter List Verification Uttarakhand: दोहरी वोटर आईडी पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी, 2 लाख मामलों की जांच तेज

मार्च 21, 2026
CIA Arrest Case
National

CIA Arrest Case: CIA गिरफ्तारी के बाद हलचल तेज, NSA अजीत डोभाल की अमेरिकी राजदूत से अहम मुलाकात

मार्च 21, 2026
President Murmu Vrindavan visit
National

President Murmu Vrindavan visit: राष्ट्रपति मुर्मू का वृंदावन दौरा क्यों बना खास? जानिए 5 बड़ी बातें

मार्च 21, 2026

TVTodayBharat is a digital-first Hindi news platform that delivers fast, accurate, and balanced reporting across categories like breaking news, national and state updates, sports, entertainment, tech, health, education, and lifestyle. Our aim is to deliver reliable information in simple language, clarify the context and facts of every news story, and publish timely corrections when needed. We avoid sensationalism and practice journalism based on verified sources, data, and ground inputs, so you can get credible news, analysis, photos, videos, and web stories all in one place.

  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Editorial Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions

TVTodayBharat is a digital-first Hindi news platform that delivers fast, accurate, and balanced reporting across categories like breaking news, national and state updates, sports, entertainment, tech, health, education, and lifestyle. Our aim is to deliver reliable information in simple language, clarify the context and facts of every news story, and publish timely corrections when needed. We avoid sensationalism and practice journalism based on verified sources, data, and ground inputs, so you can get credible news, analysis, photos, videos, and web stories all in one place.

  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Editorial Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
© TVTodayBharat | Design by Vivek
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?