Skip to content
By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
TV Today BharatTV Today BharatTV Today Bharat
Notification Show More
Font ResizerAa
  • उत्तर प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • राजस्थान
  • ताजा खबर
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • राज्य
  • आस्था
  • हेल्थ
  • टेक्नोलॉजी
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • मनोरंजन
Reading: Pakistan Minority Rights Record: पाकिस्तान को भारत का दो-टूक जवाब, पहले अपने यहां अल्पसंख्यकों की हालत देखे, फिर दूसरों पर उंगली उठाए
Share
Font ResizerAa
TV Today BharatTV Today Bharat
Search
  • उत्तर प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • राजस्थान
  • ताजा खबर
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • राज्य
  • आस्था
  • हेल्थ
  • टेक्नोलॉजी
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • मनोरंजन
Follow US

Home - Pakistan Minority Rights Record: पाकिस्तान को भारत का दो-टूक जवाब, पहले अपने यहां अल्पसंख्यकों की हालत देखे, फिर दूसरों पर उंगली उठाए

DiplomacyNationalहोम

Pakistan Minority Rights Record: पाकिस्तान को भारत का दो-टूक जवाब, पहले अपने यहां अल्पसंख्यकों की हालत देखे, फिर दूसरों पर उंगली उठाए

पहले अपने गिरेबान में झांकिए, फिर भारत पर सवाल उठाइए

Last updated: जनवरी 9, 2026 8:23 अपराह्न
Saloni Sharma Published जनवरी 9, 2026
Share
India rejects Pakistan’s claims on minority rights as MEA spokesperson Randhir Jaiswal addresses media briefing
Pakistan raises questions on minority rights, India gives a sharp reply—first fix your own record before pointing fingers at others.TV Today Bharat Live
SHARE
Highlights
  • पाकिस्तान के आरोपों पर भारत का सख्त और साफ जवाब
  • अवैध अतिक्रमण बनाम अल्पसंख्यक मुद्दा सच क्या है
  • पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की हकीकत और डरावने आंकड़े
  • ब्लास्फेमी कानून और जबरन धर्मांतरण की काली सच्चाई
  • नैतिकता का सवाल, किसे दूसरों पर बोलने का हक?

Pakistan minority rights record: इंडिया ने एक बार फिर पाकिस्तान को सीधा और दो-टूक जवाब दिया है। इस बार मुद्दा है माइनॉरिटी राइट्स का, जहाँ पाकिस्तान ने हमेशा की तरह उंगली उठाने की कोशिश की, और भारत ने बिना किसी घूम-फिराव की याद दिला दी कि पहले अपना घर संभालो। मिनिस्ट्री ऑफ़ एक्सटर्नल अफेयर्स के स्पोक्सपर्सन रणधीर जायसवाल ने वीकली ब्रीफिंग में साफ कहा कि पाकिस्तान को माइनॉरिटी इश्यूज पर बोलने का कोई मोरल राइट नहीं है। उनके शब्दों में, मैं उस देश में माइनॉरिटीज की सिचुएशन पर विस्तार से बात करने की ज़रूरत नहीं समझता। जो लोग दूसरों पर टिप्पणी करते हैं, उन्हें पहले अपना रिकॉर्ड देखना चाहिए।

पाकिस्तान का विरोध और भारत का काउंटर

यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब पाकिस्तान फॉरेन ऑफिस के स्पोक्सपर्सन ताहिर अंद्राबी ने दिल्ली के तुर्कमान गेट एरिया में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हुई डिमोलिशन ड्राइव पर सवाल उठाए। पाकिस्तान ने इसे माइनॉरिटी टारगेटिंग के तौर पर प्रोजेक्ट करने की कोशिश की। लेकिन ग्राउंड रियलिटी कुछ और थी। दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मुताबिक, यह ड्राइव किसी धर्म या कम्युनिटी के खिलाफ नहीं थी, बाल्की गैर-कानूनी कब्जे हटाने की गई थी, और यह पूरी तरह दिल्ली हाई कोर्ट के डायरेक्शन के मुताबिक थी। यानी कानून के दायरे में रहकर एडमिनिस्ट्रेटिव एक्शन लिया गया।

पाकिस्तान की पुरानी आदत

सच यह है कि पाकिस्तान का रिकॉर्ड रहा है जब भी घरेलू दबाव बढ़ता है, या अपनी नाकामी छुपानी होती है, तो भारत पर विरोध लगा दो। पिछले महीने भी जब पाकिस्तान ने माइनॉरिटीज़ पर हिंसा के आरोप लगाए थे, भारत ने उन्हें बहुत खराब रिकॉर्ड यानी बहुत शर्मिंदगी वाला ट्रैक रिकॉर्ड याद दिला दिया था। MEA ने तब भी कहा था कि पाकिस्तान में धार्मिक माइनॉरिटीज़ का सिस्टेमिक परसेक्यूशन एक जानी-मानी बात है, जिसे बाहर के विरोध लगाकर धक्का नहीं दे सकते।

अयोध्या पर भी बोलने की कोशिश

नवंबर में भी ऐसा ही हुआ था, जब पाकिस्तान ने अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर पर झंडा फहराने को लेकर चेतावनी दी थी। उस वक़्त भी रणधीर जायसवाल ने कड़क अंदाज़ में कहा था कि जिसका रिकॉर्ड कट्टरता, दमन और सिस्टमिक बुरे बर्ताव से भरा हो, उसे दूसरों को लेक्चर देने का कोई हक़ नहीं है। संदेश बिल्कुल साफ़ था भारत अपने अंदरूनी मामलों पर किसी बाहरी दखल को मंज़ूर नहीं करेगा।

पाकिस्तान माय माइनॉरिटी रियलिटी

अगर हम पाकिस्तान की असली तस्वीर देखें, तो वहाँ की इंडिपेंडेंट रिपोर्ट्स और डेटा बहुत कुछ कह जाते हैं। नई दिल्ली बेस्ड इंटरनेशनल सेंटर फॉर पीस स्टडीज़ की रिपोर्ट्स बताती हैं कि पाकिस्तान में धर्म को पॉलिटिकल टूल बना दिया गया है, और कुछ कम्युनिटीज़ को जान-बूझकर बाहरी लोगों के रूप में दिखाया जाता है। यह सिर्फ़ परसेप्शन नहीं है, बाल्की डॉक्यूमेंटेड रियलिटी है।

नंबर जो सच बोलते हैं

लाहौर बेस्ड सेंटर फॉर सोशल जस्टिस के डेटा के मुताबिक, सिर्फ 2024 में 344 ईशनिंदा केस के डॉक्यूमेंट किए गए। यह एक ऐसा कानून है, जिसका गलत इस्तेमाल पाकिस्तान में माइनॉरिटीज को टारगेट करने के लिए होता रहा है। और अगर हम जबरन धर्म बदलने की बात करें, तो 2021 से 2024 के बीच कम से कम 421 माइनॉरिटी महिलाओं और लड़कियों को ज़बरदस्ती धर्म परिवर्तन का शिकार बनाया गया। इनमें ज़्यादातर हिंदू और क्रिश्चियन कम्युनिटी से थीं, और सबसे ज़्यादा चिंता की बात यह है कि मैजोरिटी माइनर्स थीं। ये स्टैटिस्टिक्स सिर्फ नंबर नहीं, बाल्की एक गहरा ह्यूमन राइट्स क्राइसिस दिखाते हैं।

मोरल अथॉरिटी का सवाल

यहीं पर सबसे बड़ा सवाल उठता है क्या पाकिस्तान के पास मोरल अथॉरिटी है भारत पर उंगली उठाने की? जब खुद के देश में माइनॉरिटीज़ को लीगल, सोशल और वायलेंट प्रेशर का सामना करना पड़ रहा हो, तब दूसरों को ज्ञान देना सिर्फ हिपोक्रेसी कहलाएगा। भारत ने बार-बार यह साफ किया है कि वो रूल ऑफ़ लॉ के तहत काम करता है। चाहे वो एनक्रोचमेंट हटाना हो, या किसी और एडमिनिस्ट्रेटिव एक्शन, हर फैसला कानूनी प्रोसेस के ज़रूरी होता है, ना कि धार्मिक पहचान के आधार पर।

भारत का स्टैंड बिल्कुल क्लियर

इस खराब एपिसोड से एक बात बिल्कुल क्लियर हो जाती है। भारत इंटरनेशनल फोरम पर भी और बाइलेटरल लेवल पर भी, अपने इंटरनल मैटर्स पर कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं करेगा। पाकिस्तान चाहे जितनी बार आरोप लगाए, जवाब उतनी ही क्लैरिटी और कॉन्फिडेंस के साथ मिलेगा। MEA का स्टैंड यही है कि जो देश खुद माइनॉरिटीज के लिए अनसेफ है, उससे पहले अपने घर की सफाई करनी चाहिए।

अंत में सीधी बात

अंत में बात इतनी सी है माइनॉरिटी राइट्स का मुद्दा सीरियस है, और इस पर पॉलिटिक्स या प्रोपेगैंडा नहीं, बाल्की ग्राउंड रियलिटी और डेटा के आधार पर बात होनी चाहिए। भारत ने अपना पक्ष रख दिया है, और दुनिया के सामने ये भी दिखा दिया है कि इल्ज़ामों से ज़्यादा ज़रूरी बातें होती हैं। पाकिस्तान के लिए भी बेहतर होगा कि वो बयानबाज़ी छोड़ कर अपनी माइनॉरिटी की सुरक्षा, इज्ज़त और हक़ पर ध्यान दे क्योंकि जब तक अपना रिकॉर्ड साफ़ नहीं होगा, दूसरों पर सवाल उठाना सिर्फ़ खोखला शोर ही लगेगा।

Follow Us: YouTube| TV TODAY BHARAT LIVE | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat|  X  | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram

You Might Also Like

Balochistan Insurgency in Pak Explainers:  जिस देश को हर मोर्चे पर दुश्मन दिखते हैं, वही पाकिस्तान अपने ही बलूचिस्तान में हारती हुई जंग लड़ रहा है

UP Madrasa Funding: उत्तर प्रदेश में मदरसों की फंडिंग पर जांच के आदेश, विदेशी चंदे पर सख्ती

CM Yogi News: 2.20 लाख करोड़ लोन प्लान, यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार

Google AI-powered feature : Google ने भारत में AI पावर्ड फोटो एडिटिंग फीचर लॉन्च किया

Union Budget पर BJP की मैथिली ठाकुर का समर्थन, NEET केस में त्वरित न्याय की मांग

Quick Link

  • Contact Us
  • Blog Index
TAGGED:India Pakistan RelationsInternational PoliticsMEA StatementMinority RightsPakistan Human RightsToday Big Breakingtv today bharat live breakingWatch Live TV
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Balochistan Insurgency in Pakistan: as security forces and civilians face deadly rebel attacks during violent unrest in the province
Explainer Tv Today BharatNational

Balochistan Insurgency in Pak Explainers:  जिस देश को हर मोर्चे पर दुश्मन दिखते हैं, वही पाकिस्तान अपने ही बलूचिस्तान में हारती हुई जंग लड़ रहा है

फ़रवरी 3, 2026
UP Madrasa Funding: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान
AasthaUttar Pradesh

UP Madrasa Funding: उत्तर प्रदेश में मदरसों की फंडिंग पर जांच के आदेश, विदेशी चंदे पर सख्ती

फ़रवरी 3, 2026
CM Yogi News: Lucknow में SLBC बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
RajyaUttar Pradesh

CM Yogi News: 2.20 लाख करोड़ लोन प्लान, यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार

फ़रवरी 2, 2026
Google AI-powered photo editing feature: Google का नया AI-पावर्ड फोटो एडिटिंग फीचर भारत में लॉन्च
NationalTakaneekee

Google AI-powered feature : Google ने भारत में AI पावर्ड फोटो एडिटिंग फीचर लॉन्च किया

फ़रवरी 2, 2026
BJP Maithili Thakur Union Budget NEET case: BJP leader Maithili Thakur speaking on Union Budget and NEET aspirant death case
NationalPolitics

Union Budget पर BJP की मैथिली ठाकुर का समर्थन, NEET केस में त्वरित न्याय की मांग

फ़रवरी 2, 2026
Union Budget 2026-27 health sector allocation announced by Finance Minister
Union Budget 2026हेल्थ

Union Budget 2026-27: केंद्रीय बजट 2026-27 में स्वास्थ्य मंत्रालय को ₹1.06 लाख करोड़

फ़रवरी 1, 2026

TVTodayBharat एक डिजिटल-फर्स्ट हिंदी समाचार मंच है, जहाँ हम ताज़ा खबरें, राष्ट्रीय व राज्यीय अपडेट, खेल, मनोरंजन, टेक, हेल्थ, एजुकेशन और लाइफ़स्टाइल जैसी श्रेणियों में तेज़, सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग पेश करते हैं। हमारा उद्देश्य सरल भाषा में भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना, हर खबर के संदर्भ और तथ्य स्पष्ट करना, और ज़रूरत पड़ने पर समय पर सुधार प्रकाशित करना है। हम सनसनी से दूर रहते हुए प्रमाणित स्रोतों, डेटा और ग्राउंड इनपुट पर आधारित पत्रकारिता करते हैं, ताकि आप एक ही जगह पर विश्वसनीय समाचार, विश्लेषण, फोटो-वीडियो और वेब स्टोरीज़ पा सकें।

  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Editorial Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions

TVTodayBharat एक डिजिटल-फर्स्ट हिंदी समाचार मंच है, जहाँ हम ताज़ा खबरें, राष्ट्रीय व राज्यीय अपडेट, खेल, मनोरंजन, टेक, हेल्थ, एजुकेशन और लाइफ़स्टाइल जैसी श्रेणियों में तेज़, सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग पेश करते हैं। हमारा उद्देश्य सरल भाषा में भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना, हर खबर के संदर्भ और तथ्य स्पष्ट करना, और ज़रूरत पड़ने पर समय पर सुधार प्रकाशित करना है। हम सनसनी से दूर रहते हुए प्रमाणित स्रोतों, डेटा और ग्राउंड इनपुट पर आधारित पत्रकारिता करते हैं, ताकि आप एक ही जगह पर विश्वसनीय समाचार, विश्लेषण, फोटो-वीडियो और वेब स्टोरीज़ पा सकें।

  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Editorial Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
© TVTodayBharat | Design by Vivek
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?