Trump calls attack an act of terror 500 troops deployed : वॉशिंगटन में दो नेशनल गार्ड सैनिकों पर गोलीबारी होने के कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना को “आतंक की कार्रवाई” बताया। बुधवार शाम राष्ट्र को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘यह एक दुष्ट हमला था… यह नफरत और आतंक की कार्रवाई थी… यह पूरे देश पर हमला था… यह मानवता के खिलाफ अपराध था। ट्रंप ने दावा किया कि इस हमले का आरोपी एक ‘अफगान नागरिक’ है जो पहले की बाइडन प्रशासन की नीतियों के कारण अमेरिका में शरणार्थी के रूप में प्रवेश कर सका।
आरोपी की पहचान और अफगानिस्तान का संबंध
अमेरिकी मीडिया ने संदिग्ध शूटर की पहचान रहमानुल्लाह लाकनवाल, एक अफगान नागरिक के रूप में की है, जो वर्ष 2021 में अमेरिका में प्रवेश किया था। ट्रंप ने कहा कि वह अब उन सभी अफगान नागरिकों की पुनः जाँच कराने का आदेश देंगे जो बाइडन शासन के दौरान अमेरिका आए थे। उनके शब्द थे, हमें अब अफगानिस्तान से आए हर एक व्यक्ति की जांच करनी होगी… और यदि कोई ऐसा है जो इस देश से प्रेम नहीं करता, जिसका यहां कोई योगदान नहीं, जो यहाँ नहीं होना चाहिए तो हम उसे हटाएंगे।‘
राजधानी की सुरक्षा के लिए 500 अतिरिक्त सैनिक भेजे जाएंगे
राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि वॉशिंगटन की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वे अतिरिक्त 500 सैनिकों की तैनाती कर रहे हैं। यह हमला व्हाइट हाउस से लगभग 500 मीटर की दूरी पर हुआ। उस समय ट्रंप राजधानी में नहीं थे, बल्कि थैंक्सगिविंग अवकाश के लिए फ्लोरिडा में मौजूद थे। वेस्ट वर्जीनिया से तैनात दो नेशनल गार्ड सैनिक अब भी गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती हैं।
ट्रंप की सख्त चेतावनी ‘इस जानवर को सज़ा मिलेगी’
दिन में इससे पहले, ट्रंप ने अपने X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर लिखा, ‘जिस जानवर ने इन दो सैनिकों पर गोली चलाई… वह चाहे घायल हो या नहीं,उसे बहुत भारी कीमत चुकानी होगी। भगवान हमारे महान नेशनल गार्ड, सेना और कानून लागू करने वाले समस्त अधिकारियों को आशीर्वाद दें ये वास्तव में महान लोग हैं।‘
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वॉशिंगटन की मेयर की प्रतिक्रिया
वॉशिंगटन की मेयर म्यूरियल बाउजर ने इस घटना को ‘टार्गेटेड शूटिंग’ कहा, अर्थात् यह हमला किसी खास उद्देश्य या नफरत के कारण निशाना बनाकर किया गया प्रतीत होता है।
FBI की कड़ी कार्रवाई यह संघीय अपराध है
मीडिया से बातचीत में FBI निदेशक काश पटेल ने कहा, ‘चूंकि यह हमला संघीय सुरक्षा कर्मियों पर है, इसलिए यह मामला संघीय स्तर पर अभियोजित किया जाएगा।‘
वॉशिंगटन में भारी सैन्य मौजूदगी
पिछले कुछ महीनों में राष्ट्रपति ट्रंप ने सार्वजनिक सुरक्षा के नाम पर वॉशिंगटन में बाहरी राज्यों से भी नेशनल गार्ड बुलाए हैं। अब मिशन का विस्तार अमेरिका के अन्य बड़े शहरों में भी किया जा रहा है। वर्तमान में वॉशिंगटन में लगभग2,400 नेशनल गार्ड सैनिक तैनात हैं,
- 958 सैनिक डीसी नेशनल गार्ड के
- 1,300 सैनिक अन्य आठ राज्यों से भेजे गए
अमेरिका में सुरक्षा बनाम आव्रजन बहस
यह घटना अमेरिका में सुरक्षा के मसले को सीधे इमिग्रेशन (आव्रजन) से जोड़ती है। ट्रंप एक बार फिर अपनी चुनावी-शैली वाली कठोर भाषा में शरणार्थियों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते दिख रहे हैं। दूसरी ओर, आलोचकों का मानना है कि किसी एक मामले के आधार पर पूरे समुदाय पर आरोप लगाना उचित नहीं। लेकिन फिलहाल, अमेरिका की राजधानी में खतरे का माहौल और सुरक्षा की तैयारी दोनों ही बढ़ गई हैं।
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