Fake IAS Arrest Gorakhpur: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर धोखाधड़ी करने वाले युवक को गिरफ्तार किया है। Fake IAS Arrest Gorakhpur मामले ने न केवल पुलिस बल्कि आम लोगों को भी हैरान कर दिया है।
आरोपी ने अपनी झूठी पहचान के जरिए लोगों को भरोसे में लिया और शादी जैसे गंभीर रिश्ते का भी दुरुपयोग किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने दो शादियां करने की बात स्वीकार की है।
व्हाट्सएप ग्रुप से शुरू हुई ठगी की कहानी
इस पूरे मामले की शुरुआत एक व्हाट्सएप ग्रुप से हुई, जहां आरोपी ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क बनाया। Fake IAS Arrest Gorakhpur केस में सामने आया है कि आरोपी ने इसी माध्यम से एक युवती को अपने जाल में फंसाया और बाद में उससे शादी कर ली।
धीरे-धीरे उसने अपने झूठ को मजबूत करने के लिए फर्जी दस्तावेज और कहानियां गढ़ीं, जिससे सामने वाले को उसकी बातों पर शक न हो।
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खुद को बताता था मणिपुर कैडर का अधिकारी
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी प्रीतम निषाद खुद को मणिपुर कैडर का आईएएस अधिकारी बताता था। हालांकि, सच्चाई यह है कि उसने कभी UPSC परीक्षा पास नहीं की थी।
Fake IAS Arrest Gorakhpur मामले में आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि उसने UPSC का एग्जाम तक नहीं दिया था। उसने फर्जी तरीके से रिजल्ट एडिट कर लोगों को भ्रमित किया।
दो शादियों का खुलासा
जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ कि आरोपी ने दो शादियां की थीं। दोनों ही मामलों में उसने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर भरोसा जीता।
Fake IAS Arrest Gorakhpur केस में यह पहलू सबसे ज्यादा चौंकाने वाला है, क्योंकि आरोपी ने शादी जैसे रिश्ते को भी अपने स्वार्थ के लिए इस्तेमाल किया।
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पुलिस ने ऐसे किया गिरफ्तार
एसपी सिटी निमिष पाटिल के अनुसार, पुलिस को इस मामले की शिकायत मिलने के बाद आरोपी की तलाश शुरू की गई। सर्विलांस और तकनीकी इनपुट्स के आधार पर पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की।
आरोपी की लोकेशन जालौन में मिली, जहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। Fake IAS Arrest Gorakhpur मामले में पुलिस की इस कार्रवाई को अहम माना जा रहा है।
धोखाधड़ी के पीछे था पैसा कमाने का मकसद
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका मुख्य उद्देश्य पैसा कमाना था। वह लोगों को अपने झूठे पद और पहचान के जरिए प्रभावित करता था और फिर उनसे लाभ उठाता था।
Fake IAS Arrest Gorakhpur केस में यह भी सामने आया है कि आरोपी का सपना आईएएस बनने का था, लेकिन जब वह पूरा नहीं हुआ, तो उसने गलत रास्ता अपना लिया।
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साथियों की तलाश में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके साथ और भी लोग शामिल थे। शादी में शामिल लोगों और उसके संपर्क में आने वालों से भी पूछताछ की जा रही है।
Fake IAS Arrest Gorakhpur मामले में पुलिस का कहना है कि यदि किसी और की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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बरामद हुए मोबाइल और दस्तावेज
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन, टैबलेट और आधार कार्ड बरामद किया है। इन उपकरणों के जरिए ही वह लोगों से संपर्क करता था और अपनी फर्जी पहचान को मजबूत बनाता था।
कुल मिलाकर, Fake IAS Arrest Gorakhpur मामला यह दर्शाता है कि किस तरह कुछ लोग झूठी पहचान का सहारा लेकर दूसरों को धोखा देते हैं। यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि किसी भी व्यक्ति की पहचान और दावों की जांच-पड़ताल करना जरूरी है।
पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही इससे जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा होगा।
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