UP STF Moradabad tractor theft gang arrest: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक लंबे समय से सक्रिय ट्रैक्टर चोरी गिरोह को बेनकाब कर दिया है। यह गिरोह खेत-खलियानों, हाइवे किनारे खड़े वाहनों और कम निगरानी वाले ग्रामीण इलाकों से ट्रैक्टर चुराकर उन्हें फर्जी कागज़ात के सहारे दूसरे राज्यों में बेच देता था। मुरादाबाद में की गई इस कार्रवाई में STF ने 4 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
कैसे पकड़ी गई गैंग की गतिविधियां?
पिछले कई महीनों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ट्रैक्टर चोरी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही थीं। किसान परेशान थे, शिकायतें दर्ज हो रही थीं लेकिन वाहन बरामद नहीं हो रहे थे। इसी बीच STF को सूचना मिली कि मुरादाबाद–अमरोहा क्षेत्र में एक संगठित नेटवर्क चोरी के ट्रैक्टरों को बदलकर नकली RC तैयार करवाता है और उन्हें राजस्थान, हरियाणा और हिमाचल की सीमाओं में बेच देता है। STF ने साइबर टीम, वाहन सत्यापन डेटा और सर्विलांस की मदद से गैंग का लोकेशन ट्रैक किया और रेड मारी।
STF की छापेमारी और गिरफ्तारी
कार्रवाई के दौरान चार आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े जिनका पूरा रैकेट भूमिगत तरीके से चलता था। STF को ट्रैक्टर के इंजन और चेसिस नंबर मिटाने के उपकरण, फर्जी नंबर प्लेट, नकली RC, बीमा दस्तावेज, और वाहन बेचने के अंतरराज्यीय संपर्कों की सूची भी बरामद हुई। पकड़ में आए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे चोरी किए गए ट्रैक्टरों को सीधे डिमांड वाले क्षेत्रों में सप्लाई करते थे, जहां खरीदार सस्ते कीमतों के बदले बिना दस्तावेज के ट्रैक्टर खरीदने को तैयार रहते हैं।
किसान क्यों थे इस गैंग के टार्गेट?
ट्रैक्टर ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चोरी का एक ट्रैक्टर न सिर्फ किसान की आर्थिक रीढ़ तोड़ता है, बल्कि खेतों की समयबद्ध मेहनत और खेती उत्पादन पर भी गंभीर असर डालता है। STF की रिपोर्ट के अनुसार, ये गिरोह आमतौर पर रात में,सुनसान ग्रामीण सड़कों पर, खेतों में खड़े ट्रैक्टर को निशाना बनाता था। कई मामलों में ट्रैक्टर के साथ GPS डिवाइस भी नहीं होता था, जिससे खोज मुश्किल हो जाती थी।
आगे की जांच किस-किस तक पहुंचेगी?
सूत्रों का कहना है कि STF इस रैकेट से जुड़े और लोगों की शिनाख्त कर रही है, जिनमें वाहन दस्तावेज़ तैयार करने वाले, कमीशन एजेंट और खरीददार भी शामिल हैं। यह भी जांच की जा रही है कि क्या पुलिस या RTO से जुड़े किसी व्यक्ति ने इस गैंग की मदद की।
आम जनता और किसानों के लिए सलाह
- अपने ट्रैक्टर पर GPS लॉक सिस्टम लगवाएं
- इंजन / चेसिस नंबर की स्पष्ट फोटो और रिकॉर्ड अपने पास रखें
- रात में ट्रैक्टर खुले में न छोड़ें
- संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधि तुरंत पुलिस को बताएं
- सेकंड हैंड ट्रैक्टर खरीदते समय RC और इंजन-चेसिस मैचिंग अनिवार्य जांचें
उत्तर प्रदेश STF ने ट्रैक्टर चोरी करने वाले बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। मुरादाबाद से चार आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, जिनके पास से चोरी किए गए वाहनों के फर्जी दस्तावेज़ और उपकरण प्राप्त हुए हैं। यह गैंग किसानों के ट्रैक्टर चोरी कर उन्हें दूसरे राज्यों में बेच देता था। STF अब गैंग के बाकी सदस्यों की पहचान कर रही है और जल्द ही और गिरफ़्तारियां हो सकती हैं।
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