Ranji Trophy Semifinal: लखनऊ के इकाना स्टेडियम की पिच पर उत्तराखंड की टीम इस वक्त मुश्किलों के भंवर में फंसी नजर आ रही है। Ranji Trophy Semifinal के इस हाई-प्रोफाइल सेमीफाइनल मुकाबले में कर्नाटक का पलड़ा पूरी तरह भारी है। कर्नाटक द्वारा पहली पारी में खड़े किए गए 736 रनों के ‘एवरेस्ट’ जैसे लक्ष्य के सामने उत्तराखंड के बल्लेबाज ताश के पत्तों की तरह ढह गए और पूरी टीम सिर्फ 233 रनों पर ढेर हो गई।
लक्ष्य रायचंदानी का साहसी अर्धशतक और पुछल्लों का संघर्ष
उत्तराखंड की पहली पारी में अगर किसी खिलाड़ी ने कर्नाटक के अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण का डटकर सामना किया, तो वह युवा बल्लेबाज लक्ष्य रायचंदानी थे। कल के स्कोर 149/5 से आगे खेलते हुए उत्तराखंड को उम्मीद थी कि लक्ष्य और सौरभ रावत की जोड़ी पारी को लंबा खींचेगी। हालांकि, सौरभ रावत (14 रन) दिन की शुरुआत में ही पवेलियन लौट गए।
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लक्ष्य रायचंदानी ने एक छोर संभाले रखा और धैर्य के साथ खेलते हुए 55 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। वे अपनी टीम के सर्वोच्च स्कोरर रहे। उनके आउट होने के बाद नौवें विकेट तक टीम काफी दबाव में थी, लेकिन अंत में आदित्य रावत (45 रन) और जन्मजय जोशी ने 10वें विकेट के लिए 58 रनों की जुझारू साझेदारी कर स्कोर को 233 तक पहुंचाया। आदित्य ने अपनी धुआंधार पारी में 38 गेंदों का सामना किया और कुछ दर्शनीय शॉट लगाए।

कर्नाटक का दबदबा और दूसरी पारी की शुरुआत
कर्नाटक के लिए पहली पारी में विद्याधर पाटिल सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने उत्तराखंड के ऊपरी क्रम को झकझोर कर रख दिया। 736 रनों के स्कोर के कारण कर्नाटक के पास 503 रनों की विशाल बढ़त थी। नियमानुसार कर्नाटक फॉलोऑन दे सकता था, लेकिन टीम प्रबंधन ने बल्लेबाजों को एक बार फिर क्रीज पर उतारने का फैसला किया।
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दूसरी पारी में कर्नाटक की शुरुआत अच्छी नहीं रही। कप्तान मयंक अग्रवाल, जो पहली पारी में सिर्फ 5 रन बना पाए थे, दूसरी पारी में भी फ्लॉप रहे। उन्हें आदित्य रावत ने 21 रन के निजी स्कोर पर आउट कर मैच का अपना पांचवां विकेट (दोनों पारियां मिलाकर) झटका। फिलहाल कर्नाटक ने लंच ब्रेक तक अपनी दूसरी पारी में सधी हुई शुरुआत की है और उनकी कुल बढ़त 550 रनों के पार पहुंच चुकी है।
कप्तान कुणाल चंदेला का निर्णय पड़ा भारी
Ranji Trophy Semifinal के विश्लेषण में उत्तराखंड के कप्तान कुणाल चंदेला के टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं। इकाना की सपाट पिच पर कर्नाटक के बल्लेबाजों- विशेषकर देवदत्त पडिक्कल (232), केएल राहुल (141) और आर. स्मरण (135) ने जिस तरह से रनों का अंबार लगाया, उसने उत्तराखंड को मैच में शुरुआत से ही पीछे धकेल दिया।
तीसरे दिन के बाद से पिच ने टर्न लेना शुरू कर दिया था, जिसका फायदा कर्नाटक के स्पिनर श्रेयस गोपाल और विद्याधर पाटिल उठा रहे हैं। उत्तराखंड के टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज- भूपेन लालवानी, प्रशांत चोपड़ा और कप्तान खुद दबाव में बिखर गए, जिससे मध्यक्रम पर सारा बोझ आ गया।
अब क्या है उत्तराखंड की राह?
Ranji Trophy Semifinal के समीकरणों को देखते हुए उत्तराखंड के लिए जीत की राह अब पूरी तरह बंद हो चुकी है। अब Ranji Trophy Semifinal का परिणाम या तो कर्नाटक की जीत के रूप में आएगा या फिर यह ड्रॉ पर समाप्त होगा। ड्रॉ की स्थिति में भी कर्नाटक पहली पारी की विशाल बढ़त के आधार पर फाइनल में प्रवेश कर जाएगा।
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उत्तराखंड के लिए अब यह Ranji Trophy Semifinal केवल आत्मसम्मान और व्यक्तिगत प्रदर्शन का मंच रह गया है। गेंदबाजों और बल्लेबाजों के पास मौका है कि वे दूसरी पारी में बेहतर खेल दिखाकर अगले सीजन के लिए अपना आत्मविश्वास बढ़ाएं। कर्नाटक जिस तरह से खेल रहा है, उसे देखते हुए वह 15वीं बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचने की दहलीज पर खड़ा है।
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