Farmers Meeting: मध्य प्रदेश की राजनीति और कृषि से जुड़े मुद्दों को लेकर राजधानी New Delhi में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। Farmers Meeting में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav, केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan और केंद्रीय मंत्री Prahlad Patel शामिल हुए।
कृषि मंत्रालय के अनुसार Farmers Meeting मुख्य रूप से किसानों और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रही। इसमें तुअर (अरहर) की खरीद, सरसों के लिए भावांतर भुगतान योजना, ग्रामीण आवास, मनरेगा और ग्रामीण सड़क परियोजनाओं जैसे विषयों पर कई अहम फैसले लिए गए।
किसानों से जुड़े मुद्दों पर हुई विस्तार से चर्चा
Farmers Meeting में Madhya Pradesh के किसानों से जुड़े कई लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। खास तौर पर सरसों और दलहन फसलों की खरीद को लेकर लंबे समय से चल रही समस्याओं को प्राथमिकता दी गई।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मध्य प्रदेश से जुड़े सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निपटाया जाए, ताकि किसानों और ग्रामीण गरीबों को समय पर राहत मिल सके।

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तुअर (अरहर) की 100 प्रतिशत खरीद का फैसला
Farmers Meeting का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय तुअर की खरीद को लेकर सामने आया। केंद्र सरकार ने तुअर की शत-प्रतिशत खरीद को मंजूरी दे दी है। इसके लिए मंजूरी पत्र राज्य सरकार को सौंप दिया गया।
इस फैसले से मध्य प्रदेश के हजारों किसानों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। तुअर की पूरी खरीद सुनिश्चित होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बाजार में भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें उचित मूल्य मिल सकेगा।
सरसों के लिए भावांतर भुगतान योजना को मंजूरी
Farmers Meeting में सरसों उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए भावांतर भुगतान योजना के तहत राज्य सरकार के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भुगतान प्रक्रिया को तेज किया जाए ताकि किसानों को जल्द से जल्द उनका पैसा मिल सके। यह फैसला उन किसानों के लिए राहत भरा माना जा रहा है जो लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे थे।
दलहन मिशन और अन्य योजनाओं पर चर्चा
Farmers Meeting में दलहन-तिलहन मिशन के तहत मूंग और उड़द की खेती को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त लक्ष्य देने पर भी विचार किया गया।
इसके अलावा कई अन्य योजनाओं पर भी चर्चा हुई, जिनमें
- Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana
- Pradhan Mantri Awas Yojana (ग्रामीण)
- Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act (मनरेगा)
- Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana
जैसे कार्यक्रम शामिल रहे। इन योजनाओं के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
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फसल बीमा में तकनीकी सुधार के निर्देश
Farmers Meeting के दौरान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल नुकसान के आकलन को लेकर भी चर्चा हुई।
शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फसल नुकसान के आकलन के लिए केवल सैटेलाइट डेटा पर निर्भर न रहा जाए। इसके साथ क्रॉप कटिंग प्रयोग और रिमोट सेंसिंग तकनीक का भी उपयोग किया जाए, ताकि किसानों को सही और समय पर बीमा भुगतान मिल सके।
ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति
Farmers Meeting में ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर भी विशेष जोर दिया गया।
Pradhan Mantri Awas Yojana (ग्रामीण) के तहत गरीब परिवारों को घर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को तेज करने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana के तहत गांवों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में भी काम तेज करने की बात कही गई।
सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क और आवास सुविधाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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सियासी चर्चा के बीच विकास पर फोकस
Farmers Meeting की तस्वीरें सामने आने के बाद सियासी हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर यह बैठक पूरी तरह किसानों और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित बताई गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तुअर की 100 प्रतिशत खरीद, भावांतर योजना में राहत और फसल बीमा में सुधार जैसे फैसले मध्य प्रदेश के किसानों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
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