CBSE QR Code Issue: Central Board of Secondary Education की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के दौरान एक अजीब तकनीकी मामला सामने आया है। गणित के प्रश्नपत्र पर छपे क्यूआर कोड को स्कैन करने पर कुछ छात्रों के मोबाइल फोन में एक यूट्यूब लिंक खुलने लगा, जिससे सोशल मीडिया पर भ्रम की स्थिति बन गई।
CBSE QR Code Issue की यह परीक्षा 9 मार्च को आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद जब कुछ छात्रों ने प्रश्नपत्र पर छपे सुरक्षा क्यूआर कोड को स्कैन किया तो उनके मोबाइल फोन में यूट्यूब का एक लिंक खुल गया, जिसमें 1980 के दशक का मशहूर अंग्रेजी गीत दिखाई देने लगा।
9 मार्च को हुई थी गणित की परीक्षा
CBSE QR Code Issue की 12वीं कक्षा की गणित परीक्षा 9 मार्च को देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। परीक्षा समाप्त होने के बाद कुछ छात्रों ने जिज्ञासा के चलते प्रश्नपत्र पर छपे क्यूआर कोड को स्कैन किया।
स्कैन करने पर कई छात्रों के मोबाइल में सीधे यूट्यूब का लिंक खुल गया। बताया गया कि यह लिंक प्रसिद्ध अंग्रेजी गाने Never Gonna Give You Up से जुड़ा था, जिसे ब्रिटिश पॉप सिंगर Rick Astley ने गाया था।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला
CBSE QR Code Issue की घटना के बाद छात्रों ने प्रश्नपत्र की तस्वीरें और स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर करने शुरू कर दिए। कुछ छात्रों ने दावा किया कि क्यूआर कोड स्कैन करने पर सीधे यूट्यूब का वीडियो खुल रहा है।
वहीं कुछ छात्रों का कहना था कि उनके मोबाइल में क्यूआर कोड स्कैन करने पर केवल साधारण अक्षर जैसे “A” या “Q” दिखाई दे रहे थे। इससे छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों के बाद परीक्षा की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठने लगे और कई लोगों ने इस मामले की जांच की मांग की।

सीबीएसई ने दी सफाई
CBSE QR Code Issue मामले के सामने आने के बाद सीबीएसई ने तुरंत स्पष्टीकरण जारी किया। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि प्रश्नपत्र की सुरक्षा या उसकी गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं हुआ है।
सीबीएसई अधिकारियों के अनुसार प्रश्नपत्र पर लगाया गया क्यूआर कोड केवल पहचान और सुरक्षा के उद्देश्य से होता है। यह कोड प्रश्नपत्र के सेट नंबर, सीरियल नंबर या अन्य एन्क्रिप्टेड जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए उपयोग किया जाता है।
बोर्ड ने कहा कि यदि कुछ मामलों में क्यूआर कोड स्कैन करने पर कोई अन्य लिंक खुल रहा है तो यह तकनीकी समस्या हो सकती है।
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क्यूआर कोड का उद्देश्य क्या होता है
आमतौर पर बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों पर क्यूआर कोड का उपयोग दस्तावेज की पहचान और प्रमाणिकता सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि प्रश्नपत्र असली है और उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है।
क्यूआर कोड की मदद से प्रश्नपत्रों की ट्रैकिंग भी आसान हो जाती है और यदि कहीं कोई गड़बड़ी होती है तो उसे जल्दी पहचाना जा सकता है।
छात्रों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
CBSE QR Code Issue की घटना के बाद कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर हल्के-फुल्के अंदाज में प्रतिक्रिया दी और इसे “रिकरोल” घटना बताया। वहीं कुछ अभिभावकों ने इसे गंभीर तकनीकी गलती बताते हुए बोर्ड से स्पष्ट जानकारी देने की मांग की।
उनका कहना था कि परीक्षा जैसे संवेदनशील मामलों में तकनीकी व्यवस्थाएं पूरी तरह भरोसेमंद होनी चाहिए।
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आगे की जांच और सुधार की तैयारी
सीबीएसई ने कहा है कि CBSE QR Code Issue के मामले की जांच की जा रही है और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाया जाएगा कि ऐसा क्यों हुआ।
बोर्ड ने आश्वासन दिया है कि आने वाली परीक्षाओं में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए आवश्यक तकनीकी सुधार किए जाएंगे।
देशभर में हर साल लाखों छात्र सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाओं में शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना बोर्ड की प्राथमिकता है।
फिलहाल बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि वायरल तस्वीरों के बावजूद गणित का प्रश्नपत्र पूरी तरह सुरक्षित था और परीक्षा प्रक्रिया पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
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