Commercialisation of Space Sunita Williams: ने अंतरिक्ष अन्वेषण के भविष्य को लेकर एक बेहद अहम और दूरगामी बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब अंतरिक्ष केवल सरकारी एजेंसियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि उसका व्यवसायीकरण (Commercialisation of Space) आने वाले समय में नई-नई तकनीकों, नवाचारों और रोजगार के अभूतपूर्व अवसर पैदा कर रहा है। नई दिल्ली में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरिक्ष उद्योग का दायरा तेजी से फैल रहा है और यह बदलाव मानव जीवन के कई क्षेत्रों को प्रभावित करेगा चाहे वह दवाइयों का विकास हो, नई प्रणोदन प्रणालियां हों या फिर उन्नत अंतरिक्ष सूट और सैटेलाइट तकनीक।
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अंतरिक्ष अब सिर्फ सरकारों तक सीमित नहीं
NASA की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने कहा कि पहले अंतरिक्ष कार्यक्रम मुख्य रूप से सरकारी एजेंसियों के नियंत्रण में हुआ करते थे, लेकिन अब निजी कंपनियां भी इस क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। उनके अनुसार, ‘अंतरिक्ष का व्यवसायीकरण बेहद सकारात्मक है। इसका मतलब है कि अब लोग केवल रॉकेट या स्पेसक्राफ्ट ही नहीं, बल्कि सैटेलाइट, अंतरिक्ष प्रयोग, 3डी मेटल प्रिंटिंग और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में भी काम कर सकते हैं।’ यह बदलाव न केवल वैज्ञानिक अनुसंधान को गति देगा, बल्कि युवा इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और स्टार्टअप्स के लिए नए रास्ते खोलेगा।
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इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की ऐतिहासिक भूमिका
सुनीता विलियम्स ने International Space Station (ISS) को इस परिवर्तन की नींव बताया। उन्होंने कहा कि आईएसएस ने अंतरिक्ष में प्रयोग और तकनीकी परीक्षण के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है। उनके शब्दों में, ‘मैं इस बात को लेकर उत्साहित हूं कि स्पेस स्टेशन ने वह आधार तैयार कर दिया है, जिस पर अब व्यावसायिक कंपनियां आगे बढ़ रही हैं। भविष्य में यहां फार्मास्युटिकल उत्पादों का निर्माण, नई तकनीकों का परीक्षण और अंतरिक्ष यानों व सूट्स के लिए उन्नत समाधान विकसित किए जाएंगे।’ आईएसएस आज भी नई तकनीकों के लिए एक टेस्ट बेड की तरह काम कर रहा है।
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अंतरिक्ष मलबा, एक बड़ी चुनौती और अवसर
पिछले एक दशक में अंतरिक्ष में मलबे (Space Debris) की समस्या तेजी से बढ़ी है। इस पर चिंता जताते हुए सुनीता विलियम्स ने कहा कि अब पृथ्वी की कक्षा में बड़ी संख्या में निष्क्रिय सैटेलाइट और टुकड़े मौजूद हैं, जो भविष्य के मिशनों के लिए खतरा बन सकते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज Starlink के सैटेलाइट्स को कक्षा में चलते हुए देखा जा सकता है। यह तकनीकी प्रगति का संकेत है, लेकिन साथ ही मलबे की समस्या को भी बढ़ा रही है। उनका मानना है कि अंतरिक्ष की सफाई के लिए समाधान ढूंढना आने वाले समय में एक बड़ा और जरूरी व्यवसाय बन सकता है।
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चंद्रमा की ओर बढ़ती दुनिया और नया ‘स्पेस रेस’
चंद्रमा को लेकर वैश्विक रुचि एक बार फिर बढ़ रही है। इस पर बोलते हुए सुनीता विलियम्स ने स्वीकार किया कि आज एक तरह की आधुनिक स्पेस रेस चल रही है। हालांकि, उन्होंने इसे प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग और स्थिरता के नजरिए से देखने की बात कही। उनके अनुसार, हम चंद्रमा पर टिकाऊ तरीके से वापस जाना चाहते हैं। इसके साथ ही यह जरूरी है कि देशों के बीच सहयोग हो और काम करने के नियम तय हों कुछ वैसा ही जैसे अंटार्कटिका में किया गया है। यह दृष्टिकोण अंतरिक्ष को संघर्ष का नहीं, बल्कि साझेदारी का क्षेत्र बनाने की ओर इशारा करता है।
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रॉकेट ईंधन और पर्यावरण की चिंता
अंतरिक्ष अभियानों के पर्यावरणीय प्रभाव पर भी सुनीता विलियम्स ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि रॉकेट लॉन्च के दौरान बड़ी मात्रा में रासायनिक ईंधन जलता है, जिससे पर्यावरण पर असर पड़ता है। उनका मानना है कि भविष्य में साफ और हरित प्रणोदन प्रणालियों (Cleaner Propulsion Systems) पर काम करना बेहद जरूरी है। जैसे-जैसे मानवता लो अर्थ ऑर्बिट से आगे जाने की तैयारी कर रही है, वैसे-वैसे पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों का विकास अनिवार्य हो जाएगा।
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भारत से जुड़ा भावनात्मक संदेश
भारत से अपने गहरे रिश्तों को याद करते हुए सुनीता विलियम्स ने नई दिल्ली में एक भावुक संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि हाल के अंतरिक्ष मिशन के दौरान उनकी सुरक्षित वापसी के लिए भारत सहित दुनिया भर में लोगों ने प्रार्थनाएं कीं। उनके शब्दों में, ‘मैं दिल्ली आकर उन सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहती थी, जिन्होंने मेरे और मेरे क्रू के लिए प्रार्थना की। यह कहना कम होगा कि मैं आभारी हूं। मेरा सबसे बड़ा सबक यही है कि लोग अच्छे होते हैं और हम एक-दूसरे की परवाह करते हैं।’ यह बयान न केवल मानवीय संवेदना को दर्शाता है, बल्कि अंतरिक्ष यात्रियों के मानसिक और भावनात्मक पक्ष को भी सामने लाता है।
अंतरिक्ष में स्वास्थ्य और सुरक्षा पर फोकस
अंतरिक्ष स्टेशन पर स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों पर सवाल किए जाने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता और रखरखाव पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय साझेदार मिलकर ऐसी तकनीकों पर काम कर रहे हैं, जो लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने वाले अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रख सकें। उनका कहना था कि भविष्य के मिशनों के लिए बेहतर मेडिकल और तकनीकी समाधान विकसित करना प्राथमिकता में है।
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भविष्य की राह तैयार करता अंतरिक्ष व्यवसायीकरण
सुनीता विलियम्स के बयान यह साफ संकेत देते हैं कि अंतरिक्ष अन्वेषण अब एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। जहां एक ओर निजी कंपनियों की भागीदारी से तकनीकी प्रगति तेज होगी, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण, सहयोग और मानवता के मूल्यों को भी केंद्र में रखना होगा। अंतरिक्ष का व्यवसायीकरण केवल वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए अवसरों और जिम्मेदारियों का नया संसार भी है।
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