Fake NIA Officer: राजधानी के ऐतिहासिक लाल किला के पास बुधवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस ने खुद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का अधिकारी बताने वाले एक युवक को गिरफ्तार कर लिया। संदिग्ध परिस्थितियों में खड़े इस युवक से पूछताछ के दौरान जो खुलासे हुए, उन्होंने पूरे मामले को चौंकाने वाला बना दिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान मुदस्सिर के रूप में हुई है, जो जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले का निवासी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह कथित रूप से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी करता था।
गश्त के दौरान पुलिस को हुआ संदेह
Fake NIA Officer घटना बुधवार शाम की बताई जा रही है। नियमित पेट्रोलिंग के दौरान पुलिसकर्मियों की नजर लाल किले के पास खड़ी एक कार पर पड़ी, जिस पर जम्मू-कश्मीर का पंजीकरण नंबर लगा था। वाहन के पास खड़ा युवक इधर-उधर नजरें दौड़ा रहा था, जिससे उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं।
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सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील इस क्षेत्र में किसी भी असामान्य गतिविधि को गंभीरता से लिया जाता है। पुलिस ने युवक से पूछताछ शुरू की। उसने आत्मविश्वास से खुद को Fake NIA Officer बताया और एक पहचान पत्र भी दिखाया।
पहचान पत्र में दिखीं कई खामियां
पुलिस अधिकारियों ने जब पहचान पत्र को ध्यान से देखा तो उसकी बनावट और भाषा में कई त्रुटियां नजर आईं। कार्ड की प्रिंटिंग और डिजाइन आधिकारिक दस्तावेजों से मेल नहीं खा रहे थे। संदेह गहराने पर पुलिस ने उससे उसकी पोस्टिंग, वरिष्ठ अधिकारियों के नाम और ड्यूटी के बारे में सवाल पूछे।
युवक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। उसके बयान बार-बार बदल रहे थे। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर कोतवाली थाने लाया गया, जहां विस्तृत पूछताछ की गई।
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पूछताछ में टूटा झूठ का जाल
थाने में सख्ती से पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह किसी भी केंद्रीय एजेंसी से जुड़ा नहीं है। उसने अपना नाम मुदस्सिर बताया और पुलवामा का निवासी होने की बात कबूली।
जांच में यह भी सामने आया कि वह खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों पर प्रभाव डालता था। इसी झूठी पहचान के जरिए वह युवाओं का भरोसा जीतता और उनसे पैसे ऐंठता था।
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नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी कश्मीरी युवाओं को सरकारी विभागों और सुरक्षा एजेंसियों में नौकरी दिलाने का झांसा देता था। वह दावा करता था कि उसके उच्च अधिकारियों से संपर्क हैं और वह भर्ती प्रक्रिया में मदद कर सकता है।

इस भरोसे के बदले वह मोटी रकम वसूलता था। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि उसने सोशल मीडिया और निजी संपर्कों के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाई।
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Fake NIA Officer दस्तावेज और मोबाइल बरामद
पुलिस ने आरोपी के पास से कथित Fake NIA Officer पहचान पत्र, कुछ संदिग्ध दस्तावेज और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने किन-किन लोगों से संपर्क किया और कितनी रकम वसूली।
अधिकारियों को शक है कि Fake NIA Officer मामले में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। इस पहलू की भी गंभीरता से जांच की जा रही है।
कोतवाली थाने में मामला दर्ज
दिल्ली के कोतवाली थाने में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और सरकारी एजेंसी का प्रतिरूपण करने जैसी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने उसे अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
लाल किला जैसे ऐतिहासिक और संवेदनशील स्थल के पास इस तरह की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को और सतर्क कर दिया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राजधानी में किसी भी संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी एजेंसियों के नाम पर फर्जीवाड़ा करना केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला भी है। इससे जनता का भरोसा प्रभावित होता है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
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जनता से सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि नौकरी या सरकारी भर्ती के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को पैसे न दें। किसी भी ऑफर की पुष्टि केवल आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित विभाग से ही करें।
समय रहते पुलिस की सतर्कता से एक संभावित Fake NIA Officer फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो गया। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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