Skip to content
By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
TV Today BharatTV Today BharatTV Today Bharat
Notification Show More
Font ResizerAa
  • उत्तर प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • राजस्थान
  • ताजा खबर
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • राज्य
  • आस्था
  • हेल्थ
  • टेक्नोलॉजी
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • मनोरंजन
Reading: Gig Worker Strike India: डिलीवरी वर्कर्स की हड़ताल न्यू ईयर पर ऑनलाइन ऑर्डर ठप !, गिग इकॉनमी की असली सच्चाई
Share
Font ResizerAa
TV Today BharatTV Today Bharat
Search
  • उत्तर प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • राजस्थान
  • ताजा खबर
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • राज्य
  • आस्था
  • हेल्थ
  • टेक्नोलॉजी
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • मनोरंजन
Follow US

Home - Gig Worker Strike India: डिलीवरी वर्कर्स की हड़ताल न्यू ईयर पर ऑनलाइन ऑर्डर ठप !, गिग इकॉनमी की असली सच्चाई

Business NewsNational

Gig Worker Strike India: डिलीवरी वर्कर्स की हड़ताल न्यू ईयर पर ऑनलाइन ऑर्डर ठप !, गिग इकॉनमी की असली सच्चाई

क्रिसमस और न्यू ईयर पर डिलीवरी वर्कर्स की हड़ताल से क्या ऑनलाइन ऑर्डर ठप होंगे? स्विगी, जोमैटो, अमेज़न, फ्लिपकार्ट से जुड़े गिग वर्कर्स की मांग, हड़ताल की वजह और पूरा सच पढ़ें।

Last updated: दिसम्बर 25, 2025 1:19 अपराह्न
KARTIK SHARMA - Sub Editor Published दिसम्बर 25, 2025
Share
Gig worker strike in India with food and e-commerce delivery workers protesting over pay, safety, and working conditions during Christmas and New Year season.
क्रिसमस और न्यू ईयर पर डिलीवरी वर्कर्स की हड़ताल ने बढ़ाई चिंताTEAM TV TODAY BHARAT
SHARE
Highlights
  • 25 दिसंबर और 31 दिसंबर 2025 को गिग वर्कर्स की देशव्यापी हड़ताल का ऐलान, त्योहारों पर डिलीवरी प्रभावित होने की आशंका
  • फ़ूड डिलीवरी और ई-कॉमर्स दोनों सेक्टर के डिलीवरी पार्टनर शामिल, खासकर मेट्रो और टियर-2 शहर
  • कमाई में गिरावट, असुरक्षित टारगेट और मनमानी ID ब्लॉकिंग को लेकर गुस्सा
  • पारदर्शी वेतन, सोशल सिक्योरिटी और 10-मिनट डिलीवरी मॉडल पर पुनर्विचार प्रमुख मांगें

Gig Worker Strike India: भारत की तेजी से बढ़ती गिग इकॉनमी एक बार फिर सवालों के घेरे में है। क्रिसमस और न्यू ईयर जैसे हाई-डिमांड त्योहारों के बीच देशभर के डिलीवरी वर्कर्स ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है। इस आंदोलन का असर उन करोड़ों उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है जो रोज़मर्रा की जरूरतों से लेकर त्योहारों की खरीदारी तक के लिए ऐप-आधारित सेवाओं पर निर्भर हैं। हड़ताल का आह्वान करने वाली यूनियनों का कहना है कि गिग वर्कर्स लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स  की रीढ़ हैं, लेकिन उनके साथ काम की शर्तें लगातार खराब होती जा रही हैं।

READ MORE: दूसरे टी20 से पहले तिरुवनंतपुरम पहुंचीं दोनों टीमें, रोमांचक मुकाबले की तैयारी

हड़ताल के दायरे में फ़ूड डिलीवरी और ई-कॉमर्स दोनों शामिल हैं। यानी अगर आंदोलन व्यापक रहा, तो Swiggy, Zomato, Zepto, Blinkit, Amazon और Flipkart जैसे बड़े प्लेटफ़ॉर्म पर ऑर्डर डिले, स्लॉट कम या अस्थायी रूप से बंद होने की स्थिति बन सकती है। हालांकि, हर शहर में समान असर होगा या नहीं, यह स्थानीय भागीदारी पर निर्भर करेगा।

इस हड़ताल के पीछे मुख्य भूमिका निभा रही हैं Telangana Gig and Platform Workers Union और Indian Federation of App-Based Transport Workers। यूनियनों का कहना है कि त्योहारों के समय जब प्लेटफ़ॉर्म्स सबसे ज़्यादा कमाई करते हैं, तब डिलीवरी पार्टनर्स पर काम का दबाव बढ़ा दिया जाता है, लेकिन प्रति ऑर्डर भुगतान घटता चला गया है। लंबी शिफ्ट, अनिश्चित काम के घंटे, और इंसेंटिव-आधारित मॉडल में लगातार बदलते नियमों के कारण वास्तविक आय का अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है।

READ MORE: कंगाल पाकिस्तान की मजबूरी, एयरलाइन बेचकर भी नहीं छुपी नाकामी

वर्कर्स का आरोप है कि अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी जैसे 10 मिनट में ऑर्डर पहुँचाने के मॉडल सुरक्षा से समझौता कराते हैं। सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ता है, लेकिन बीमा कवरेज और सुरक्षा उपकरण पर्याप्त नहीं हैं। इसके साथ ही, प्लेटफ़ॉर्म द्वारा बिना स्पष्ट कारण बताए अकाउंट सस्पेंड या ब्लॉक कर देना रोज़गार की अनिश्चितता को और बढ़ा देता है। कई वर्कर्स बताते हैं कि अपील की प्रक्रिया जटिल है और निर्णय पारदर्शी नहीं होते।

मांगों की सूची लंबी है, लेकिन उसका मूल एक ही है गरिमा और सुरक्षा। गिग वर्कर्स चाहते हैं कि भुगतान संरचना पारदर्शी हो, जो वास्तविक काम के घंटों, दूरी, ईंधन और रखरखाव जैसी लागतों को सही तरह से दर्शाए। वे यह भी चाहते हैं कि काम मिलने की न्यूनतम गारंटी हो, ताकि “ऑनलाइन रहने” के बावजूद खाली बैठने की मजबूरी न रहे। अनिवार्य आराम, हीट-रेन प्रोटेक्शन, हेलमेट-जैकेट जैसे सुरक्षा उपकरण, और बेहतर दुर्घटना बीमा को वे बुनियादी अधिकार मानते हैं।

READ MORE: श्रीहरिकोटा से ISRO का बड़ा मिशन, LVM3-M6 के जरिए BlueBird Block-2 सैटेलाइट होगा लॉन्च

यह बहस केवल वेतन तक सीमित नहीं है, यह गिग इकॉनमी के भविष्य से जुड़ी है। भारत में लाखों युवा और प्रवासी कामगार ऐप-आधारित काम को रोज़गार का जरिया मान चुके हैं। प्लेटफ़ॉर्म्स उन्हें पार्टनर कहते हैं, लेकिन यूनियनों का तर्क है कि जब नियम, एल्गोरिदम और दंड एकतरफा तय होते हैं, तो पार्टनरशिप का दावा खोखला हो जाता है। इसी वजह से सोशल सिक्योरिटी जैसे पेंशन, हेल्थ इंश्योरेंस और मातृत्व लाभ को लेकर भी दबाव बढ़ रहा है।

उपभोक्ताओं के लिए सवाल यह है कि क्या सच में त्योहारों पर ऑर्डर ठप होंगे? ज़मीनी हकीकत यह है कि असर शहर-दर-शहर अलग हो सकता है। कुछ जगहों पर आंशिक सेवाएं चलती रह सकती हैं, तो कहीं पीक स्लॉट्स में डिलीवरी सीमित हो सकती है। प्लेटफ़ॉर्म्स अक्सर वैकल्पिक इंसेंटिव या अस्थायी व्यवस्थाओं से संचालन बनाए रखने की कोशिश करते हैं, लेकिन व्यापक भागीदारी होने पर देरी और कैंसिलेशन की संभावना बढ़ जाती है।

READ MORE: 10 हजार करोड़ की ‘कैंची’,अनिरुद्ध बहल का खुलासा, कट्टरपंथियों की चुप्पी पर सवाल

नीति-निर्माताओं के लिए यह चेतावनी है कि गिग इकॉनमी को अनदेखा करना अब मुमकिन नहीं। केंद्र और राज्यों में गिग वर्कर्स के लिए कानूनों पर चर्चा चल रही है, लेकिन ज़मीन पर असर धीमा है। यूनियनों की मांग है कि सरकारें न्यूनतम मानक तय करें—भुगतान, सुरक्षा और शिकायत निवारण के लिए ताकि प्लेटफ़ॉर्म प्रतिस्पर्धा के नाम पर वर्कर्स की सुरक्षा से समझौता न करें।

अंततः, यह टकराव एक संतुलन की मांग है तेज़, सस्ती और सुविधाजनक डिलीवरी बनाम सुरक्षित, सम्मानजनक और टिकाऊ रोज़गार। अगर बातचीत के ज़रिये समाधान नहीं निकला, तो आने वाले समय में ऐसी हड़तालें बढ़ सकती हैं। आज का बड़ा सवाल यही है क्या गिग इकॉनमी केवल ऐप्स की रफ्तार से चलेगी, या उन हाथों की सुरक्षा और अधिकारों के साथ, जो हर ऑर्डर को आपके दरवाज़े तक पहुंचाते हैं?

ALSO READ MORE SPORT NEWS

You Might Also Like

Variety मैगज़ीन लॉन्च में परवती तिरुवोथु पर बॉडी शेमिंग, सोशल मीडिया पर बहस

Balochistan Insurgency in Pak Explainers:  जिस देश को हर मोर्चे पर दुश्मन दिखते हैं, वही पाकिस्तान अपने ही बलूचिस्तान में हारती हुई जंग लड़ रहा है

UP Madrasa Funding: उत्तर प्रदेश में मदरसों की फंडिंग पर जांच के आदेश, विदेशी चंदे पर सख्ती

CM Yogi News: 2.20 लाख करोड़ लोन प्लान, यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार

Google AI-powered feature : Google ने भारत में AI पावर्ड फोटो एडिटिंग फीचर लॉन्च किया

Quick Link

  • Contact Us
  • Blog Index
TAGGED:Bharat tv liveChristmas New Year OrdersDelivery Workers ProtestE-commerce Delivery DisruptionGig Worker Strike IndiaSwiggy Zomato StrikeToday Big BreakingWatch Live TV
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Parvathy Thiruvothu body shaming: Parvathy Thiruvothu at Variety magazine India launch in black outfit
Manoranjan

Variety मैगज़ीन लॉन्च में परवती तिरुवोथु पर बॉडी शेमिंग, सोशल मीडिया पर बहस

फ़रवरी 4, 2026
Balochistan Insurgency in Pakistan: as security forces and civilians face deadly rebel attacks during violent unrest in the province
Explainer Tv Today BharatNational

Balochistan Insurgency in Pak Explainers:  जिस देश को हर मोर्चे पर दुश्मन दिखते हैं, वही पाकिस्तान अपने ही बलूचिस्तान में हारती हुई जंग लड़ रहा है

फ़रवरी 3, 2026
UP Madrasa Funding: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान
AasthaUttar Pradesh

UP Madrasa Funding: उत्तर प्रदेश में मदरसों की फंडिंग पर जांच के आदेश, विदेशी चंदे पर सख्ती

फ़रवरी 3, 2026
CM Yogi News: Lucknow में SLBC बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
RajyaUttar Pradesh

CM Yogi News: 2.20 लाख करोड़ लोन प्लान, यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार

फ़रवरी 2, 2026
Google AI-powered photo editing feature: Google का नया AI-पावर्ड फोटो एडिटिंग फीचर भारत में लॉन्च
NationalTakaneekee

Google AI-powered feature : Google ने भारत में AI पावर्ड फोटो एडिटिंग फीचर लॉन्च किया

फ़रवरी 2, 2026
BJP Maithili Thakur Union Budget NEET case: BJP leader Maithili Thakur speaking on Union Budget and NEET aspirant death case
NationalPolitics

Union Budget पर BJP की मैथिली ठाकुर का समर्थन, NEET केस में त्वरित न्याय की मांग

फ़रवरी 2, 2026

TVTodayBharat एक डिजिटल-फर्स्ट हिंदी समाचार मंच है, जहाँ हम ताज़ा खबरें, राष्ट्रीय व राज्यीय अपडेट, खेल, मनोरंजन, टेक, हेल्थ, एजुकेशन और लाइफ़स्टाइल जैसी श्रेणियों में तेज़, सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग पेश करते हैं। हमारा उद्देश्य सरल भाषा में भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना, हर खबर के संदर्भ और तथ्य स्पष्ट करना, और ज़रूरत पड़ने पर समय पर सुधार प्रकाशित करना है। हम सनसनी से दूर रहते हुए प्रमाणित स्रोतों, डेटा और ग्राउंड इनपुट पर आधारित पत्रकारिता करते हैं, ताकि आप एक ही जगह पर विश्वसनीय समाचार, विश्लेषण, फोटो-वीडियो और वेब स्टोरीज़ पा सकें।

  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Editorial Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions

TVTodayBharat एक डिजिटल-फर्स्ट हिंदी समाचार मंच है, जहाँ हम ताज़ा खबरें, राष्ट्रीय व राज्यीय अपडेट, खेल, मनोरंजन, टेक, हेल्थ, एजुकेशन और लाइफ़स्टाइल जैसी श्रेणियों में तेज़, सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग पेश करते हैं। हमारा उद्देश्य सरल भाषा में भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना, हर खबर के संदर्भ और तथ्य स्पष्ट करना, और ज़रूरत पड़ने पर समय पर सुधार प्रकाशित करना है। हम सनसनी से दूर रहते हुए प्रमाणित स्रोतों, डेटा और ग्राउंड इनपुट पर आधारित पत्रकारिता करते हैं, ताकि आप एक ही जगह पर विश्वसनीय समाचार, विश्लेषण, फोटो-वीडियो और वेब स्टोरीज़ पा सकें।

  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Editorial Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
© TVTodayBharat | Design by Vivek
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?