PM Modi CCS Meeting: मिडिल ईस्ट में तेजी से बदलते हालात और ईरान-इजराइल तनाव के बीच भारत सरकार ने अपनी कूटनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार देर रात राजधानी लौटते ही उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलाई। इसके साथ ही उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात और इजराइल के शीर्ष नेतृत्व से फोन पर बातचीत कर क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की।
भारत ने स्पष्ट किया है कि उसकी प्राथमिकता क्षेत्र में शांति, स्थिरता और वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
देर रात CCS की उच्चस्तरीय बैठक
प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली पहुंचते ही Cabinet Committee on Security (CCS) की बैठक बुलाई। CCS देश का सर्वोच्च सुरक्षा निर्णय मंच है, जहां राष्ट्रीय सुरक्षा, सामरिक और विदेश नीति से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर निर्णय लिए जाते हैं।
PM Modi CCS Meeting में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, विदेश सचिव और रक्षा व गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, PM Modi CCS meeting में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति, संभावित सुरक्षा जोखिम, ऊर्जा आपूर्ति और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर विस्तृत समीक्षा की गई।
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UAE राष्ट्रपति से बातचीत
PM Modi CCS meeting में प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan से फोन पर बात की। उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए यूएई पर हुए हमलों की निंदा की और जानमाल के नुकसान पर संवेदना व्यक्त की।
PM Modi CCS meeting में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस कठिन समय में यूएई के साथ खड़ा है। उन्होंने वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यूएई सरकार के प्रयासों की सराहना भी की।
इजराइली प्रधानमंत्री से चर्चा
इसके बाद प्रधानमंत्री ने इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से भी बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव, सुरक्षा हालात और संभावित कूटनीतिक समाधान पर चर्चा की।
भारत ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह हिंसा के बजाय संवाद और कूटनीतिक समाधान का समर्थन करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील की।
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होर्मुज जलडमरूमध्य पर विशेष नजर
PM Modi CCS meeting में Strait of Hormuz की स्थिति पर भी विशेष चर्चा हुई। यह समुद्री मार्ग भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश की बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की आपूर्ति इसी रास्ते से होकर आती है।
यदि इस मार्ग में किसी तरह की बाधा उत्पन्न होती है तो इसका सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। सरकार ने संबंधित एजेंसियों को स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ईरान में लगभग 10,000 भारतीय नागरिक और इजराइल में 40,000 से अधिक भारतीय रहते हैं। इसके अलावा खाड़ी और पश्चिम एशिया के अन्य देशों में करीब 90 लाख भारतीय प्रवासी मौजूद हैं।
विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि क्षेत्र में स्थित भारतीय दूतावास लगातार अपने नागरिकों के संपर्क में हैं। हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं और आपातकालीन सहायता व्यवस्था सक्रिय कर दी गई है।

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छात्रों और यात्रियों पर विशेष ध्यान
PM Modi CCS meeting में उन भारतीय छात्रों और यात्रियों की स्थिति की भी समीक्षा की गई, जो परीक्षाओं या अन्य कारणों से क्षेत्र में मौजूद हैं। सरकार ने निर्देश दिया है कि आवश्यकता पड़ने पर त्वरित सहायता और निकासी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
भारत ने अतीत में भी संघर्ष की स्थितियों में अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष अभियान चलाए हैं। सरकार ने संकेत दिया है कि हालात बिगड़ने की स्थिति में सभी विकल्प खुले रखे गए हैं।
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संतुलित कूटनीति की रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत इस संवेदनशील परिस्थिति में संतुलित कूटनीति अपनाने की कोशिश कर रहा है। एक ओर उसके यूएई और इजराइल के साथ मजबूत रणनीतिक संबंध हैं, तो दूसरी ओर ईरान भी ऊर्जा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से अहम साझेदार है।
भारत की नीति स्पष्ट है तनाव कम हो, संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़े और क्षेत्रीय स्थिरता कायम रहे।
मिडिल ईस्ट की स्थिति फिलहाल अनिश्चित बनी हुई है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की सक्रिय कूटनीतिक पहल यह दर्शाती है कि भारत वैश्विक स्तर पर जिम्मेदार भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। PM Modi CCS meeting, शीर्ष नेताओं से बातचीत और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान ये सभी कदम इस बात का संकेत हैं कि भारत स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।
आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं, इस पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी, लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह शांति, संवाद और स्थिरता का समर्थक है।
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