Shri Ram Yantra Installation: हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर अयोध्या के राम मंदिर में एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण देखने को मिला, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंदिर के तृतीय तल पर 150 किलोग्राम वजनी स्वर्ण निर्मित Shri Ram Yantra Installation का विधिवत अनुष्ठान किया। इस दिव्य कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल समेत लगभग 7000 से अधिक संत, श्रद्धालु और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। पूरे परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।
भव्य अनुष्ठान के साथ हुआ ‘Shri Ram Yantra Installation’
यह Shri Ram Yantra Installation केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं और वैदिक ऊर्जा का प्रतीक माना जा रहा है। नौ दिनों तक चले विशेष वैदिक यज्ञ और पूजा के बाद इस यंत्र की स्थापना की गई। इस दौरान देशभर से आए विद्वान पंडितों और संतों ने अनुष्ठान को पूर्ण विधि-विधान के साथ संपन्न कराया। मंदिर परिसर में भक्ति का ऐसा माहौल था कि हर श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनना चाहता था।
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150 किलो वजनी यंत्र, दिव्यता और ऊर्जा का प्रतीक
इस Shri Ram Yantra Installation में स्थापित यंत्र करीब 150 किलोग्राम वजन का है, जिसे सोने और मिश्रित धातुओं से तैयार किया गया है। इसकी बाहरी सतह पर स्वर्ण प्लेटिंग की गई है, जिससे इसकी भव्यता और भी बढ़ जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह यंत्र सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और नकारात्मक शक्तियों को समाप्त करता है। माना जाता है कि इसके प्रभाव से मानसिक शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
कांची पीठ से जुड़ा है यंत्र का आध्यात्मिक महत्व
इस यंत्र की खास बात यह है कि यह कांची कामकोटि पीठ में स्थापित मूल श्रीराम यंत्र की प्रतिकृति है। इसे कांची पीठ के शंकराचार्य स्वामी विजयेंद्र सरस्वती के मार्गदर्शन में तैयार किया गया और अयोध्या लाया गया। वर्ष 2024 में इस यंत्र को विशेष रथयात्रा के माध्यम से तिरुपति से अयोध्या लाया गया था, जिसके बाद इसे राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा गया।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया पूजन
Shri Ram Yantra Installation के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। उन्होंने हाथ में पूजन सामग्री से भरा पात्र लेकर भगवान श्रीराम के चरणों में अर्पित किया। इस दौरान मंदिर परिसर में लगातार मंत्रोच्चार होता रहा, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। पूजा के बाद राष्ट्रपति ने रामलला के दर्शन भी किए और देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
7000 श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने बनाया ऐतिहासिक पल
इस भव्य आयोजन में लगभग 7000 लोग मौजूद रहे, जिनमें संत, कारसेवक, मंदिर निर्माण से जुड़े कर्मी और आम श्रद्धालु शामिल थे। सभी ने इस Shri Ram Yantra Installation को अपनी आंखों से देखा और इसे जीवन का यादगार क्षण बताया। मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
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आस्था और संस्कृति का संगम बना अयोध्या
अयोध्या में हुआ यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था की झलक भी था। Shri Ram Yantra Installation के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सनातन परंपराएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी प्राचीन काल में थीं। इस आयोजन ने न केवल श्रद्धालुओं के मन में भक्ति की भावना को मजबूत किया, बल्कि अयोध्या को एक बार फिर आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित किया।
भविष्य में और बढ़ेगा धार्मिक पर्यटन
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से अयोध्या में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। Shri Ram Yantra Installation के बाद देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा हो सकता है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और अयोध्या का वैश्विक धार्मिक मानचित्र पर महत्व और बढ़ेगा।
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