Nepal Election 2026: भारत के पड़ोसी देश Nepal में आज नई सरकार के गठन के लिए मतदान हो रहा है। वर्ष 2025 में हुए व्यापक Gen Z विरोध प्रदर्शनों के बाद यह पहला आम चुनाव है, इसलिए इसे देश की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। इस Nepal Election 2026 में पारंपरिक और अनुभवी नेताओं के सामने युवाओं की नई पीढ़ी चुनौती बनकर उभरी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव तय करेगा कि नेपाल की जनता एक बार फिर पुराने नेतृत्व पर भरोसा करती है या नए और युवा चेहरों को सत्ता सौंपना चाहती है।
275 सीटों के लिए हो रहा चुनाव
नेपाल की संसद के निचले सदन House of Representatives of Nepal की कुल 275 सीटों के लिए मतदान कराया जा रहा है। इनमें से 165 सीटों पर प्रत्यक्ष चुनाव होते हैं, जबकि 110 सीटें आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत राजनीतिक दलों को मिले कुल वोट प्रतिशत के आधार पर आवंटित की जाती हैं।
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देशभर में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की अच्छी खासी भीड़ देखी जा रही है। Elections आयोग ने दूर-दराज के पहाड़ी और बर्फीले क्षेत्रों में भी मतदान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पहले से ही सामग्री और सुरक्षा बल तैनात कर दिए थे। नेपाल के भौगोलिक हालात चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद Elections प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा करने की तैयारी की गई है।
बांग्लादेश की तरह तुरंत शुरू होती है मतगणना
Nepal Election 2026 प्रक्रिया की एक खास बात यह भी है कि यहां मतदान समाप्त होते ही मतगणना शुरू कर दी जाती है। यह व्यवस्था काफी हद तक Bangladesh की Elections प्रणाली से मिलती-जुलती है।
मतदान खत्म होने के बाद ही बैलेट बॉक्स और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्डिंग के आधार पर वोटों की गिनती शुरू कर दी जाती है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि देर रात तक शुरुआती रुझान सामने आने लगेंगे। हालांकि अंतिम नतीजे आने में कुछ दिन लग सकते हैं, क्योंकि नेपाल के कई इलाकों से मतपेटियां पहुंचने में समय लगता है।
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सीनियर नेताओं की अग्नि परीक्षा
इस बार का चुनाव कई अनुभवी नेताओं के लिए भी एक बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। लंबे समय से नेपाल की राजनीति में सक्रिय कई वरिष्ठ नेता फिर से चुनाव मैदान में हैं। इनमें Sher Bahadur Deuba, K. P. Sharma Oli और Pushpa Kamal Dahal जैसे दिग्गज शामिल हैं।
ये नेता दशकों से देश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं और कई बार सरकार का नेतृत्व भी कर चुके हैं। हालांकि 2025 के युवा प्रदर्शनों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने पारंपरिक राजनीतिक नेतृत्व के प्रति नाराजगी भी जताई थी। ऐसे में इन नेताओं के चुनावी प्रदर्शन पर पूरे देश की नजर टिकी हुई है।
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युवा चेहरों की बढ़ती भूमिका
इस बार Nepal Election 2026 की सबसे खास बात यह है कि बड़ी संख्या में युवा उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में हैं। सोशल मीडिया और जनसभाओं के जरिए युवाओं ने राजनीतिक बदलाव की मांग को मजबूत किया है।
कई विश्लेषकों का मानना है कि 2025 के आंदोलन ने नेपाल की राजनीति में युवाओं की भूमिका को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत कर दिया है। यही वजह है कि कई नई पार्टियां और स्वतंत्र उम्मीदवार भी चुनाव में सक्रिय नजर आ रहे हैं।
बालेन्द्र शाह पर टिकी नजरें
Elections के दौरान जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है Balen Shah। वह पहले काठमांडू के मेयर रह चुके हैं और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता काफी अधिक मानी जाती है।
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2025 के प्रदर्शनों के दौरान भी उनका नाम अक्सर सुर्खियों में रहा था और कई लोग उन्हें देश के संभावित नए नेतृत्व के रूप में देख रहे थे। हालांकि राजनीतिक समीकरणों के चलते वह तत्काल सत्ता तक नहीं पहुंच पाए। इस बार चुनाव में उन्हें संभावित प्रधानमंत्री उम्मीदवारों में गिना जा रहा है।
गगन थापा भी पीएम पद की दौड़ में
प्रधानमंत्री पद की दौड़ में एक और प्रमुख नाम Gagan Thapa का भी माना जा रहा है। वह नेपाल की प्रमुख राजनीतिक पार्टी नेपाली कांग्रेस के नए और अपेक्षाकृत युवा नेताओं में गिने जाते हैं।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर चुनाव परिणामों में युवा नेताओं को पर्याप्त समर्थन मिला तो नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
चुनौतीपूर्ण भूगोल के बीच चुनावी तैयारी
नेपाल का भूगोल चुनाव कराने के लिहाज से दुनिया के सबसे कठिन इलाकों में माना जाता है। देश में दुनिया की 10 सबसे ऊंची पर्वत चोटियों में से 8 स्थित हैं, जिनमें प्रसिद्ध Mount Everest भी शामिल है।
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ऐसे दुर्गम इलाकों में मतदान सामग्री और कर्मचारियों को पहुंचाना बड़ी चुनौती होती है। इसके बावजूद Nepal Election 2026 आयोग ने पहले से ही सभी जरूरी इंतजाम कर लिए थे। अंतरराष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी सहायता के जरिए Elections प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा करने की कोशिश की जा रही है।
नेपाल की राजनीति के लिए निर्णायक चुनाव
Nepal Election 2026 के राजनीतिक भविष्य के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 2025 के प्रदर्शनों के बाद जनता की अपेक्षाएं भी काफी बढ़ गई हैं।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता स्थिरता और अनुभव को प्राथमिकता देते हैं या फिर बदलाव और युवा नेतृत्व को मौका देना चाहते हैं। चुनाव के नतीजे न केवल नेपाल की आंतरिक राजनीति बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की राजनीतिक दिशा पर भी प्रभाव डाल सकते हैं।
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