Haryana Pre Budget Meeting: बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हरियाणा विजन 2047 का मतलब केवल औद्योगिक प्रगति नहीं, बल्कि कृषि को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की पहचान किसान और खेती से जुड़ी है, इसलिए बजट का फोकस किसान आय बढ़ाने, जोखिम कम करने और नई तकनीक को ज़मीन तक पहुंचाने पर रहेगा। सरकार का लक्ष्य है कि अगले 20-25 सालों में हरियाणा कृषि उत्पादन, मूल्य-संस्करण और निर्यात के मामले में देश का अग्रणी राज्य बने।

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किसानों की सीधी भागीदारी से बनेगा बजट
प्री-बजट बैठक में किसान संगठन, कृषि वैज्ञानिक, विश्वविद्यालय के उद्यमियों और कृषि-उद्यमियों ने खुलकर अपने सुझाव रखे। किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की प्रभावी खरीद, फसल विविधीकरण, सिंचाई लागत और मौसम से होने वाले नुकसान जैसे उद्योगों को प्रमुखता से उठाया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि बजट फाइलों से नहीं, खेतों से निकली आवाज़ पर आधारित होगा, ताकि योजनाएंएँ ज़मीनी सच्चाई से जुड़ी रहें।
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फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती पर ज़ोर
बैठक में यह माना गया कि पारंपरिक फसलों पर अत्यधिक निर्भरता से मिट्टी की सेहत और पानी के स्तर पर दबाव बढ़ाया है। इसलिए बजट में दलहन, तिलहन, सब्जी और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन की बात सामने आई। सरकार प्राकृतिक खेती, सूक्ष्म सिंचाई और जल संरक्षण को प्राथमिकता देने की योजना बना रही है, ताकि उत्पादन बढ़े और लागत घटे।
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कृषि अनुसंधान और तकनीक का विस्तार
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक ने नई नई किस्मों, जलवायु-सहिष्णु बीजों और डिजिटल खेती पर प्रस्तुति दी। ड्रोन तकनीक, सटीक खेती (Precision Farming) और डेटा-आधारित सब्जियों को बजट में स्थान देने का सुझाव दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिसर्च लैब से लेकर खेत तक तकनीक की दूरी कम की जाएगी, ताकि छोटे और मध्यम किसान भी आधुनिक सब्जियों का लाभ उठा सकें।
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसान आय
बैठक में ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, भंडारण क्षमता, कोल्ड चेन और प्रोसेसिंग यूनिट्स पर निवेश बढ़ाने की ज़रूरत बताई गई। इससे न केवल फसल की बर्बादी रुकेगी, बल्कि किसानों को बेहतर दाम भी मिलेंगे। सरकार का फोकस फार्म-टू-मार्केट समन्वय मजबूत करने पर है, ताकि उत्पाद सीधे बाज़ार और निर्यात तक पहुंच सकें।
युवा किसानों और स्टार्टअप्स के लिए अवसर
प्री-बजट चर्चा में यह भी उभरा कि खेती को युवाओं के लिए आकर्षक बनाना समय की मांग है। एग्री-स्टार्टअप्स, फूड प्रोसेसिंग और एग्री-टेक नवाचारों के लिए वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण की सिफारिश की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कृषि को उद्यमिता से जोड़कर रोजगार सृजन का बड़ा अवसर बनाएगी।
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मौसम जोखिम और बीमा सुरक्षा
जलवायु परिवर्तन के दौर में किसानों की चिंता को देखते हुए फसल बीमा, आपदा राहत और मौसम पूर्वानुमान को मजबूत करने पर सहमति बनी। बजट में ऐसी व्यवस्था पर विचार हुआ, जिससे प्राकृतिक आपदाओं का असर कम किया जा सके और किसान को तुरंत सहायता मिले।
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किसान के साथ, भविष्य की ओर
प्री-बजट बैठक का सार यही रहा है कि हरियाणा का भविष्य खेती से बढ़ता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार किसानों को केवल लाभ नहीं, बल्कि विकास चेहरे स्वीकार्य है। विजन 2047 के तहत तैयार हो रहा यह रोडमैप आने वाले बजट को सिर्फ आमदनी दस्तावेज नहीं, बल्कि आगामी आमदनी के लिए दिशा-दर्शक बनाएगा। हिसार में हुई यह प्री-बजट बैठक स्पष्ट संकेत देती है कि हरियाणा सरकार किसान-संगठन, तकनीक-संचालित और टिकाऊ कृषि की ओर निर्णायक कदम बढ़ा रही है। किसानों की भागीदारी, वैज्ञानिक सुझाव और सतत सोच तीनों के समन्वय से तैयार हो रहा बजट हरियाणा विजन 2047 को मजबूत आधार देने वाला साबित हो सकता है।
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