Nainital Winter Carnival 2025: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरोवर नगरी नैनीताल में आयोजित विंटर कार्निवाल में पहुंचकर देवतुल्य जनता को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी लोक संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति से है, और ऐसे आयोजन राज्य की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने मंच से कलाकारों और आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि लोक कलाकार ही हमारी परंपराओं के सच्चे संवाहक हैं।
READ MORE: मसूरी वन प्रभाग में बाउंड्री पिलर कहां हो गया गायब ? हाईकोर्ट की सख्ती के बाद ऐसे खुला राज !
सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद नैनीताल की पावन भूमि पर आयोजित यह भव्य विंटर कार्निवाल न केवल स्थानीय लोगों बल्कि देश-विदेश से आए पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। झीलों के शहर नैनीताल में सर्दियों के मौसम में रंग-बिरंगी रोशनी, लोक संगीत की धुनें और पारंपरिक परिधानों में सजे कलाकारों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। यह आयोजन शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।
READ MORE: मैदान से मेडल तक, उत्तराखंड में खिलाड़ियों के सपने अब ले रहे हैं उड़ान
विंटर कार्निवाल के दौरान उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति पर आधारित विभिन्न प्रस्तुतियां देखने को मिलीं। कुमाऊं और गढ़वाल की पारंपरिक नृत्य शैलियां, लोक गीत, ढोल-दमाऊं की गूंज और सांस्कृतिक झांकियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही स्थानीय कारीगरों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में पारंपरिक हस्तशिल्प, ऊनी वस्त्र और पहाड़ी उत्पादों की झलक ने उत्तराखंड की कारीगरी की समृद्ध परंपरा को सामने रखा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि नैनीताल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सालभर गतिविधियां आयोजित कर पर्यटन को बारहमासी बनाया जाए। विंटर कार्निवाल जैसे आयोजनों से होटल, टैक्सी, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार से जुड़े हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है। यह आयोजन “वोकल फॉर लोकल” की भावना को भी मजबूत करता है, जिससे स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलता है।
READ MORE: 80% माल बरामद, फिर भी हमला क्यों? विनय त्यागी केस में प्रॉपर्टी पेपर्स का खेल
नैनीताल का विंटर कार्निवाल केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आत्मा को महसूस करने का अवसर है। बर्फीली हवाओं के बीच झील किनारे सजी यह महफिल पर्यटकों को पहाड़ की संस्कृति, पारंपरिक स्वाद और प्राकृतिक सौंदर्य से रूबरू कराती है। लंबे अंतराल के बाद आयोजित इस समारोह ने यह संदेश दिया है कि उत्तराखंड शीतकालीन पर्यटन में भी देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।
Follow Us: YouTube| Tv today Bharat Live | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat| X | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram
