PRAGATI Portal Governance। : प्रगति पोर्टल के संबंध में मीडिया को जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, सामाजिक योजनाएं और सिस्टम रिफॉर्म को लेकर टीम इंडिया का अप्रोच प्रगति पोर्टल के माध्यम से और अधिक सुदृढ़ हुआ है। यह प्लेटफॉर्म इस बात का ठोस उदाहरण है कि किस तरह मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस को व्यवहार में उतारा जा सकता है।
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राष्ट्रीय स्तर पर प्रोजेक्ट्स को मिली नई गति
मुख्यमंत्री ने बताया कि PRAGATI के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर 86 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को गति मिली है। इनमें 377 प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी समीक्षा सीधे प्रधानमंत्री द्वारा की जाती है। कुल 3162 मुद्दों में से 2958 का समाधान हो चुका है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि देश की गवर्नेंस क्रेडिबिलिटी को दर्शाते हैं।
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उत्तर प्रदेश बना इंफ्रास्ट्रक्चर का ग्रोथ इंजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर का ग्रोथ इंजनबनकर उभरा है। देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स उत्तर प्रदेश में संचालित हो रहे हैं। बीते आठ वर्षों में यूपी को एक्सप्रेस-वे राज्य के रूप में स्थापित करने में सरकार को सफलता मिली है।
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एक्सप्रेस वे, रेलवे और रैपिड रेल में ऐतिहासिक प्रगति
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क मौजूद है। देश की पहली रैपिड रेल भी यूपी में शुरू हुई है और देश का पहला रोपवे भी यहीं निर्माणाधीन है। इन सभी परियोजनाओं का समयबद्ध तरीके से पूरा होना इस बात का प्रमाण है कि निरंतर समीक्षा और मॉनिटरिंग कितनी अहम है। यह निरंतर समीक्षा प्रगति पोर्टल के माध्यम से और मजबूत हुई।
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प्रगति के तहत यूपी के बड़े प्रोजेक्ट्स
उत्तर प्रदेश में प्रगति पोर्टल के अंतर्गत 4 लाख 19 हजार करोड़ रुपये के 65 बड़े प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। इनमें से 26 प्रोजेक्ट्स कमीशन्ड हो चुके हैं, जबकि 39 प्रोजेक्ट्स निर्माण के अलग-अलग चरणों में हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्व, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर विकास सहित विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों का एक साथ समन्वय बनाकर समाधान किया जाता है, जिससे देरी और बाधाएं कम होती हैं।
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सिस्टम रिफॉर्म और समन्वय का प्रभाव
प्रगति प्लेटफार्मों ने सिस्टम सुधार को नई दिशा दी है। पहले जहां फाइलें घूमती थीं, वहीं अब एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी संबंधित कंपनियां साथ मूर्तियां समाधान निकालती हैं। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि विस्थापन और जवाबदेही भी बढ़ती है।
टीम इंडिया स्पिरिट को मिली मजबूती
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रगति मंच ने टीम इंडिया स्पिरिट को और ज्यादा इफेक्टिव बनाया है। जब केंद्र और राज्य एक साथ जुड़कर आगे बढ़ते हैं, तो उसके परिणाम भी उतने ही पॉजिटिव सामने आते हैं। प्रगति पोर्टल के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को जमीन पर उतारने में राज्यों को बड़ी मदद मिली है।
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समस्या नहीं, समाधान पर फोकस
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब शासन व्यवस्था में समस्या पर चर्चा नहीं, बल्कि समाधान पर चर्चा होती है। प्रगति पोर्टल ने यह सुनिश्चित किया है कि हर बड़ी परियोजना की नियमित समीक्षा हो और तय समयसीमा में उसका समाधान निकले। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश आज इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और विकास के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में पहुंच रहा है। प्रगति पोर्टल ने न केवल योजनाओं की गति बढ़ाई है, बल्कि गवर्नेंस के पूरे मॉडल को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाया है। उत्तर प्रदेश का अनुभव यह बताता है कि अगर तकनीक, राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक समन्वय एक साथ आएं, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी समय पर हासिल किया जा सकता है। यही मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस की असली पहचान है।
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