Sambhal Murder Case: संभल से सामने आया यह मामला रिश्तों की उस भयावह तस्वीर को दिखाता है, जहां सात फेरों के वादे समय के साथ नफरत और खून में बदल गए। रूबी… यही है उस महिला का नाम, जिसने करीब 12 साल पहले पति राहुल के साथ जीवनभर साथ निभाने की कसमें खाई थीं। सुख-दुख में साथ रहने के संकल्प लिए गए थे, लेकिन वक्त बीतने के साथ ये वादे कमजोर पड़ते गए और अंत में एक ऐसी खौफनाक साजिश सामने आई, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
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पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि रूबी ने अपने ही पति राहुल की हत्या की और शव को ठिकाने लगाने के लिए पूरी पटकथा पहले से तैयार की। यह कोई अचानक किया गया अपराध नहीं था, बल्कि बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया हत्याकांड था। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे जुर्म को अंजाम देने में रूबी के हाथ एक पल के लिए भी नहीं कांपे। उसने महज 1400 रुपये खर्च कर पन्नी, बैग और ग्राइंडर जैसी चीजें मंगवाईं और इन्हीं के सहारे पति के शव के टुकड़े कर दिए।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद घर में हीटर और चारपाई पर खून के धब्बे मिले। सांसें थमने के बाद राहुल के शरीर के कई टुकड़े किए गए। शव को ठिकाने लगाने के लिए पहले 100 रुपये की काली पन्नी खरीदी गई, ताकि शव को ढका जा सके। इसके बाद 1100 रुपये में दो बैग लिए गए। एक बैग, जिसकी कीमत 400 रुपये थी, उसमें धड़ को रखकर नाले में फेंक दिया गया। दूसरा बैग 700 रुपये का था, जिसमें हाथ, पैर और सिर रखकर गंगा में बहा दिया गया।
इतना ही नहीं, शव के टुकड़े करने के लिए 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से किराये पर ग्राइंडर मंगवाया गया। इसके अलावा 1300 रुपये में किराये पर कार लेकर शव के अंगों को अलग-अलग जगहों पर ठिकाने लगाया गया। पुलिस का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में रूबी की चाल बेहद शातिर थी और उसने हर कदम सोच-समझकर उठाया। हत्या के बाद रूबी और उसका प्रेमी गौरव ऐसे रहने लगे, मानो कुछ हुआ ही न हो।
पुलिस पूछताछ में जब रूबी से इस खौफनाक साजिश के बारे में सवाल किए गए तो उसने कहा कि उस वक्त उसे अच्छा-बुरा कुछ समझ नहीं आ रहा था, बस सिर पर खून सवार था। हालांकि पुलिस का मानना है कि यह जवाब पूरी सच्चाई नहीं बताता। जांच में रूबी के मोबाइल फोन से कई अहम सुराग मिले, जिससे यह साफ होता है कि उसका आचरण लंबे समय से संदिग्ध था।
15 दिसंबर को जब नाले से शव मिलने के बाद पुलिस ने पत्नी रूबी को बुलाकर कपड़े दिखाए, तो उसने पहचानने से इनकार कर दिया। लेकिन आसपास के लोगों ने इशारा किया कि ये कपड़े राहुल के ही हैं। इसके बाद पुलिस ने रूबी का मोबाइल जब्त किया। गैलरी की जांच में राहुल की एक ऐसी तस्वीर मिली, जिसमें उसने वही कपड़े पहन रखे थे, जो नाले से बरामद हुए थे। यहीं से पुलिस को शक पुख्ता हो गया।
कॉल डिटेल खंगालने पर सामने आया कि पिछले तीन महीनों में रूबी ने अपने प्रेमी गौरव से करीब 1100 बार फोन पर बातचीत की थी। सख्ती से पूछताछ के बाद गौरव ने कई राज उगले, जिससे पूरे मर्डर की परतें खुलती चली गईं। जांच में यह भी सामने आया कि रूबी गौरव के अलावा अभिषेक उर्फ सौरभ से भी बातचीत करती थी, हालांकि उसका इस हत्याकांड से कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया।
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पुलिस ने जब रूबी के बच्चों से बातचीत की तो पता चला कि गौरव अक्सर राहुल की गैरमौजूदगी में घर आता था। बच्चों को पैसे देकर बाहर भेज देता था, ताकि वह रूबी के साथ घर में अकेला रह सके। यही रिश्ते धीरे-धीरे इस खौफनाक अंजाम तक पहुंच गए। संभल हत्याकांड न सिर्फ एक जघन्य अपराध की कहानी है, बल्कि यह भी बताता है कि जब रिश्तों में विश्वास टूटता है, तो उसका अंजाम कितना भयावह हो सकता है।
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