Antonio Tajani India Visit 2025: इटली के डिप्टी पीएम एंतोनियो तजान्नी भारत दौरा इस समय अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की सुर्खियों में है। तजान्नी 10 दिसंबर को नई दिल्ली पहुंचे और ये उनका इस साल का दूसरा भारत दौरा है यानी साफ है कि रोम और नई दिल्ली के बीच रिश्तों में सिर्फ गर्माहट ही नहीं, बल्कि तेज़ी से बढ़ती रणनीतिक समझ भी दिख रही है। दुनिया जहां राजनीतिक उतार-चढ़ाव, ऊर्जा संकट और बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों से जूझ रही है, उसी दौर में भारत और इटली लगातार हाई-लेवल बातचीतों के ज़रिए अपने रिश्तों को नई दिशा देने में जुटे हैं। तजान्नी का ये दौरा भी उसी सिलसिले का हिस्सा है, जिसमें दोनों देश रक्षा, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा से लेकर इंडो-पैसिफिक तक हर मुद्दे पर साझेदारी को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
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नई दिल्ली में तजान्नी की मुलाकात विदेश मंत्री एस. जयशंकर से होगी और ये सिर्फ एक औपचारिक मीटिंग नहीं, बल्कि आने वाले महीनों में दोनों देशों के रोडमैप को तय करने वाला अहम संवाद माना जा रहा है। यूरोप में इटली एक बड़ा खिलाड़ी है और भारत का बढ़ता वैश्विक प्रभाव आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। ऐसे में स्पष्ट है कि ये बातचीत व्यापार, टेक्नोलॉजी, रक्षा सहयोग और रणनीतिक स्थिरता पर गहरी चर्चा का मंच बनने वाली है। खास बात यह है कि भारत और इटली दोनों इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और पारदर्शी वैश्विक व्यवस्था के पक्षधर हैं—इसलिए इस मुद्दे पर तालमेल का बढ़ना दोनों के लिए फायदेमंद है।
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तजान्नी भारत-इटली संबंधों को लेकर खुले तौर पर सकारात्मक रुख रखते हैं। उनका कहना है कि भारत यूरोप के लिए एक भरोसेमंद साझेदार बन चुका है। यह बात ऐसे समय में कही जा रही है जब पूरी दुनिया सप्लाई-चेन के नए विकल्प खोज रही है और भारत अपनी क्षमता, जनबल और नीतियों के दम पर इन विकल्पों में सबसे आगे है। इसमें कोई दो राय नहीं कि इटली जैसे औद्योगिक राष्ट्र के साथ भारत का सहयोग टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप सेक्टर और रक्षा निर्माण जैसी कई दिशाओं में बड़ा असर डाल सकता है।
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दिल्ली कार्यक्रम के बाद तजान्नी 11 दिसंबर को मुंबई जाएंगे, जहां बिज़नेस जगत के साथ उनकी मुलाकातें तय हैं। मुंबई दौरे का पूरा फोकस निवेश, इंडस्ट्री सहयोग और आर्थिक अवसरों पर रहेगा। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि पिछले दो वर्षों में भारत और इटली के व्यापारिक संबंधों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है। ऐसे में यह दौरा सिर्फ राजनीतिक औपचारिकता नहीं बल्कि ग्राउंड-लेवल पर आर्थिक साझेदारी को मजबूती देने का ठोस प्रयास है। शुक्रवार को तजान्नी मुंबई से रवाना होंगे, लेकिन उनके इस दौरे का असर आने वाले कई महीनों तक महसूस किया जाएगा। भारत और इटली के बीच हालिया हाई-लेवल विज़िट्स ने यह संकेत साफ कर दिया है कि दोनों देश 21वीं सदी की नई वैश्विक चुनौतियों से मिलकर निपटने के लिए गंभीर हैं। चाहे ऊर्जा सुरक्षा की बात हो, जलवायु परिवर्तन का मुद्दा हो, या फिर रक्षा सहयोग हर क्षेत्र में नई संभावनाएं खुल रही हैं। तजान्नी का यह दौरा इन संभावनाओं को दिशा देने का अहम कदम है।
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