डिजिटल लेनदेन के इस दौर में, जहां UPI ने छोटे भुगतान की दुनिया में क्रांति ला दी, वहीं बड़े भुगतान टैक्स, इंश्योरेंस, संस्थागत ट्रांज़ैक्शन अब एक नई राह पर हैं। और यह राह दिखा रहा है ‘Banking Connect’, जिसे नूपुर चतुर्वेदी NPCI Bharat BillPay Limited की एमडी और सीईओ ने लॉन्च का महत्व समझाया। यह सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था की रीवायरिंग है।
कॉरपोरेट इंडिया को सीधा लाभ
बड़ी कंपनियां जिन्हें टैक्स, इंश्योरेंस, आयात-निर्यात, बिलिंग, सरकारी फीस जैसे भुगतान करने होते हैं उनके लिए अब नेट-बैंकिंग की जटिल भूलभुलैया खत्म होती दिख रही है। पहले उन्हें पासवर्ड याद रखने, यूज़र आईडी संभालने और बैंक-टू-बैंक अलग-अलग लॉग-इन की बाधा झेलनी पड़ती थी। लेकिन अब एक ऐप, एक इंटरफेस, एक कनेक्ट। यही वह तकनीकी क्रांति है जो भारत की वित्तीय प्रणाली को अगले स्तर पर ले जाने की क्षमता रखती है।
‘RBI Payment Vision 2025’—बीज की कहानी
अगर पिछले वर्षों में RBI का ‘Payment Vision 2025’ पढ़ा जाए, तो स्पष्ट होता है कि नेट-बैंकिंग को हमेशा एक बिखरी हुई, टूटे हुए नेटवर्क वाली प्रणाली माना गया। लक्ष्य था इसे एक केंद्रीय स्विच के जरिए पिरोना। और अब वही सपना साकार होता दिख रहा है। रबी शंकर (डिप्टी गवर्नर, RBI) ने जब GFF 2025 में इसके साथ तीन अन्य डिजिटल इनोवेशन लॉन्च किये, तो संदेश साफ था , भारत अब कैशलेस नहीं, बल्कि कैश-ऑप्शनल अर्थव्यवस्था बन रहा है।
बहु-हस्ताक्षरी UPI अकाउंट्स संस्थानों की आज़ादी
UPI Multi-Signatory फीचर इन स्टेकहोल्डरों के लिए है जो फाइलों, नोटिंग, हस्ताक्षरों और चेक-बुक आधारित अनुमति प्रणाली से परेशान थे। अब किसी कंपनी का CFO भुगतान शुरू कर सकता है और बाकी सिग्नेचर-होल्डर मोबाइल से अप्रूव कर सकते हैं। ना बैंक में दस्तावेज़ ले जाने की जरूरत, ना इन-पर्सन वेरिफिकेशन।यह सुविधा दिखाती है कि डिजिटल इंडिया का मतलब सिर्फ डिजिटल पेमेंट नहीं बल्कि डिजिटल गवर्नेंस भी है।
UPI Lite और स्मार्ट ग्लासेस भविष्य की झलक
जरा सोचिए, आप फुटपाथ स्टॉल पर हैं, हाथ में फोन नहीं और आप QR स्कैन करके सिर्फ वॉइस कमांड से भुगतान कर देते हैं। यह कोई फिल्मी कल्पना नहीं, यह ‘Wearable Smart Glass UPI Lite Payment’ है। छोटे भुगतान 10, 20, 50 रुपये बिना PIN, बिना बैंक-सर्वर विलंब, सिर्फ एक स्पर्श की दूरी पर नहीं बल्कि दृष्टि-संचालित।
भारत डिजिटल सौंपने वाला नहीं, डिजिटल गढ़ने वाला
डिजिटल भुगतान के इस नेटवर्क में भारत अब सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता है। UPI दुनिया का उदाहरण बन गया, और अब ‘Banking Connect’ बड़े वित्तीय भुगतान की दुनिया में वही भूमिका निभाने जा रहा है। यह कहानी सिर्फ ट्रांज़ैक्शन की नहीं, तकनीकी लोकतंत्र की है।
चाहे वह एक छोटा व्यापारी हो, एक किसान की बेटी की कॉलेज फीस, एक स्टॉक ट्रेडर की बड़ी एंट्री, या एक बहुराष्ट्रीय कंपनी का टैक्स भुगतान, अब सबके लिए रास्ता एक है, सरल है, और सबसे बड़ी बात भारतीय है।
