BJP worker assault case: कर्नाटक की पॉलिटिक्स एक बार फिर गरमा गई है। BJP वर्कर असॉल्ट केस को लेकर कर्नाटक पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया। कुल 9 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिसमें एक कांग्रेस कॉर्पोरेटर का नाम भी शामिल है। इस घटना के बाद से राज्य की पॉलिटिक्स में टेंशन का माहौल बना हुआ है और BJP ने इसे ‘पॉलिटिकल वायलेंस’ का सीधा उदाहरण बताया है। मामला इतना सीरियस हो गया है कि लॉ एंड ऑर्डर पर भी सवाल उठने लगे हैं।
READ MORE: कमजोर दौर के बाद अब Indian Stock Market में तेज़ रिटर्न की उम्मीद
असॉल्ट का आरोप और FIR का एक्शन
रिपोर्ट के मुताबिक, BJP से जुड़े एक वर्कर पर कड़ी कार्रवाई की गई। इस मामले में कई लोग शामिल थे, जहां मार-पीट, धमकी और ज़बरदस्ती जैसे आरोप लगे हैं। इस बुरी घटना के बाद कर्नाटक पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए FIR रजिस्टर की। पुलिस सूत्रों का कहना है कि शिकायत मिलते ही सबूत इकट्ठा किए गए और पहली नज़र में केस कॉग्निज़ेबल पाया गया, जिसके बाद लीगल प्रोसेस शुरू हुआ।
READ MORE: लिकटेंस्टीन से ब्रुसेल्स तक भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति को नया मोमेंटम
कांग्रेस कॉर्पोरेटर का नाम आने से बढ़ी सियासत
इस केस में जब एक कांग्रेस कॉर्पोरेटर का नाम सामने आया, तब पॉलिटिकल टेम्परेचर और हाई हो गया। BJP नेताओं का कहना है कि अगर रूलिंग पार्टी से जुड़े नेताओं पर ही ऐसे आरोप लग रहे हैं, तो आम कार्यकर्ता कितना सेफ़ है, इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है। BJP ने सीधा इल्ज़ाम लगाया कि कांग्रेस के लोग ग्राउंड लेवल पर दबंगई और हिंसा का सहारा ले रहे हैं।
BJP का जोर-दार विरोध और रोड प्रोटेस्ट
इस घटना के बाद BJP वर्कर्स ने अलग-अलग जगहों पर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। पार्टी का कहना है कि कर्नाटक में विपक्षी वर्कर्स को टारगेट किया जा रहा है। BJP प्रवक्ताओं ने मीडिया के सामने आकर कहा कि यह सिर्फ एक हमला नहीं, बल्कि डेमोक्रेसी पर हमला है। उनका कहना था कि अगर पुलिस ने बिना किसी भेदभाव और तेज़ी से एक्शन नहीं लिया होता, तो स्थिति और बिगड़ सकती थी।
READ MORE: क्रिकेट के बहाने भारत की बदलती ग्लोबल पावर और वैल्यूज का ऐलान
पुलिस का ऑफिशियल स्टैंड
कर्नाटक पुलिस ने क्लियर किया है कि केस को पॉलिटिकल लेंस से नहीं देखा जा रहा है, बाल्की फैक्ट्स और एविडेंस के बेसिस पर इन्वेस्टिगेशन होगी। पुलिस ऑफिसर्स का कहना है कि FIR में जिन 9 लोगों के नाम हैं, वह सबसे पूछताछ की जा रही है और CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड्स जैसे सभी टेक्निकल इनपुट्स चेक किए जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी कहा कि किसी को भी लॉ से ऊपर नहीं माना जाएगा, चाहे वह किसी भी पार्टी से हो।
READ MORE: रात के अंधेरे में बुलडोजर, दिन के उजाले में सवाल, नदवी के सपोर्ट में हसन का तीखा वार
कांग्रेस का जवाब और काउंटर क्लेम
कांग्रेस की तरफ से भी इस पुअर मामले पर रिएक्शन आया है। पार्टी लीडर्स का कहना है कि BJP इस इंसिडेंट को बेवजह पॉलिटिकल कलर दे रही है। कांग्रेस का दावा है कि पूरा केस एकतरफ़ा तरीके से प्रोजेक्ट किया जा रहा है और इन्वेस्टिगेशन के बाद ही सच सामने आएगा। उनका कहना है कि FIR होना मतलब यह नहीं कि आरोप सही ही हो, कानून अपना काम करेगा।
READ MORE: लग्ज़री, स्पीड और स्वदेशी टेक का ज़बरदस्त कॉम्बो, प्रीमियम स्लीपर बर्थ अब नींद भी रॉयल स्टाइल
लॉ एंड ऑर्डर पर उठते सवाल
इस BJP वर्कर असॉल्ट केस के बाद कर्नाटक में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर भी चर्चा तेज़ हो गई है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ग्राउंड लेवल पर पार्टी वर्कर्स सेफ मेहसूस नहीं करते, तो डेमोक्रेसी का बेस कमज़ोर होता है। अपोज़िशन का कहना है कि स्टेट में पॉलिटिकल राइवलरी अब डिबेट से निकलकर वायलेंस की तरफ जा रही है, जो किसी भी हाल में ठीक नहीं।
READ MORE: IIT गुवाहाटी में गवर्नमेंट, एकेडेमिया और इंडस्ट्री, AI एरा के लिए ह्यूमन कैपिटल पर ग्रैंड मंथन
आगे क्या हो सकता है?
अब सबकी नज़र इन्वेस्टिगेशन पर टिकी हुई है। पुलिस जैसे-जैसे एविडेंस कलेक्ट करेगी, वैसे-वैसे पिक्चर क्लियर होती जाएगी। अगर आरोप सही पाए गए, तो कांग्रेस कॉर्पोरेटर के साथ बाकी आरोपियों पर कड़ी लीगल एक्शन हो सकता है। साथ ही, अगर कोई पॉलिटिकल मिसयूज़ हुआ है, तो उस पर भी सवाल उठेंगे। फिलहाल, कर्नाटक पॉलिटिक्स में यह केस एक बड़ा फ्लैशपॉइंट बन चुका है। BJP वर्कर असॉल्ट केस सिर्फ एक FIR नहीं, बाल्की कर्नाटक की पॉलिटिक्स में बढ़ते तनाव का सिग्नल है। अब देखना यह है कि कानून कितनी तेज़ी और निष्ठा से अपना काम करता है क्योंकि यहीं से तय होगा कि सियासत में ताकत बोलेगी या कानून।
Follow Us: YouTube| TV TODAY BHARAT LIVE | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat| X | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram
