India Brazil Strategic Partnership: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा से टेलीफोन पर बातचीत की। इस संवाद के दौरान दोनों नेताओं ने भारत–ब्राज़ील रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। बातचीत ऐसे समय हुई है जब वैश्विक मंच पर उभरती अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है और विकासशील देशों के हितों को लेकर नए सिरे से विमर्श तेज हो रहा है।
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दोनों नेताओं ने बीते वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों में आई मजबूती पर संतोष जताया और आने वाले समय में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की इच्छा व्यक्त की। इस बातचीत को भारत–ब्राज़ील संबंधों के लिहाज़ से एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
बीते संवादों की कड़ी और बढ़ता भरोसा
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला ने पिछले वर्ष ब्रासीलिया में हुई मुलाकातों और दक्षिण अफ्रीका सहित अंतरराष्ट्रीय मंचों के दौरान हुई बातचीत को याद किया। दोनों नेताओं ने माना कि नियमित संपर्क और उच्चस्तरीय संवाद से द्विपक्षीय रिश्तों में स्थिरता और भरोसा बढ़ा है।
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इन बैठकों के परिणामस्वरूप व्यापार, निवेश और कूटनीतिक सहयोग में सकारात्मक गति आई है। दोनों देशों के बीच राजनीतिक समझदारी ने यह साफ किया है कि भारत और ब्राज़ील केवल द्विपक्षीय साझेदार ही नहीं, बल्कि वैश्विक मुद्दों पर समान सोच रखने वाले रणनीतिक सहयोगी भी हैं।
व्यापार से लेकर तकनीक तक सहयोग का विस्तार
भारत और ब्राज़ील के बीच सहयोग अब पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा। बातचीत के दौरान जिन क्षेत्रों पर विशेष रूप से चर्चा हुई, उनमें व्यापार और निवेश, उन्नत तकनीक, रक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य और कृषि प्रमुख हैं।
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दोनों नेताओं ने माना कि इन क्षेत्रों में सहयोग से न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार सृजन और नवाचार को भी नई दिशा मिलेगी। स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों में साझा अनुभवों के आदान–प्रदान से विकासशील देशों की बड़ी आबादी को लाभ पहुंच सकता है।
ऊर्जा के क्षेत्र में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा पर बढ़ता फोकस दोनों देशों की प्राथमिकताओं में शामिल है। वहीं रक्षा सहयोग में तकनीकी साझेदारी और प्रशिक्षण जैसे पहलुओं पर भी आगे बढ़ने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
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वैश्विक मुद्दों पर समान दृष्टिकोण
पीएम मोदी और राष्ट्रपति लूला ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए। दोनों नेताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि विकासशील देशों की आवाज़ को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अधिक प्रभावी ढंग से सुना जाना चाहिए। इसी संदर्भ में “ग्लोबल साउथ” के देशों के बीच सहयोग को मज़बूत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
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दोनों नेताओं का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य संकट, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक असमानता जैसी चुनौतियों से सामूहिक प्रयासों के बिना निपटना संभव नहीं है। भारत और ब्राज़ील जैसे बड़े लोकतांत्रिक और विकासशील देश इस दिशा में नेतृत्व की भूमिका निभा सकते हैं।
भारत यात्रा का निमंत्रण और भविष्य की दिशा
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति लूला को भारत आने का निमंत्रण दिया और कहा कि वह उन्हें जल्द भारत में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। इस प्रस्तावित यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बातचीत की जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत–ब्राज़ील रणनीतिक साझेदारी मजबूत गति से आगे बढ़ रही है और आने वाला वर्ष इस सहयोग के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंध और गहरे होंगे। भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और ब्राज़ील की क्षेत्रीय व वैश्विक भूमिका, दोनों को एक दूसरे के लिए अहम बनाती है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला की यह बातचीत भारत–ब्राज़ील संबंधों में निरंतरता और विश्वास का संकेत देती है। व्यापार, तकनीक, ऊर्जा और वैश्विक मंचों पर सहयोग की साझा सोच दोनों देशों को रणनीतिक साझेदार के रूप में और मजबूत करती है। ग्लोबल साउथ के हितों को आगे बढ़ाने और बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार की दिशा में भारत और ब्राज़ील की साझा पहल आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाल सकती है। राष्ट्रपति लूला की संभावित भारत यात्रा से यह साझेदारी और भी ठोस रूप ले सकती है, जिससे दोनों देशों के रिश्ते नए आयाम छूने की ओर बढ़ेंगे।
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