Switzerland Bar Fire New Year: स्विट्ज़रलैंड के लिए नया साल खुशी नहीं, बल्कि गहरे शोक के साथ शुरू हुआ। न्यू ईयर ईव पर एक लोकप्रिय बार में भीषण आग लग गई। इस हादसे में 40 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। यह हादसा स्विट्ज़रलैंड के मशहूर पर्वतीय रिसॉर्ट क्रांस-मोंटाना में हुआ। क्रांस-मोंटाना आमतौर पर पर्यटन और जश्न के लिए जाना जाता है। नए साल पर यहां बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। लेकिन कुछ ही पलों में खुशी चीखों में बदल गई। पुलिस ने पुष्टि की कि मृतकों में नाबालिग भी शामिल हैं। सबसे कम उम्र की मृतक 14 साल की स्विस लड़की थी। दो 15 वर्षीय स्विस किशोरियों की भी मौत हुई। इस जानकारी ने पूरे समाज को झकझोर दिया।
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किशोरों पर टूटा कहर
रविवार को पहचाने गए मृतकों में कई किशोर शामिल थे। 16 से 18 वर्ष की उम्र के 10 किशोरों की पहचान हुई। ये सभी जीवन की शुरुआत में थे। उनकी असमय मौत ने सवाल खड़े कर दिए। वालैस कैंटन की पुलिस ने अब तक 24 शवों की पहचान की है। रविवार को 16 नए शवों की पहचान हुई। इनमें 10 स्विस नागरिक थे। दो मृतक इटली के थे। एक व्यक्ति के पास इटली और यूएई की नागरिकता थी। एक-एक मृतक फ्रांस, रोमानिया और तुर्किये से था।
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उम्र के आंकड़े भी चौंकाने वाले
पहचाने गए मृतकों में 20 और 31 साल के दो स्विस पुरुष शामिल हैं। एक 39 वर्षीय फ्रांसीसी नागरिक की भी मौत हुई। यानी मरने वालों में अधिकतर युवा थे। यह हादसा एक पूरी पीढ़ी पर असर डाल गया। रविवार सुबह क्रांस-मोंटाना के चर्च में शोक सभा हुई। सैकड़ों लोग मौन प्रार्थना के लिए पहुंचे। हर चेहरे पर दर्द और सवाल थे। कई लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए।
बिशप का भावुक संदेश
चर्च सेवा में बिशप जीन-मारी लोवे ने संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर से संवेदनाएं आ रही हैं। उन्होंने टूटे दिलों की बात कही। सभा का माहौल बेहद भावुक हो गया। बिशप ने बताया कि पोप की ओर से भी संदेश आया है। पोप लियो चौदहवें ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी करुणा जताई। उन्होंने शोक संतप्त लोगों को साहस देने की बात कही। यह संदेश लोगों के लिए संबल बना।
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सोशल मीडिया पर भी शोक
हादसे के बाद सोशल मीडिया पर भी शोक की लहर दिखी। लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि दी। कई परिवारों ने भावुक पोस्ट साझा किए। हर पोस्ट दर्द और खालीपन से भरी थी। 16 वर्षीय स्विस किशोर आर्थर ब्रोडार्ड भी मृतकों में शामिल था। उसकी मां ने सोशल मीडिया पर मौत की पुष्टि की। उन्होंने लिखा कि उनका बेटा अब शांति में है। यह संदेश हजारों लोगों को रुला गया।
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मां के शब्दों ने छू लिया दिल
मां ने कहा कि अब वे शोक मना पाएंगे। उन्होंने बेटे को स्वर्ग में पार्टी करने वाला बताया। यह पंक्तियां बेहद भावुक थीं। पूरे देश ने परिवार के दर्द को महसूस किया। जांच एजेंसियों ने आग के कारण पर जानकारी दी। प्रारंभिक जांच में “फाउंटेन कैंडल” का जिक्र हुआ। ये सजावटी स्पार्कलर छत के बहुत पास जलाए गए थे। यहीं से आग भड़कने की आशंका है।
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चंद सेकंड में फैली आग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग बहुत तेजी से फैली। बार के भीतर धुआं भर गया। लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। अफरातफरी में कई लोग फंस गए। घटना स्थल का नाम कॉन्स्टेलेशन बार बताया गया। नए साल के जश्न के लिए यहां भारी भीड़ थी। अब सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं, अनुमति कैसे मिली।
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बार संचालकों पर जांच
अभियोजकों ने बार चलाने वाले दो लोगों की पहचान की है। इन पर आपराधिक जांच शुरू की गई है। लापरवाही से हत्या जैसे आरोप लगाए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई तय होगी। इस हादसे में सिर्फ मौत ही नहीं हुई। 119 लोग घायल भी हुए हैं। कई लोगों को गंभीर जलन की चोटें आई हैं। कुछ की हालत अब भी नाजुक बताई जा रही है।
यूरोप के अस्पतालों में इलाज
गंभीर रूप से घायलों को अन्य देशों में भेजा गया। यूरोप के कई बर्न यूनिट अस्पतालों में इलाज चल रहा है। डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं। परिवारों को अस्पतालों तक पहुंचाया गया है। पुलिस ने बताया कि कुछ शवों की पहचान बाकी है। घायलों की पहचान भी पूरी तरह नहीं हुई है।डीएनए और दस्तावेजों की मदद ली जा रही है। यह प्रक्रिया समय ले रही है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से धैर्य रखने की अपील की है। परिवारों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया गया है। मनोवैज्ञानिक मदद की भी व्यवस्था की गई है। शोकग्रस्त परिवारों के लिए हेल्पलाइन शुरू की गई है।
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सुरक्षा नियमों पर बड़ा सवाल
यह हादसा सार्वजनिक सुरक्षा नियमों पर सवाल उठाता है। खासतौर पर भीड़भाड़ वाले स्थानों में। सजावटी आतिशबाजी पर सख्त नियमों की मांग उठी है। लोग जवाबदेही चाहते हैं। स्विट्ज़रलैंड के कई शहरों में श्रद्धांजलि दी गई। सरकारी इमारतों पर झंडे झुकाए गए। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने शोक जताया। पूरा देश एकजुट दिखा।
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हाल के वर्षों की सबसे बड़ी त्रासदी
अधिकारियों के अनुसार यह हाल के वर्षों की बड़ी घटनाओं में है। पर्यटन क्षेत्र के लिए यह गहरा आघात है। इसने जश्न की संस्कृति पर भी सवाल खड़े किए हैं। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर हैं। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग हो रही है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, यह जरूरी है। क्रांस-मोंटाना अब सिर्फ रिसॉर्ट नहीं, एक चेतावनी बन चुका है।
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