IndiaAI Mission: भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के वैश्विक मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार ने IndiaAI Mission के तहत 10,300 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट तय किया है। इस मिशन का उद्देश्य देश में एआई इकोसिस्टम को सशक्त बनाना, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना, शोध को गति देना और डिजिटल गवर्नेंस को अधिक प्रभावी बनाना है। इस पहल के अंतर्गत 38,000 GPU (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) की तैनाती की जाएगी, जो भारत को हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
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क्यों अहम है IndiaAI Mission?
आज AI केवल तकनीक नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और शासन का आधार बन चुका है। अमेरिका, चीन और यूरोप जैसे देश AI में भारी निवेश कर रहे हैं। ऐसे में IndiaAI Mission भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। इसका लक्ष्य देश को AI for India और AI for the World के विज़न के साथ आगे बढ़ाना है।
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38,000 GPU: भारत का AI इंफ्रास्ट्रक्चर
IndiaAI Mission के तहत प्रस्तावित 38,000 GPU भारत के AI इंफ्रास्ट्रक्चर की रीढ़ होंगे। ये GPU बड़े भाषा मॉडल (LLM), डेटा एनालिटिक्स, मेडिकल इमेजिंग, क्लाइमेट मॉडलिंग और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में उच्च-स्तरीय कंप्यूटिंग क्षमता प्रदान करेंगे। इससे:
- भारतीय स्टार्टअप्स को महंगे विदेशी क्लाउड पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा
- शोध संस्थानों को विश्वस्तरीय संसाधन मिलेंगे
- स्वदेशी AI मॉडल और एप्लिकेशन विकसित होंगे
बजट का उपयोग कैसे होगा?
10,300 करोड़ रुपये के बजट को कई अहम स्तंभों में बांटा गया है:
- AI Compute Infrastructure: GPU-आधारित कंप्यूटिंग संसाधनों की स्थापना
- डेटा प्लेटफॉर्म: सुरक्षित और नैतिक डेटा एक्सेस
- स्टार्टअप सपोर्ट: AI स्टार्टअप्स को फंडिंग, टेस्टबेड और मेंटरशिप
- स्किल डेवलपमेंट: युवाओं को AI-रेडी बनाना
- Responsible AI: नैतिक, पारदर्शी और भरोसेमंद AI का विकास
रोजगार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा
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IndiaAI Mission से लाखों युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे। AI इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट, साइबर एक्सपर्ट और AI प्रोडक्ट मैनेजर जैसी भूमिकाओं की मांग बढ़ेगी। साथ ही, हेल्थटेक, एग्रीटेक, फिनटेक और एडटेक जैसे सेक्टर्स में भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी।
शासन और सामाजिक क्षेत्रों में AI
AI का उपयोग केवल कॉर्पोरेट तक सीमित नहीं रहेगा। स्वास्थ्य सेवाओं में रोगों की शुरुआती पहचान, कृषि में फसल पूर्वानुमान, शिक्षा में पर्सनलाइज्ड लर्निंग और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स में ट्रैफिक व एनर्जी मैनेजमेंट—इन सभी में IndiaAI Mission निर्णायक भूमिका निभाएगा।
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सुरक्षित और भरोसेमंद AI पर ज़ोर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि AI का विकास स्कैम-फ्री, नैतिक और सुरक्षित ढांचे के तहत होगा। डेटा प्राइवेसी, एल्गोरिदमिक बायस और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सख्त मानक लागू किए जाएंगे, ताकि तकनीक जनता के भरोसे पर खरी उतरे। IndiaAI Mission भारत को AI-संचालित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने वाला मील का पत्थर है। 10,300 करोड़ रुपये का निवेश और 38,000 GPU की तैनाती न केवल तकनीकी क्षमता बढ़ाएगी, बल्कि भारत को वैश्विक AI लीडर बनने की दिशा में मजबूती से स्थापित करेगी। आने वाले वर्षों में यह मिशन नवाचार, रोजगार और डिजिटल आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखेगा।
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