Lucknow Republic Day 2026: लखनऊ गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर 26 जनवरी 2026 को राजधानी लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में पद्म पुरस्कार 2026 की घोषणा के बीच देशभर में सम्मान और राष्ट्रगौरव का माहौल रहा। खेल जगत से रोहित शर्मा और हरमनप्रीत कौर सहित कई नामों को पद्म सम्मान सूची में जगह मिलने की खबर सामने आई।

इसी क्रम में, लखनऊ में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति में ध्वजारोहण हुआ और भारतीय सेना, उत्तर प्रदेश पुलिस व अर्धसैनिक बलों की परेड ने संदेश दिया कि संविधान, एकात्मता और संप्रभुता देश की सामूहिक शक्ति हैं।
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कार्यक्रम का मुख्य संदेश,एकात्मता, समरसता और संप्रभुता
समारोह के दौरान देश की एकात्मता, समरसता और संप्रभुता को केंद्र में रखते हुए संविधान की भावना को याद किया गया। साथ ही यह बात रेखांकित की गई कि गणतंत्र दिवस केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों जैसे समानता, न्याय और अधिकार—की सार्वजनिक पुनर्पुष्टि है।

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इसके अलावा, कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह के लिए यह अवसर राष्ट्रीय नायकों और बलिदानियों के योगदान को स्मरण करने का भी रहा, जिससे नागरिक जिम्मेदारी और संवैधानिक आदर्शों पर ध्यान केंद्रित होता है।
परेड में सुरक्षा बलों की भागीदारी
लखनऊ में आयोजित परेड में भारतीय सेना, उत्तर प्रदेश पुलिस, पीएसी, होमगार्ड्स और अन्य इकाइयों की भागीदारी दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर, ऐसे आयोजनों में परेड का उद्देश्य केवल अनुशासन प्रदर्शन नहीं होता यह सार्वजनिक सुरक्षा, सेवा-भावना और आपदा/आपात स्थितियों में तैयारियों का प्रतीक भी माना जाता है। साथ ही नागरिकों को यह भरोसा मिलता है कि राज्य-प्रशासन और सुरक्षा तंत्र समन्वय के साथ कार्य कर रहा है।

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ध्वजारोहण और सलामी की औपचारिक परंपरा
परंपरा के अनुसार, राज्यपाल ने ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। इसी क्रम में, कार्यक्रम स्थल पर प्रशासनिक तैयारियां, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन भी चर्चा का विषय रहीं क्योंकि बड़े सार्वजनिक आयोजनों में व्यवस्था का सुचारू संचालन नागरिक अनुभव को सीधे प्रभावित करता है।
Lucknow Republic Day 2026: छात्र-छात्राओं और लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियां
समारोह में विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और विभिन्न राज्यों से आए लोक कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जो राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक विविधता के संदेश से जुड़ी रहीं। खास बात यह है कि ऐसे मंचों पर अलग-अलग राज्यों की लोक परंपराओं का प्रदर्शन “विविधता में एकता” की अवधारणा को दृश्य रूप में सामने लाता है। इसके अलावा, बच्चों की भागीदारी नई पीढ़ी को राष्ट्रीय प्रतीकों और संवैधानिक मूल्यों के साथ जोड़ने में मदद करती है।

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सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सामाजिक महत्व
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का माध्यम भी हैं। साथ ही यह स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान और मंच देने का अवसर बनता है। वहीं दूसरी ओर, सार्वजनिक आयोजनों में कार्यक्रमों का समय-प्रबंधन, ध्वनि-व्यवस्था और सुरक्षा निर्देशों का पालन उतना ही जरूरी रहता है ताकि आयोजन सुरक्षित और व्यवस्थित बना रहे।
Lucknow Republic Day 2026: पद्म पुरस्कार 2026 खेल जगत के लिए सम्मान का संकेत
गणतंत्र दिवस के आसपास पद्म पुरस्कार 2026 की घोषणा भी राष्ट्रीय चर्चा में रही। रिपोर्टों के मुताबिक खेल क्षेत्र से रोहित शर्मा और हरमनप्रीत कौर को पद्म श्री सूची में शामिल किया गया है, जबकि विजय अमृतराज को पद्म भूषण दिए जाने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा, खेल-सहयोगियों/कोच और अन्य योगदानकर्ताओं के नाम भी सूची में आने से यह संकेत जाता है कि पुरस्कार केवल मैदान के प्रदर्शन तक सीमित नहीं, बल्कि खेल-परिस्थितिकी (कोचिंग, विकास, योगदान) को भी मान्यता देता है।
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सम्मान के साथ जिम्मेदारी का संदेश
Lucknow Republic Day 2026 के साथ ऐसे सम्मान प्रेरणा देते हैं, लेकिन साथ ही सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारी और उदाहरण प्रस्तुत करने की अपेक्षाएं भी बढ़ती हैं। इसी क्रम में, यह संदेश भी निकलता है कि प्रदर्शन के साथ अनुशासन, निरंतरता और समाज के प्रति योगदान को भी राष्ट्रीय मंच पर महत्व मिलता है।
लखनऊ समारोह से जुड़ा प्रशासनिक और नागरिक पक्ष
Lucknow Republic Day कार्यक्रम के दौरान नागरिक सहभागिता, अनुशासन और आयोजन-व्यवस्था की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। इसके अलावा, यातायात और सार्वजनिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से ऐसे आयोजनों में पुलिस-प्रशासन की तैयारी एक व्यावहारिक कसौटी बन जाती है। वहीं दूसरी ओर, यह भी जरूरी है कि नागरिकों तक जानकारी स्पष्ट और तथ्यात्मक पहुंचे क्योंकि बड़े आयोजनों में अफवाहें और गलत दावे तेजी से फैल सकते हैं। इसी कारण आधिकारिक बयानों और विश्वसनीय रिपोर्टिंग पर भरोसा करना बेहतर रहता है।
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नमन और श्रद्धांजलि का साझा क्षण
Lucknow Republic Day समारोह में राष्ट्रनायकों और वीर बलिदानियों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि व्यक्त की गई। ऐसे क्षण भावनात्मक भी होते हैं और सामाजिक रूप से जोड़ने वाले भी क्योंकि ये नागरिकों को साझा इतिहास और साझा जिम्मेदारियों की याद दिलाते हैं। लखनऊ में गणतंत्र दिवस 2026 समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मौजूदगी में परेड व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं पद्म पुरस्कार 2026 भी चर्चा में रहे।
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