Kinnar dispute: किन्नरों के बीच इलाके के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद बिजनौर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने कड़ा एक्शन लेते हुए शहर कोतवाल धर्मेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। Kinnar dispute में दो किन्नर गुटों के बीच लंबे समय से चले आ रहे वर्चस्व संघर्ष से जुड़ा है, जो मंगलवार को थाने के गेट के अंदर ही मारपीट और हंगामे में बदल गया था। जानकारी के अनुसार Kinnar dispute में झालू किन्नर गुट और बिजनौर किन्नर गुट के बीच क्षेत्र के बंटवारे को लेकर काफी समय से तनातनी चल रही थी। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर इलाके में दखल देने और अवैध वसूली जैसे आरोप लगाते रहे हैं। इसी विवाद को लेकर एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी थी, जिसके बाद दोनों गुटों को बातचीत के लिए थाने बुलाया गया था।
थाने के गेट पर भिड़े दोनों गुट
Kinnar dispute में मंगलवार को जैसे ही दोनों किन्नर गुट थाना कोतवाली शहर के गेट के अंदर पहुंचे, माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में कहासुनी मारपीट में बदल गई। एक-दूसरे पर लात-घूंसे चलने लगे और जमकर हंगामा हुआ। थाने के भीतर हुई इस घटना से पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह हालात को संभाला और एक पक्ष के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 14 किन्नरों को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन Kinnar dispute के दौरान पुलिस की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे। आरोप लगे कि यदि समय रहते सही कदम उठाए जाते तो थाने के भीतर इस तरह की शर्मनाक घटना नहीं होती।
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एसपी के संज्ञान में आया मामला, सीओ सिटी को सौंपी जांच
मामला जब बिजनौर एसपी अभिषेक झा के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने इसे बेहद गंभीरता से लिया। पूरे प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी नगर संग्राम सिंह को सौंपी गई। सीओ सिटी ने मामले की प्रारंभिक जांच कर रिपोर्ट एसपी को सौंपी, जिसमें शहर कोतवाल की बड़ी लापरवाही और शिथिलता सामने आई। जांच में पाया गया कि जो पक्ष वीडियो में आक्रामक दिखाई दे रहा था, उसी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया और दूसरे पक्ष के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई। इसके अलावा थाने में सुरक्षा प्रबंधन और विवाद को संभालने में भी कोतवाल की भूमिका संतोषजनक नहीं पाई गई।
एसपी ने तत्काल प्रभाव से किया निलंबित
Kinnar dispute में जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी अभिषेक झा ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। Kinnar dispute में पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 10 फरवरी 2026 को थाना कोतवाली शहर में रानी किन्नर और रेशमा उर्फ शाहिद पक्ष के बीच मारपीट का मामला सामने आया था।
Kinnar dispute प्रकरण से जुड़े वीडियो और तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि पुलिस द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई। क्षेत्राधिकारी नगर की जांच में लापरवाही सिद्ध होने के बाद यह कदम उठाया गया है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि अनुशासनहीनता और कर्तव्य में कोताही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
Kinnar dispute में शहर कोतवाल के निलंबन की खबर फैलते ही पुलिस विभाग में खलबली मच गई। इसे एसपी की सख्त कार्यशैली का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। विभाग के अंदर यह संदेश गया है कि अब लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर सीधे कार्रवाई होगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि किन्नर गुटों का यह विवाद लंबे समय से चला आ रहा था, लेकिन पुलिस इसे हल्के में लेती रही। यदि पहले ही ठोस कदम उठाए जाते तो थाने के भीतर मारपीट जैसी स्थिति पैदा नहीं होती।
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क्या है पूरा किन्नर विवाद
बिजनौर और झालू क्षेत्र में किन्नर समुदाय के बीच बधाई, नेग और अन्य आयोजनों से जुड़े इलाकों को लेकर वर्चस्व की लड़ाई पुरानी है। दोनों गुट अपने-अपने क्षेत्र पर दावा करते हैं। इसी को लेकर कई बार कहासुनी और झड़पें हो चुकी हैं। मंगलवार की घटना भी इसी संघर्ष का नतीजा थी, लेकिन थाने के अंदर मारपीट हो जाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर गया। अब पुलिस विभाग इस मामले में आगे की रणनीति बनाने में जुटा है।
विभागीय जांच के बाद हो सकती है और कार्रवाई
Kinnar dispute में सूत्रों के मुताबिक विभागीय जांच में यदि और भी पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई तो उन पर भी गाज गिर सकती है। एसपी ने साफ संकेत दिए हैं कि इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल शहर कोतवाली की जिम्मेदारी अस्थायी रूप से दूसरे अधिकारी को सौंपने की तैयारी है। पुलिस इस प्रकरण से सबक लेकर आगे ऐसी घटनाओं को रोकने की योजना बनाने की बात कह रही है।
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