UP Assembly Yogi Akhilesh Clash: लखनऊ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन सदन का माहौल गरमा गया। मुद्दा था—कोडीन युक्त कफ सिरप की बिक्री और उस पर कार्रवाई। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सरकार की कार्रवाई का जिक्र करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा और इसी क्रम में उन्होंने एक ऐसा तंज कस दिया, जिसने सियासी हलकों में हलचल मचा दी। सीएम योगी ने कहा कि देश में दो नमूने हैं एक लखनऊ में बैठा है और एक दिल्ली में।
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सीएम के इस बयान को विपक्ष ने सीधे-सीधे राजनीतिक तंज के तौर पर लिया। सत्र के दौरान विपक्षी बेंचों पर शोर-शराबा बढ़ा और मामला सदन से बाहर सोशल मीडिया तक जा पहुंचा। समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पलटवार करते हुए एक पोस्ट साझा किया, जिसमें मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ वही पंक्ति लिखी थी देश के अंदर दो नमूने हैं, एक दिल्ली में और एक लखनऊ में बैठते हैं।”
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अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में इसे आत्म-स्वीकृति करार दिया और लिखा कि किसी को उम्मीद नहीं थी कि दिल्ली–लखनऊ की सियासी लड़ाई यहां तक पहुंच जाएगी। उन्होंने संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों से लोक-लाज और मर्यादा बनाए रखने की अपील की। साथ ही, भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी के भीतर की खींचतान को सार्वजनिक मंचों पर नहीं लाना चाहिए, क्योंकि इससे सियासी संदेश गलत जाता है।
दरअसल, विधानसभा के पहले दिन सरकार और विपक्ष दोनों आक्रामक नजर आए। जहां सरकार ने कानून-व्यवस्था और अवैध कफ सिरप जैसे मुद्दों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया, वहीं विपक्ष ने इसे राजनीतिक बयानबाजी बताकर सदन में विरोध दर्ज कराया। बयान के बाद स्थिति यह रही कि विपक्ष वेल में आ गया और कुछ देर के लिए कार्यवाही बाधित भी हुई। हालांकि, इस बीच हल्के-फुल्के तंज और हंसी-मजाक का दौर भी चलता रहा, जिसने सत्र के पहले दिन को खासा चर्चित बना दिया।
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘नमूना’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल सिर्फ तात्कालिक तंज नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीतियों का संकेत भी देता है। 2027 की तैयारी में जुटे दल एक-दूसरे पर मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाने की कोशिश में हैं। मुख्यमंत्री का बयान जहां सत्तापक्ष के समर्थकों को जोश देता है, वहीं विपक्ष इसे मुद्दा बनाकर सरकार पर संवैधानिक मर्यादाओं का सवाल खड़ा कर रहा है।
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कुल मिलाकर, यूपी विधानसभा का पहला दिन साफ संकेत देता है कि आने वाले दिनों में सत्र सिर्फ विधायी कामकाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तीखी राजनीतिक बहसों, तंज और सोशल मीडिया वार का मंच भी बनेगा। ‘नमूना’ बयान ने यह जता दिया है कि लखनऊ की राजनीति में इस सत्र के दौरान सियासी तापमान लगातार ऊंचा रहने वाला है।
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