Yogi Adityanath winter relief Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों की सेवा और सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच सरकार की सक्रियता ज़मीनी स्तर पर दिखाई दे रही है। ठंड से किसी भी जरूरतमंद को परेशानी न हो, इसके लिए प्रदेशभर में व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं रैन बसेरों की व्यवस्था से लेकर भोजन और कंबल वितरण तक। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी जनपदों में रैन बसेरों को सक्रिय किया गया है और स्थानीय प्रशासन को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि जरूरतमंदों को किसी भी स्थिति में ठंड से असुरक्षित न छोड़ा जाए। इसके लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है, ताकि कंबल, गर्म भोजन, चाय और प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता की व्यवस्था बिना किसी देरी के सुनिश्चित हो सके।
इसी क्रम में गोरखपुर महानगर में ठंड से बचाव की व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया। ट्रांसपोर्ट नगर और धर्मशाला बाजार क्षेत्र में बने रैन बसेरों का दौरा कर जरूरतमंदों से सीधे संवाद किया गया और मौके पर ही भोजन व कंबल वितरित किए गए। यह संदेश साफ था सरकार केवल निर्देश जारी नहीं कर रही, बल्कि ज़मीनी हकीकत को देखकर तुरंत राहत पहुंचा रही है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि रैन बसेरों में साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी, शुद्ध पेयजल और गर्म भोजन की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए अलग से संवेदनशील व्यवस्था करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी जिले से यदि लापरवाही की शिकायत मिलती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी।
READ MORE: योगी सरकार के 8.5 साल के पुलिस सुधारों का रोडमैप, ‘यक्ष’ ऐप से बदलेगी बीट पुलिसिंग
प्रदेश सरकार का यह मानना है कि शीतलहर केवल मौसम की चुनौती नहीं, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता की भी परीक्षा है। इसी सोच के तहत नगर निकायों, पुलिस प्रशासन और समाज कल्याण विभाग को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क किनारे रहने वाले लोगों, रिक्शा चालकों, मजदूरों और बेसहारा व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें रैन बसेरों तक पहुंचाया जा रहा है। गोरखपुर में किए गए निरीक्षण के दौरान यह भी सुनिश्चित किया गया कि रात के समय कोई भी जरूरतमंद खुले में न सोए। प्रशासनिक टीमों को सक्रिय गश्त के निर्देश दिए गए हैं ताकि ठंड से प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता दी जा सके। स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से भोजन वितरण और कंबल आपूर्ति को और तेज किया गया है।
READ MORE: ग्राम कपसाढ़ में देशभक्ति की नई शुरुआत, जनता आदर्श इंटर कॉलेज में NCC से बदलेगा युवाओं का भविष्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो टूक कहा कि सरकार हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़ी है। चाहे प्राकृतिक आपदा हो, महामारी हो या शीतलहर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता में कोई कमी नहीं आएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत कार्यों में संवेदनशीलता और तत्परता दोनों दिखनी चाहिए, क्योंकि ठंड में एक छोटी सी लापरवाही भी किसी की जान पर भारी पड़ सकती है।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी मॉडल पर काम हो रहा है। बड़े शहरों के साथ-साथ कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थायी रैन बसेरों की संख्या बढ़ाई गई है। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कंबलों की आपूर्ति की जा रही है और मेडिकल टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सर्दी से जुड़ी बीमारियों पर नजर रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग को भी सक्रिय किया गया है। सरकार का प्रयास है कि राहत केवल कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी कारण मुख्यमंत्री स्वयं और उनके निर्देश पर मंत्री व वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। इससे न केवल प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ी है, बल्कि आम लोगों में भरोसा भी मजबूत हुआ है।
READ MORE: मैदान से मेडल तक, उत्तराखंड में खिलाड़ियों के सपने अब ले रहे हैं उड़ान
अंततः यह कहा जा सकता है कि शीतलहर के बीच उत्तर प्रदेश सरकार की सक्रियता और संवेदनशीलता एक स्पष्ट संदेश देती है राज्य का कोई भी नागरिक अकेला नहीं है। रैन बसेरों का निरीक्षण, भोजन और कंबल वितरण तथा पर्याप्त धनराशि की उपलब्धता यह दिखाती है कि सरकार केवल नीति नहीं बनाती, बल्कि संकट की घड़ी में ज़मीन पर उतरकर काम भी करती है। यही सेवा भाव और सुरक्षा की भावना प्रदेश के 25 करोड़ लोगों के प्रति सरकार की वास्तविक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Follow Us: YouTube| Tv today Bharat Live | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat| X | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram
