Budget Session 2026: उत्तराखंड विधानसभा का Budget Session 2026 अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। करीब पांच दिनों तक चले इस सत्र में वित्तीय वर्ष 2026–27 के बजट के साथ कई महत्वपूर्ण विधेयकों और अध्यादेशों को मंजूरी दी गई। 9 मार्च से शुरू हुआ यह Budget Session 2026 राजनीतिक बहस, सवाल-जवाब और विधायी फैसलों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी चर्चा भी देखने को मिली।
41 घंटे से अधिक चली सदन की कार्यवाही
विधानसभा सचिवालय के आंकड़ों के अनुसार Budget Session 2026 के दौरान कुल 41 घंटे 10 मिनट तक सदन की कार्यवाही चली। इस दौरान प्रश्नकाल, शून्यकाल और विभिन्न नियमों के तहत कई मुद्दों पर चर्चा की गई।
सत्र के दौरान विधानसभा को 50 अल्पसूचित प्रश्न और 545 तारांकित प्रश्न प्राप्त हुए। इनमें से 291 प्रश्नों के उत्तर सरकार की ओर से दिए गए। विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों और विभागों से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाया, जिस पर सरकार की ओर से जवाब भी दिए गए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का Budget Session 2026 कई अहम सवालों और जवाबों के कारण चर्चा में रहा।
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चार अध्यादेशों को मिली सदन की मंजूरी
Budget Session 2026 के दौरान राज्य सरकार की ओर से लाए गए चार अध्यादेशों को भी सदन से मंजूरी मिल गई। इन अध्यादेशों का संबंध प्रशासनिक सुधार, आर्थिक प्रबंधन और कानूनी प्रक्रियाओं से है।
मंजूरी पाने वाले अध्यादेशों में उत्तराखंड दुकान और स्थापना (रोजगार विनिमय और सेवा शर्त) संशोधन अध्यादेश 2025, उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश 2025, उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश 2025 और उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (संशोधन) अध्यादेश 2026 शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि इन अध्यादेशों का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना और राज्य में बेहतर शासन व्यवस्था को मजबूत करना है।
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सदन में पारित हुए 12 महत्वपूर्ण विधेयक
इस Budget Session 2026 की एक बड़ी उपलब्धि यह रही कि विधानसभा ने विनियोग विधेयक सहित कुल 12 विधेयकों को मंजूरी दी। इन विधेयकों का संबंध रोजगार, शिक्षा, प्रशासनिक सुधार और सामाजिक न्याय जैसे विभिन्न क्षेत्रों से है।
पारित प्रमुख विधेयकों में उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) संशोधन विधेयक 2026, उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक 2026, उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2026 और समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक 2026 शामिल हैं।
इसके अलावा उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) विधेयक, उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक, उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक, उत्तराखंड देवभूमि परिवार विधेयक 2026, उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक और उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक भी इस Budget Session 2026 के दौरान पारित किए गए।
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विपक्ष ने बजट को बताया निराशाजनक
सत्र के समापन के बाद नेता प्रतिपक्ष Yashpal Arya ने कहा कि विपक्ष ने पूरे Budget Session 2026 के दौरान अपनी भूमिका पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शुरुआत से ही सत्र को जल्दी समाप्त करना चाहती थी, लेकिन विपक्ष ने विभिन्न नियमों के तहत सरकार से जवाब मांगने का काम किया।
उनका कहना था कि Budget Session 2026 में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्ट योजना दिखाई नहीं देती। उन्होंने इसे “घोषणाओं का पुलिंदा” बताते हुए कहा कि राज्य के विकास से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार स्पष्ट रणनीति पेश नहीं कर सकी।
कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक Manoj Tiwari और Harish Dhami ने भी सत्र के दौरान सरकार पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि कई विभागीय प्रश्नों के दौरान मंत्रियों के पास संतोषजनक जवाब नहीं थे और कुछ मामलों में अधिकारियों द्वारा दिए गए आंकड़ों पर भी सवाल खड़े हुए।
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भाजपा ने सत्र को बताया सफल
वहीं सत्तारूढ़ भाजपा के विधायक Vinod Kandari ने Budget Session 2026 को सफल और रचनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि इस सत्र के दौरान सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधायी निर्णय लिए, जो राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधार के लिए जरूरी हैं।
कंडारी का कहना था कि विपक्ष ने कई बार केवल राजनीतिक बयानबाजी की, जबकि सरकार ने विधायी कार्यों को प्राथमिकता दी। उन्होंने यह भी कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में भाग न लेकर कांग्रेस ने खुद ही सत्र की अवधि को लेकर अपने तर्क को कमजोर किया।
राजनीतिक बहस के बीच संपन्न हुआ सत्र
पांच दिनों तक चला Budget Session 2026 राजनीतिक बहस, आरोप-प्रत्यारोप और महत्वपूर्ण विधायी फैसलों के बीच संपन्न हुआ। कई बार सदन का माहौल गर्म भी हुआ, लेकिन इसके बावजूद विधायी कार्य पूरे किए गए।
अब सत्र समाप्त होने के बाद सबकी नजर इस बात पर है कि Budget Session 2026 में पारित किए गए विधेयकों और बजट घोषणाओं को सरकार किस तरह जमीन पर लागू करती है। यदि इन फैसलों का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो आने वाले समय में राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधार में इसका असर दिखाई दे सकता है।
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