Hemkund Sahib Yatra 2026: उत्तराखंड की पवित्र और विश्वप्रसिद्ध Hemkund Sahib Yatra 2026 का शुभारंभ आधिकारिक रूप से हो गया है। चार धाम यात्रा के बाद अब श्रद्धालुओं की आस्था का अगला बड़ा केंद्र श्री हेमकुंड साहिब बनने जा रहा है। शुक्रवार को ऋषिकेश स्थित लक्ष्मण झूला रोड के गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब से श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को विधिवत रवाना किया गया। पंच प्यारों की अगुवाई में निकले इस पहले जत्थे को दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा मार्ग के लिए रवाना किया।
Hemkund Sahib Yatra 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। गुरुद्वारा परिसर ‘जो बोले सो निहाल’ के जयकारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में संगत ने दरबार साहिब में माथा टेककर यात्रा की सफलता, सुखद संचालन और सुरक्षित यात्रा की अरदास की।
23 मई को खुलेंगे हेमकुंड साहिब के कपाट
गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि 23 मई को विधिपूर्वक हेमकुंड साहिब धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही हिमालय की गोद में बसे इस पवित्र सिख तीर्थ की वार्षिक यात्रा शुरू हो जाएगी।
Read More: उत्तराखंड में तीन दिन का राजकीय शोक, पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूड़ी के सम्मान में कल बंद रहेंगे स्कूल
उन्होंने कहा कि Hemkund Sahib Yatra 2026 के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। प्रशासन और उत्तराखंड सरकार लगातार सहयोग कर रही है ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
श्रद्धालुओं में दिखा जबरदस्त उत्साह
ऋषिकेश गुरुद्वारा परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालु इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनने के लिए बेहद उत्साहित नजर आए।
धार्मिक कार्यक्रम के दौरान कीर्तन और अरदास का आयोजन किया गया। संगत ने गुरु घर में माथा टेककर यात्रा के सफल संचालन की प्रार्थना की। यात्रा शुरू होने से पहले पंजाब बैंड की मधुर धुनों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु झूमते हुए और जयकारे लगाते हुए यात्रा मार्ग पर आगे बढ़े।
पंच प्यारों की अगुवाई में रवाना हुआ पहला जत्था
Hemkund Sahib Yatra 2026 के पहले जत्थे की अगुवाई पंच प्यारों ने की। पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों के बीच यात्रा की शुरुआत की गई। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे।
यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से भेजा गया। प्रशासन की ओर से ट्रैफिक कंट्रोल, मेडिकल सहायता और सुरक्षा बलों की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है।
यात्रा मार्ग से हटाई गई बर्फ
गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि इस बार यात्रा मार्ग को पहले से ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया गया है। उन्होंने कहा कि हेमकुंड साहिब तक जाने वाले रास्तों से पूरी तरह बर्फ हटाई जा चुकी है।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण हर साल यात्रा शुरू होने से पहले रास्तों को साफ करने का बड़ा अभियान चलाया जाता है। इस बार भी BRO, प्रशासन और स्थानीय टीमों ने मिलकर यात्रा मार्ग को तैयार किया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। उन्होंने भरोसा जताया कि Hemkund Sahib Yatra 2026 इस वर्ष भी सुगम, सुरक्षित और सफल रहेगी।
Read More: ऋषिकेश में शंटिंग के दौरान पटरी से उतरी उज्जैनी एक्सप्रेस, बड़ा हादसा टला
उत्तराखंड सरकार का मिल रहा सहयोग
यात्रा के आयोजन में उत्तराखंड सरकार की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाएं, राहत शिविर और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।
सरकार की ओर से यात्रा मार्ग पर साफ-सफाई, पेयजल और आपातकालीन सेवाओं को भी सक्रिय रखा गया है। विशेषकर गोविंदघाट, घांघरिया और हेमकुंड साहिब तक के रास्तों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
बीसी खंडूड़ी को दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के निधन पर भी शोक व्यक्त किया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं और गणमान्य लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू समेत कई प्रमुख धार्मिक और सामाजिक हस्तियां मौजूद रहीं। गुरुद्वारा प्रबंधन समिति की ओर से सभी अतिथियों को सम्मानित भी किया गया।
Read More: 5 दिन में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आम आदमी की जेब पर बढ़ा बोझ
आध्यात्मिक आस्था का बड़ा केंद्र है हेमकुंड साहिब
समुद्र तल से करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब सिख समुदाय का बेहद पवित्र तीर्थस्थल माना जाता है। मान्यता है कि दसवें सिख गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी ने पूर्व जन्म में इसी स्थान पर तपस्या की थी।
हर साल लाखों श्रद्धालु कठिन पहाड़ी यात्रा तय कर यहां पहुंचते हैं और पवित्र सरोवर में स्नान कर गुरु घर में मत्था टेकते हैं। Hemkund Sahib Yatra 2026 को लेकर भी देशभर के श्रद्धालुओं में गहरा उत्साह देखा जा रहा है।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
हेमकुंड साहिब यात्रा केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। यात्रा सीजन के दौरान हजारों स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है।
होटल, ढाबे, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय व्यापार से जुड़े लोगों को इस यात्रा से बड़ा आर्थिक लाभ होता है। यही वजह है कि हर साल यात्रा सीजन शुरू होने का इंतजार स्थानीय लोग भी बेसब्री से करते हैं।
Hemkund Sahib Yatra 2026 के शुभारंभ के साथ अब उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन का माहौल और अधिक सक्रिय हो गया है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति पूरी तैयारी के साथ यात्रा संचालन में जुटी हुई है।
Follow Us: TV TODAY BHARAT LIVE | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat| X | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram | YOUTUBE
