Revenue Lok Adalat Uttarakhand: उत्तराखंड में न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी और आमजन के लिए सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने Revenue Lok Adalat Uttarakhand का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समयबद्ध और पारदर्शी न्याय प्रदान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
सीएम ने स्पष्ट किया कि Revenue Lok Adalat Uttarakhand पहल न केवल लंबित मामलों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आम लोगों के विश्वास को मजबूत करने का भी माध्यम बनेगी।
लंबित मामलों के समाधान पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वर्षों से लंबित पड़े राजस्व विवादों का समाधान अब तेजी से किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश में 400 से अधिक राजस्व न्यायालय कार्यरत हैं, जहां करीब 50 हजार से ज्यादा मामले लंबित हैं।
Revenue Lok Adalat Uttarakhand के माध्यम से इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि राजस्व विवाद केवल कानूनी मसले नहीं होते, बल्कि इनमें किसानों की जमीन, परिवार की आजीविका और लोगों की सामाजिक प्रतिष्ठा भी जुड़ी होती है।
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13 जिलों में एक साथ आयोजन, हजारों मामलों का निस्तारण
राज्य सरकार ने “न्याय आपके द्वार” की अवधारणा को साकार करते हुए सभी 13 जिलों में एक साथ 210 स्थानों पर राजस्व लोक अदालत का आयोजन किया है। इस पहल के तहत लगभग 6,933 मामलों के त्वरित निस्तारण का लक्ष्य रखा गया है।
Revenue Lok Adalat Uttarakhand के जरिए भूमि विवादों के साथ-साथ आबकारी, खाद्य, स्टाम्प, सरफेसी एक्ट, गुंडा एक्ट, सीआरपीसी, विद्युत अधिनियम, वरिष्ठ नागरिक अधिनियम और रेंट कंट्रोल से जुड़े मामलों को भी शामिल किया गया है।
समयबद्ध न्याय के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मामलों का निस्तारण तय समयसीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से अविवादित विरासत के मामलों में तेजी लाने को कहा।
सीएम ने सुझाव दिया कि किसी भू-स्वामी की मृत्यु के बाद तेहरवीं या पीपलपानी तक वारिसों के नाम नामांतरण की प्रक्रिया पूरी कर नई खतौनी उपलब्ध कराई जाए।
इसके साथ ही विवादित भूमि की पैमाइश और कब्जे से जुड़े मामलों को एक माह के भीतर निपटाने के निर्देश भी दिए गए।
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डिजिटल सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता
Revenue Lok Adalat Uttarakhand को और प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने तकनीक का भी सहारा लिया है। राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली को ऑनलाइन करते हुए ‘रेवेन्यू कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम’ पोर्टल विकसित किया गया है।
इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपने मामलों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और आवेदन भी कर सकते हैं। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी।
मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस” के विजन पर काम कर रही है। इस पहल के जरिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और जवाबदेह बनाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रयास प्रधानमंत्री Narendra Modi के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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मुख्य सचिव ने भी दिए तेज निस्तारण के संकेत
इस मौके पर मुख्य सचिव Anand Bardhan ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार सभी लंबित मामलों का निस्तारण युद्ध स्तर पर किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि से जुड़े विवादों को प्राथमिकता दी जाए और लंबित प्रकरणों को जल्द से जल्द समाप्त किया जाए।
न्याय व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव
कुल मिलाकर, Revenue Lok Adalat Uttarakhand राज्य की न्याय व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव लाने की क्षमता रखता है। यह पहल न केवल लंबित मामलों को कम करेगी, बल्कि आम जनता को त्वरित और सुलभ न्याय भी प्रदान करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Revenue Lok Adalat Uttarakhand पहल को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो यह अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है। राज्य सरकार का यह कदम न्याय प्रणाली को अधिक मानवीय, पारदर्शी और परिणाममुखी बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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