Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने उत्तराखंड के यमकेश्वर क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा कि विकास तभी सार्थक है जब वह संस्कृति और संस्कारों के साथ आगे बढ़े। उन्होंने नवनिर्मित इंटर कॉलेज भवन का लोकार्पण करते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री पाने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव है। Yogi Adityanath ने उत्तराखंड सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह राज्य धार्मिक आस्था और आधुनिक विकास के बीच सुंदर संतुलन बना रहा है।

यमकेश्वर से जुड़ी हैं योगी की स्मृतियां
Yogi Adityanath के लिए यमकेश्वर का यह दौरा भावनात्मक रूप से भी खास रहा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र उनकी जन्मभूमि और कर्मभूमि दोनों से जुड़ा हुआ है। यहां की मिट्टी, यहां के संस्कार और यहां की शिक्षा ने उनके जीवन को दिशा दी। Yogi Adityanath ने कहा कि पहाड़ के गांवों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं, जरूरत केवल अवसर और बेहतर संसाधनों की है। उन्होंने कहा कि नए विद्यालय भवन का निर्माण इस बात का प्रमाण है कि सरकार दूरदराज के क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए गंभीर है। गांवों में आधुनिक शिक्षण सुविधाएं विकसित होंगी तो बच्चों को बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
READ MORE: योगी आदित्यनाथ ने मिजोरम के राज्यपाल से की शिष्टाचार भेंट
धामी सरकार की कार्यशैली की खुलकर तारीफ
Yogi Adityanath ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य सरकार धर्मस्थलों के संरक्षण के साथ-साथ विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है। Yogi Adityanath ने कहा कि उत्तराखंड वह भूमि है जहां आध्यात्म और प्रगति एक साथ चलते हैं। यहां न केवल सड़कों और पुलों का निर्माण हो रहा है, बल्कि आस्था के केंद्रों को भी संवारने का काम किया जा रहा है। Yogi Adityanath ने कहा कि अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई और धार्मिक स्थलों के संरक्षण के फैसले साहसिक हैं। इससे समाज में सकारात्मक संदेश जा रहा है कि कानून सबके लिए बराबर है और संस्कृति की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
ALSO READ: बुलेट ट्रेन, समेत करोड़ों की परियोजनाएं और विकसित भारत-2047 की दिशा में बड़ा कदम।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर विशेष जोर
कार्यक्रम में Yogi Adityanath ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नीति भारत को ज्ञान आधारित महाशक्ति बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। Yogi Adityanath ने कहा कि नई शिक्षा नीति बच्चों को रटने की बजाय सीखने पर केंद्रित करती है। कौशल, नैतिकता और नवाचार इसके मूल तत्व हैं। Yogi Adityanath ने कहा कि प्राचीन गुरुकुल परंपरा में शिक्षा केवल ज्ञान तक सीमित नहीं थी, बल्कि चरित्र निर्माण भी उसका हिस्सा था। आज उसी भावना को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को केवल परीक्षा के लिए नहीं, जीवन के लिए तैयार करें।

ALSO READ: उत्तर प्रदेश में मदरसों की फंडिंग पर जांच के आदेश, विदेशी चंदे पर सख्ती
गांव मजबूत तो देश मजबूत
अपने संबोधन में Yogi Adityanath ने ग्रामीण विकास पर विशेष बल दिया। Yogi Adityanath ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। जब गांव सशक्त होंगे, तभी देश भी सशक्त बनेगा। उत्तराखंड सरकार जिस तरह से गांवों में सड़क, बिजली, इंटरनेट और शिक्षा का विस्तार कर रही है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति ने पहाड़ के युवाओं के लिए नए अवसर खोले हैं। अब गांव का युवा भी दुनिया से सीधे जुड़ सकता है। जरूरत इस बात की है कि शिक्षा को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ा जाए।
ALSO READ: योगी आदित्यनाथ का उत्तराखंड दौरा, जनिये वो 7 प्रमुख संदेश जिनका किया ऐलान..
जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने Yogi Adityanath के विचारों को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। Yogi Adityanath ने अंत में कहा कि उत्तराखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। यहां से निकला संदेश पूरे देश को दिशा देता है। शिक्षा, संस्कार और विकास की यह त्रिवेणी ही नए भारत का निर्माण करेगी।
Follow Us: YouTube| TV TODAY BHARAT LIVE | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat| X | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram | Yogi Adityanath Uttarakhand
