Sports Policy Impact in India: खेल नीति के सकारात्मक परिणाम अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि वे धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। बीते कुछ वर्षों में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लागू की गई नई खेल नीतियों ने भारतीय खेल तंत्र को संरचनात्मक मजबूती दी है। खासतौर पर भारत सरकार और युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय के स्तर पर बनाई गई योजनाओं का असर यह है कि बड़ी संख्या में खिलाड़ी सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं।
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खेल नीति का सबसे बड़ा लाभ यह रहा है कि अब प्रतिभा की पहचान बहुत शुरुआती स्तर पर हो रही है। स्कूल-कॉलेज, ब्लॉक और जिला स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं के माध्यम से खिलाड़ियों का डेटा तैयार किया जा रहा है, जिससे योग्य खिलाड़ियों को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। इससे पहले प्रतिभाशाली खिलाड़ी संसाधनों और मार्गदर्शन के अभाव में पीछे रह जाते थे, लेकिन अब उन्हें सही समय पर सही प्लेटफॉर्म मिल रहा है।
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प्रशिक्षण व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। आधुनिक खेल अकादमियां, स्पोर्ट्स साइंस सपोर्ट, फिटनेस टेस्टिंग और कोचिंग स्टाफ की उपलब्धता ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाया है। खेल नीति के तहत कोचों के प्रशिक्षण और प्रमाणन पर भी जोर दिया गया है, जिससे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयारी का अवसर मिल सके। इसका सीधा असर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के प्रदर्शन पर दिखाई दे रहा है।
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वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन भी खेल नीति का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है। छात्रवृत्ति, खेलवृत्ति, नकद पुरस्कार और सरकारी नौकरियों में आरक्षण जैसी व्यवस्थाओं ने खिलाड़ियों के मन से असुरक्षा की भावना को कम किया है। अब माता-पिता भी खेल को करियर विकल्प के रूप में गंभीरता से देखने लगे हैं, क्योंकि उन्हें भविष्य की स्थिरता का भरोसा मिल रहा है।
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खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी नीति का असर साफ दिखता है। नए स्टेडियम, मल्टी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सिंथेटिक ट्रैक और इंडोर सुविधाएं छोटे शहरों और कस्बों तक पहुंची हैं। इससे महानगरों पर निर्भरता कम हुई है और स्थानीय स्तर पर ही खिलाड़ियों को अभ्यास का बेहतर माहौल मिलने लगा है।
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि खेल अब केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समग्र विकास का माध्यम बन रहा है। अनुशासन, नेतृत्व, टीमवर्क और स्वास्थ्य जैसे मूल्यों को बढ़ावा मिल रहा है। कुल मिलाकर, खेल नीति का प्रभावी क्रियान्वयन भारत को एक मजबूत खेल राष्ट्र बनाने की दिशा में ठोस आधार तैयार कर रहा है, जिसके परिणाम आने वाले वर्षों में और अधिक स्पष्ट रूप से सामने आएंगे।
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