AI-generated IndiGo autorickshaw flying video goes viral amid flight cancellations
IndiGo Autorickshaw Viral Video: देशभर में इंडिगो (IndiGo) की लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन ने यात्रियों की हालत टेढ़ी-मेढ़ी रनवे जैसी कर दी है किसी की मीटिंग छूटी, किसी की शादी, और किसी का टूर। लेकिन भारतीय सोशल मीडिया जनता दुख में भी हंसी ढूंढ ही लेती है। और इसी हंसी के बीच एक AI-जनरेटेड ‘IndiGo Autorickshaw’ वीडियो ने इंटरनेट पर ऐसी उड़ान भरी कि असली जहाज़ तो क्या… मीम बनाने वाले भी पीछे छूट गए!
इंडिगो ऑटो: उड़ान कम, मज़ा ज़्यादा
कंटेंट क्रिएटर शैलेन्द्र सिंह द्वारा शेयर किया गया यह वीडियो एकदम फिल्मी है। इसमें एक ऑटोरिक्शा को इंडिगो एयरक्राफ्ट की तरह डिजाइन किया गया है नीला-सफेद ब्रांड कलर, छोटे पंख, टेल फिन और ड्राइवर की एयरलाइन-स्टाइल स्माइल। वीडियो में शैलेन्द्र मज़े से इस “हवाई ऑटो” को चलाते हैं, फिर थम्स-अप देते हैं… और अचानक वही ऑटो उड़ान भर लेता है!
लोगों ने कहा,
“इंडिगो की फ्लाइट न सही… ये ऑटो तो उड़ ही रहा है!”
सोशल मीडिया पर मीम बारिश
इंडस्ट्रियलिस्ट हर्ष गोयंका ने जब इसे X पर पोस्ट किया, तो लोगों ने कमेंट सेक्शन को हवाई चुटकुलों से भर दिया।
कुछ धमाकेदार रिएक्शन:
- “IndiGo की नई फ्लीट: no delays, no diversion, ऑटो में मज़ेदार टेकऑफ।”
- “परफेक्ट… क्योंकि इनके असली एयरक्राफ्ट तो इन दिनों nightclub से उड़ते दिख रहे हैं।”
- “जब पंख साथ छोड़ दें… तो पहिए ही सहारा बन जाते हैं!”
किसी ने कहा ये AI ने बनाया है, पर इंडिगो चाहे तो इसे रियल सर्विस भी बना सकती है… शायद ये कम से कम लेट तो नहीं होगा!
असली दुनिया में इंडिगो की मुश्किलें
मीमों के बीच हकीकत ये है कि हजारों यात्रियों को कैंसिलेशन का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच इंडिगो CEO पीटर एल्बर्स ने नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से मुलाकात की। सरकार ने एयरलाइन को अस्थायी रूप से 10% रूट कम करने की सलाह दी है ताकि ऑपरेशंस संभाले जा सकें। मंत्री ने भरोसा दिया,
“सभी डेस्टिनेशन सर्व होते रहेंगे।”
इंडिगो ने भी कहा कि 6 दिसंबर तक की सभी कैंसिल फ्लाइट का पूरा रिफंड प्रोसेस कर दिया गया है। फ्लाइटें भले ही उड़ने में समस्या दिखा रही हों, पर इंडिगो का ऑटो कम से कम AI की दुनिया में ब्लैक कैट कमांडो की तरह आसमान नाप रहा है। लोगों ने साफ कर दिया है,
“टेंशन हो या कैंसिलेशन… भारत में मीम्स का फ्यूल कभी खत्म नहीं होता।”
