Gold Price Outlook showing rising gold prices amid global economic uncertainty and Fed rate expectations
Gold Price Outlook: लगातार चार सप्ताह तक कमजोरी झेलने के बाद Gold Price Outlook एक बार फिर निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमतों में आई हालिया तेजी ने यह संकेत दिया है कि बाजार में फिर से खरीदारी का माहौल बन रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अगले सप्ताह Gold Price Outlook पूरी तरह वैश्विक आर्थिक संकेतों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों, डॉलर इंडेक्स और महंगाई के आंकड़ों पर निर्भर करेगा।
सोने को हमेशा सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माना जाता है। यही कारण है कि जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बढ़ती है या भू-राजनीतिक तनाव गहराता है, तब निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं। ऐसे में आने वाला सप्ताह Gold Price Outlook के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चार हफ्तों की गिरावट के बाद बाजार में लौटी मजबूती
पिछले एक महीने के दौरान सोने की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिली थी। निवेशकों की मुनाफावसूली, डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण बाजार दबाव में था। लेकिन अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है।
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मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में सप्ताह के दौरान करीब 3,216 रुपये यानी 2.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसी तरह अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गोल्ड फ्यूचर्स में अच्छी तेजी देखने को मिली। इससे संकेत मिल रहे हैं कि Gold Price Outlook फिर सकारात्मक दिशा में बढ़ सकता है।
1. अमेरिकी आर्थिक आंकड़े तय करेंगे बाजार की चाल
अगले सप्ताह अमेरिका से जारी होने वाले कई महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी। इनमें सर्विस पीएमआई (Service PMI), ट्रेड डेटा और साप्ताहिक बेरोजगारी दावों के आंकड़े प्रमुख हैं।
यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अपेक्षा से कमजोर प्रदर्शन करती है तो डॉलर पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे Gold Price Outlook को मजबूती मिलेगी। वहीं मजबूत आर्थिक आंकड़े आने पर सोने की कीमतों में अस्थायी दबाव देखने को मिल सकता है।
2. फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर रहेगा पूरा फोकस
वैश्विक निवेशकों की सबसे बड़ी नजर अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के अगले कदम पर रहेगी। ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं जितनी मजबूत होंगी, उतना ही सोने के लिए सकारात्मक माहौल बनेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि फेड भविष्य में ब्याज दरें कम करने के संकेत देता है तो डॉलर कमजोर हो सकता है और Gold Price Outlook में नई तेजी देखने को मिल सकती है।
3. डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड का रहेगा सीधा असर
सोने और अमेरिकी डॉलर के बीच हमेशा उल्टा संबंध देखा जाता है। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना महंगा होने के कारण उसकी मांग घटती है। वहीं डॉलर कमजोर पड़ने पर निवेशक फिर से सोने की खरीद बढ़ाते हैं।
इसी तरह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट भी सोने के लिए सकारात्मक मानी जाती है। इसलिए अगले सप्ताह डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड की चाल Gold Price Outlook के लिए बेहद अहम रहने वाली है।
4. वैश्विक महंगाई के आंकड़े बदल सकते हैं तस्वीर
केवल अमेरिका ही नहीं बल्कि यूरोपीय संघ, चीन, जापान और जर्मनी से आने वाले महंगाई के आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करेंगे।
यदि महंगाई उम्मीद से अधिक रहती है तो केंद्रीय बैंक सख्त मौद्रिक नीति अपना सकते हैं, जिससे सोने पर दबाव बन सकता है। वहीं महंगाई में कमी आने पर ब्याज दरों में राहत की उम्मीद बढ़ेगी और Gold Price Outlook को मजबूती मिल सकती है।
5. कच्चे तेल और भू-राजनीतिक तनाव पर भी रहेगी नजर
कच्चे तेल की कीमतों में अचानक होने वाला उतार-चढ़ाव भी कीमती धातुओं के बाजार को प्रभावित करता है। इसके अलावा रूस-यूक्रेन सहित दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में जारी भू-राजनीतिक तनाव भी निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित कर सकता है। ऐसे हालात में सोने की मांग बढ़ने की संभावना रहती है, जिससे Gold Price Outlook को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।
घरेलू बाजार में सोना और चांदी दोनों मजबूत
कमोडिटी बाजार के जानकारों के अनुसार घरेलू बाजार में भी सोने और चांदी दोनों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली है।
सितंबर डिलीवरी वाली चांदी के वायदा भाव में सप्ताह के दौरान लगभग 13,938 रुपये यानी 6.2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इससे साफ है कि निवेशकों का भरोसा केवल सोने पर ही नहीं बल्कि अन्य कीमती धातुओं पर भी बना हुआ है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह बनी रहीं तो आने वाले दिनों में दोनों धातुओं में मजबूती जारी रह सकती है।
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी भी दे रही मजबूती
विश्व स्तर पर केंद्रीय बैंक लगातार अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहे हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार कई देशों के केंद्रीय बैंकों ने मई महीने के दौरान बड़ी मात्रा में सोने की खरीदारी की है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी लंबे समय के लिए Gold Price Outlook को मजबूत आधार प्रदान कर रही है। यही वजह है कि गिरावट आने पर भी सोने में मजबूत सपोर्ट देखने को मिल रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगले सप्ताह सोने में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में अल्पकालिक निवेशकों को अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, फेडरल रिजर्व की टिप्पणियों, डॉलर इंडेक्स और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर लगातार नजर रखनी चाहिए।
यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं तो Gold Price Outlook आने वाले दिनों में और मजबूत हो सकता है। वहीं लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना अभी भी पोर्टफोलियो में स्थिरता और सुरक्षा देने वाला प्रमुख निवेश विकल्प बना हुआ है। वैश्विक अनिश्चितताओं और आर्थिक बदलावों के बीच आने वाला सप्ताह सोने की कीमतों की अगली दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकता है।
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