Sealed Water Bottle allegedly containing acid-like liquid in Hapur as police investigate after a girl fell critically ill
Sealed Water Bottle: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से सामने आई एक चौंकाने वाली घटना ने पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक Sealed Water Bottle में कथित तौर पर पानी की जगह तेजाब जैसा खतरनाक तरल पदार्थ मिलने से हड़कंप मच गया। बोतल से दो घूंट पीते ही एक युवती की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस पूरे घटनाक्रम का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि एक Sealed Water Bottle के भीतर ऐसा संदिग्ध पदार्थ पहुंच सकता है तो आम उपभोक्ताओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। पुलिस ने बोतल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और संबंधित सभी पक्षों से पूछताछ की जा रही है।
जेवर खरीदने पहुंची युवती के साथ हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, हापुड़ के अर्जुन नगर निवासी रिया अपनी मां अंजना राघव के साथ एक सर्राफा दुकान पर जेवर खरीदने गई थीं। खरीदारी के दौरान रिया को प्यास लगी तो उसने पानी मांगा। दुकान संचालक ने पास के एक जनरल स्टोर से एक ठंडी Sealed Water Bottle मंगवा दी।
रिया ने जैसे ही बोतल खोली और दो घूंट पानी पिया, उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। कुछ ही सेकेंड में उसे तेज जलन, घबराहट और उल्टियां होने लगीं। मौके पर मौजूद लोग पहले तो कुछ समझ नहीं पाए, लेकिन युवती की हालत तेजी से बिगड़ती देख परिजन उसे तुरंत मेरठ के अस्पताल ले गए, जहां उसका उपचार जारी है। चिकित्सकों की निगरानी में उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
CCTV फुटेज ने बढ़ाए कई सवाल
घटना का CCTV फुटेज अब जांच का अहम हिस्सा बन गया है। फुटेज में साफ दिखाई देता है कि युवती बोतल खोलकर पानी पीती है और कुछ ही सेकेंड बाद अचानक बेचैन होकर वहां से भागने लगती है। उसके चेहरे पर तकलीफ साफ नजर आती है।
इस वीडियो के सामने आने के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है। पुलिस फुटेज के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि Sealed Water Bottle कहीं पहले से छेड़छाड़ का शिकार तो नहीं हुई थी या फिर सप्लाई चेन के किसी चरण में गड़बड़ी हुई।
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पानी की जगह तेजाब जैसा तरल मिलने का दावा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब बोतल में बचा हुआ तरल पदार्थ फर्श पर डाला गया तो उसमें से तेजाब जैसी तीखी गंध आने लगी। कुछ ही देर में झाग बनने लगा और फर्श पर भी रासायनिक प्रतिक्रिया जैसी स्थिति दिखाई दी। इससे लोगों का शक और गहरा हो गया कि बोतल में सामान्य पानी नहीं था।
हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है कि बोतल में वास्तव में कौन-सा रसायन था। इसकी पुष्टि केवल फोरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने संदिग्ध तरल पदार्थ को वैज्ञानिक परीक्षण के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जनरल स्टोर संचालिका ने क्या कहा?
जनरल स्टोर संचालिका रेनू अग्रवाल ने बताया कि उनकी दुकान पर एक बच्चा पानी की बोतल लेने आया था। उन्होंने डीप फ्रीजर से एक Sealed Water Bottle निकालकर उसे दे दी। उनके मुताबिक बोतल पूरी तरह सीलबंद थी और देखकर किसी प्रकार की गड़बड़ी का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता था।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी दुकान पर किसी प्रकार का तेजाब या ऐसा कोई रसायन बेचा ही नहीं जाता। इसलिए उनके अनुसार यह घटना बेहद हैरान करने वाली है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
हापुड़ पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस सर्राफा दुकान के मालिक, जनरल स्टोर संचालिका और पानी की बोतल लाने वाले किशोर से पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही इलाके के CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि Sealed Water Bottle दुकान तक किस स्थिति में पहुंची।
जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि बोतल स्थानीय स्तर पर बदली गई या फिर सप्लाई के दौरान किसी स्तर पर उसमें छेड़छाड़ हुई। यदि जांच में लापरवाही या साजिश सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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उपभोक्ताओं की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
यह घटना केवल एक आपराधिक जांच का विषय नहीं है, बल्कि पैकेज्ड पेयजल की गुणवत्ता और उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मुद्दा भी बन गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि सीलबंद उत्पाद खरीदते समय भी उपभोक्ताओं को बोतल की सील, ढक्कन, लेबल और अंदर मौजूद तरल के रंग व गंध पर ध्यान देना चाहिए। किसी भी प्रकार की असामान्य स्थिति दिखाई देने पर तुरंत संबंधित कंपनी और प्रशासन को सूचना देनी चाहिए।
फिलहाल सभी की निगाहें फोरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि Sealed Water Bottle में आखिर कौन-सा पदार्थ मौजूद था और यह गंभीर लापरवाही थी या किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी।
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