Haryana Chief Minister Nayab Singh Saini reviewing quality audits, research projects, green mobility plans and major development works in Chandigarh। PHOTO: X CM SAINI
घोषणाओं से आगे बढ़ता मॉडल
Haryana Development अब केवल नई योजनाओं की घोषणा तक सीमित दिखाई नहीं देता, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता, परियोजनाओं की समयसीमा, उच्च शिक्षा में शोध, स्वच्छ परिवहन और पर्यावरण संरक्षण को एक ही प्रशासनिक ढांचे से जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
12 से 14 जुलाई 2026 के बीच चंडीगढ़ और हिसार में हुई बैठकों तथा कार्यक्रमों से संकेत मिला कि सरकार विकास परियोजनाओं के साथ उनकी निगरानी और वास्तविक उपयोगिता पर भी जोर दे रही है। यही दृष्टिकोण Haryana Quality Governance को जवाबदेही और Haryana Innovation Projects को जनहित से जोड़ता है।
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सरकार के हालिया फैसलों का नया पहलू यह है कि सड़क, सिंचाई, बिजली, पेयजल, कृषि बाजार, शिक्षा और सार्वजनिक परिवहन को अलग-अलग विभागीय विषय मानने के बजाय एक साझा विकास रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
Haryana Development के इस मॉडल में निर्माण पूरा होना ही सफलता का पैमाना नहीं है, बल्कि उसकी गुणवत्ता, समयबद्धता और नागरिकों को मिलने वाला लाभ भी महत्वपूर्ण है। इस प्रकार Haryana Quality Governance प्रशासनिक निगरानी का आधार बन रही है, जबकि Haryana Innovation Projects भविष्य की अर्थव्यवस्था की दिशा तय कर रही हैं।
गुणवत्ता पर सख्त संदेश
14 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में Quality Assurance Authority की समीक्षा बैठक हुई। इसमें सिंचाई, लोक निर्माण, बिजली, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड से जुड़े निर्माण कार्यों तथा Technical Audit Reports की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकारी निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री, नियमों की अनदेखी या निर्धारित मानकों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। Haryana Development के अंतर्गत Haryana Quality Governance को सख्त कार्रवाई से जोड़ते हुए Haryana Innovation Projects में आधुनिक निगरानी व्यवस्था अपनाने पर बल दिया गया।
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बैठक में अधिकारियों को Audit Reports में सामने आई कमियों पर समयबद्ध अनुशासनात्मक और सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। सड़क निर्माण में परतों की मोटाई, टेंडर में निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
राज्य सरकार के धन से Central Public Sector Undertakings द्वारा कराए जाने वाले निर्माण कार्यों का भी नियमित ऑडिट कराने का निर्णय महत्वपूर्ण है।Haryana Development में यह व्यवस्था Haryana Quality Governance को केवल विभागीय फाइलों तक सीमित नहीं रखती, बल्कि Haryana Innovation Projects के प्रत्येक खर्च को गुणवत्ता से जोड़ती है।
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देरी पर लगेगा अंकुश
13 जुलाई को आयोजित State PRAGATI Meeting में मुख्यमंत्री ने ₹75 करोड़ से अधिक लागत वाली 12 बड़ी विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में देरी से लागत बढ़ती है और जनता को समय पर सुविधाएं नहीं मिल पातीं। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि निर्धारित समयसीमा को बार-बार बढ़ाने की प्रवृत्ति से बचा जाए।
Haryana Development का यह पहलू Haryana Quality Governance को समय प्रबंधन से जोड़ता है और Haryana Innovation Projects को निर्धारित लक्ष्य के भीतर पूरा करने की प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करता है।
Pinjore Apple Market के लिए लगभग ₹152 करोड़ के टेंडर जारी किए गए हैं। यहां सौर ऊर्जा उपकरण, वर्षाजल संचयन, हरित क्षेत्र, पौधारोपण और आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए गए। इसी तरह गन्नौर की अंतरराष्ट्रीय फल, फूल, सब्जी और बागवानी मंडी को उत्तर भारत की आधुनिक कृषि मंडियों में विकसित करने की योजना किसानों को बेहतर बाजार, भंडारण और व्यापारिक अवसर उपलब्ध करा सकती है।
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Haryana Development के तहत Haryana Quality Governance परियोजना निष्पादन को मजबूत करती है, जबकि Haryana Innovation Projects कृषि बाजारों को आधुनिक तकनीक से जोड़ती हैं।
शोध को प्रयोगशाला से खेत तक लाने की तैयारी
हरियाणा सरकार ने Higher Education Institutions में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ₹20 करोड़ का Haryana State Research Fund निर्धारित किया है। इसमें से ₹17.25 करोड़ जारी किए गए हैं और 27 उच्च शिक्षण संस्थानों की 90 शोध परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।
Haryana Development के इस शैक्षणिक विस्तार में Haryana Quality Governance शोध परियोजनाओं की निगरानी सुनिश्चित करेगी और Haryana Innovation Projects कृषि, जल संरक्षण, स्वास्थ्य, Artificial Intelligence, ग्रामीण विकास तथा उद्योग से जुड़ी समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजेंगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शोध केवल अकादमिक पत्रिकाओं या विश्वविद्यालयों की प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका लाभ किसानों, उद्योगों, सरकारी विभागों और स्थानीय समुदायों तक पहुंचना चाहिए। पेटेंट, स्टार्टअप, नई तकनीक और बेहतर सार्वजनिक सेवाएं Research Fund की सफलता के वास्तविक पैमाने होंगे।
Nayab Saini Haryana Development की यह सोच Haryana Quality Governance के माध्यम से शोध परिणामों का मूल्यांकन करेगी, जबकि Haryana Innovation Projects युवाओं को समस्या समाधान और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाएंगी।
स्वच्छ हवा और ग्रीन ट्रांसपोर्ट
13 जुलाई को ‘ARJUN SPV’ के Board of Directors की दूसरी बैठक में Haryana Clean Air Project for Sustainable Development की 2026-27 कार्ययोजना की समीक्षा की गई। इसमें स्वच्छ हवा, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण, पराली प्रबंधन, आधुनिक सार्वजनिक परिवहन और Electric Mobility से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा हुई।
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Haryana Development के इस पर्यावरणीय एजेंडे में Haryana Quality Governance विभागों की समयसीमा और प्रगति की समीक्षा करेगी तथा Haryana Innovation Projects तकनीक आधारित प्रदूषण नियंत्रण को बढ़ावा देंगी।
सरकार ने राज्य में 100 EV Charging Stations स्थापित करने और गुरुग्राम-फरीदाबाद में Public-Private Partnership मॉडल के तहत 200 Electric Buses चलाने की तैयारियों की समीक्षा की। कबाड़ हो चुके वाहनों के पंजीकरण और वैज्ञानिक निस्तारण के लिए एक पारदर्शी ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने के भी निर्देश दिए गए।
Haryana Development में यह कदम Haryana Quality Governance को पारदर्शी डिजिटल प्रक्रिया से जोड़ता है और Haryana Innovation Projects को स्वच्छ परिवहन तथा कम प्रदूषण वाले शहरी भविष्य की ओर ले जाता है।
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शिक्षा, छात्राओं और पर्यावरण का संगम
12 जुलाई को हिसार स्थित गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री ने ₹7.58 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें ₹6 करोड़ की लागत वाला आधुनिक छात्रावास, ₹1.40 करोड़ का Nursing Department Building तथा ₹18 लाख की लागत से तैयार खेजड़ली महाबलिदान स्मृति शिल्प और माता अमृता देवी सर्कल शामिल हैं।
Haryana Development के इस शैक्षणिक स्वरूप में Haryana Quality Governance संस्थागत सुविधाओं को मजबूत करती है और Haryana Innovation Projects शिक्षा को पर्यावरणीय चेतना से जोड़ती हैं।
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खेजड़ली महाबलिदान स्मृति शिल्प
खेजड़ली महाबलिदान स्मृति शिल्प केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि प्रकृति की रक्षा के लिए माता अमृता देवी और बिश्नोई समाज के बलिदान की स्मृति है। विश्वविद्यालय परिसर में छात्राओं के लिए आधुनिक आवास और Nursing Education की नई सुविधाएं उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य प्रशिक्षण और महिला सशक्तीकरण को एक साथ आगे बढ़ाती हैं।
Haryana Development के अंतर्गत Haryana Quality Governance बुनियादी सुविधाओं को टिकाऊ बनाती है, जबकि Haryana Innovation Projects संस्कृति, शिक्षा और पर्यावरण के बीच नया संबंध स्थापित करती हैं।
विकास का नया पैमाना
इन फैसलों से स्पष्ट है कि सरकार विकास की गति के साथ उसकी गुणवत्ता की जांच भी करना चाहती है। निर्माण कार्यों का ऑडिट, अधिकारियों की जवाबदेही, बड़ी परियोजनाओं की समयसीमा, किसानों के लिए आधुनिक मंडियां, विश्वविद्यालयों के लिए Research Fund और शहरों के लिए Green Transport-ये सभी एक व्यापक प्रशासनिक बदलाव की ओर संकेत करते हैं।
Haryana Development में Haryana Quality Governance सार्वजनिक धन की सुरक्षा का माध्यम बन सकती है और Haryana Innovation Projects हरियाणा को शोध, तकनीक तथा टिकाऊ विकास के केंद्र के रूप में स्थापित करने में भूमिका निभा सकती हैं।
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