Skip to content
By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
TV Today BharatTV Today BharatTV Today Bharat
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • राज्य-शहर
    • उत्तर प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • झारखंड
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • जम्मू-कश्मीर
    • दिल्ली
  • ताजा खबर
  • क्राइम
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • इंटरनेशनल न्यूज़
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • वेब स्टोरीज
  • मनोरंजन
  • More
    • ब्लॉग
    • एक्सप्लेनेर
    • आस्था
    • हेल्थ
    • वीडियो
Reading: Supreme Court: घरेलू कामगारों का न्यूनतम वेतन, राहत या जोखिम? सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी
Share
Font ResizerAa
TV Today BharatTV Today Bharat
Search
  • होम
  • राज्य-शहर
    • उत्तर प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • झारखंड
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • जम्मू-कश्मीर
    • दिल्ली
  • ताजा खबर
  • क्राइम
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • इंटरनेशनल न्यूज़
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • वेब स्टोरीज
  • मनोरंजन
  • More
    • ब्लॉग
    • एक्सप्लेनेर
    • आस्था
    • हेल्थ
    • वीडियो
Follow US

Home - Supreme Court: घरेलू कामगारों का न्यूनतम वेतन, राहत या जोखिम? सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी

National

Supreme Court: घरेलू कामगारों का न्यूनतम वेतन, राहत या जोखिम? सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी

न्यूनतम वेतन पर सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी, घरेलू कामगारों के रोजगार पर सवाल

Last updated: जनवरी 29, 2026 6:17 अपराह्न
Monika Published जनवरी 29, 2026
Share
Domestic Workers Minimum Wages: Supreme Court of India hearing on domestic workers minimum wage and labour rights
घरेलू कामगारों के न्यूनतम वेतन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है।Source: Supreme Court Proceedings | Reported by Desk Team
SHARE
Highlights
  • CJI की चिंता: वेतन तय हुआ तो घरेलू कामगार रखना बंद कर सकते हैं लोग
  • घरेलू कामगारों के अधिकार बनाम रोजगार, सुप्रीम कोर्ट ने जताई आशंका
  • न्यूनतम वेतन से फायदा या नुकसान? सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पहलुओं पर ध्यान दिलाया
  • संवैधानिक अधिकारों पर बहस, लेकिन रोजगार पर असर को लेकर सुप्रीम कोर्ट सतर्क
  • घरेलू कामगारों का वेतन तय करने पर सुप्रीम कोर्ट ने चेताया, नतीजे हो सकते हैं उलटे

Domestic Workers Minimum Wages: नई दिल्ली में Supreme Court of India में घरेलू कामगारों के न्यूनतम वेतन को लेकर सुनवाई के दौरान CJI ने गंभीर चिंता जताई। अदालत ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21, 23, 14, 15 और 16 के उल्लंघन का तर्क देना आसान है, लेकिन इसके दूरगामी नतीजों पर विचार जरूरी है। खास बात यह है कि अदालत को आशंका है कि न्यूनतम वेतन तय होने पर कई परिवार घरेलू कामगार रखना बंद कर सकते हैं, जिससे सबसे अधिक नुकसान उन्हीं कामगारों को हो सकता है।

ALSO READ: संसद में आर्थिक रिपोर्ट कार्ड, 56.2 करोड़ रोजगार, FY27 में 7.2% GDP अनुमान

क्या है मामला

घरेलू कामगारों के लिए न्यूनतम वेतन तय करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि कम वेतन, अनौपचारिक कार्य-स्थितियां और सामाजिक सुरक्षा की कमी उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है। इसके अलावा, अलग-अलग राज्यों में वेतन और काम के घंटे तय करने की स्पष्ट व्यवस्था नहीं होने से असमानता बनी रहती है।

READ MORE: अजित पवार के निधन से यूपी से महाराष्ट्र तक शोक, योगी, अखिलेश और मायावती ने जताई संवेदना

CJI की चिंता क्यों अहम है

सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि यदि बिना व्यापक सामाजिक-आर्थिक अध्ययन के न्यूनतम वेतन लागू किया गया, तो इसके नतीजे खतरनाक हो सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि घरेलू कामगारों का रोजगार निजी घरों से जुड़ा है, जहां औपचारिक उद्योगों जैसी संरचना नहीं होती। ऐसे में अचानक सख्त नियम कई परिवारों को घरेलू कामगार रखने से पीछे हटा सकते हैं।

ALSO READ: अजित पवार का महायुति सफर, सत्ता साझेदारी और राजनीतिक चुनौतियां

न्यूनतम वेतन समर्थन और आशंकाएं (Domestic Workers Minimum Wages)

समर्थन में तर्क:

  • घरेलू कामगारों को गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार।
  • न्यूनतम आय से शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण में सुधार।
  • शोषण और मनमाने वेतन पर रोक।

आशंकाएं:

छोटे शहरों और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव।

रोजगार के अवसर घटने का खतरा।

आंशिक काम (पार्ट-टाइम) बढ़ने से आय अस्थिर होना।

ALSO READ: भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता तय, आर्थिक साझेदारी को नई दिशा

संविधान और व्यावहारिकता के बीच संतुलन (Domestic Workers Minimum Wages)

इसी क्रम में, अदालत ने यह संकेत दिया कि केवल संवैधानिक प्रावधानों का हवाला पर्याप्त नहीं है; नीति-निर्माण में जमीनी हकीकत भी उतनी ही जरूरी है। घरेलू कामगारों का काम निजी स्पेस में होता है, जहां निरीक्षण और अनुपालन की प्रक्रिया जटिल हो जाती है। साथ ही, महिलाओं की बड़ी हिस्सेदारी और प्रवासी श्रमिकों की मौजूदगी नीति को और संवेदनशील बनाती है।

ALSO READ: मोदी ने साझेदारी के नए दौर का किया ऐलान

राज्यों की भूमिका और संभावित मॉडल (Domestic Workers Minimum Wages)

कुछ राज्यों में घरेलू कामगारों के लिए रजिस्ट्रेशन, पहचान-पत्र और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं शुरू की गई हैं। खास बात यह है कि विशेषज्ञ चरणबद्ध मॉडल की वकालत कर रहे हैं,

  • न्यूनतम वेतन के बजाय वेज-बैंड या घंटे आधारित मानक।
  • नियोक्ता और कामगार दोनों के लिए कर/सब्सिडी प्रोत्साहन।
  • सामाजिक सुरक्षा (बीमा, पेंशन) को प्राथमिकता।

ALSO READ: पाकिस्तान की शिकायतें और भारत की आपत्ति ‘तकनीकी बातचीत बनाम राजनीतिक शोर’

रोजगार पर असर का आकलन जरूरी

अदालत की टिप्पणी का केंद्रीय बिंदु यही है कि नीति का अंतिम लक्ष्य कामगारों का कल्याण होना चाहिए, न कि अनजाने में रोजगार घटाना। इसके अलावा, शहरों और कस्बों की आर्थिक क्षमता अलग-अलग है; एक समान वेतन दर हर जगह उपयुक्त नहीं हो सकती। Domestic Workers Minimum Wages

ALSO READ: UGC नियमों के विरोध के बीच अफसरों के इस्तीफे, MP से UP तक मोहभंग क्यों ?

आगे का रास्ता

वहीं दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि सरकारों को सभी हितधारकों कामगार संघ, नियोक्ता, नीति-विशेषज्ञ से संवाद कर संतुलित समाधान निकालना चाहिए। साथ ही, डेटा-आधारित अध्ययन और पायलट प्रोजेक्ट से नीति के प्रभाव को परखा जा सकता है। घरेलू कामगारों के न्यूनतम वेतन का मुद्दा राहत और जोखिम दोनों से जुड़ा है। खास बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट की चिंता इस बहस को भावनाओं से निकालकर व्यावहारिकता की जमीन पर लाती है। टिकाऊ समाधान वही होगा जो कामगारों की सुरक्षा बढ़ाए और रोजगार के अवसरों को भी सुरक्षित रखे।

Follow Us: YouTube| TV TODAY BHARAT LIVE | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat|  X  | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram | Domestic Workers Minimum Wages

You Might Also Like

CM Dhami Leadership: ‘धाकड़’ से ‘धुरंधर’ तक… राजनाथ सिंह ने 2027 चुनाव में सिक्सर का किया दावा

UP Mission 2027: कैबिनेट विस्तार और नियुक्तियों के जरिए बीजेपी की बड़ी चुनावी तैयारी

Gold Price Prediction: डॉलर की मजबूती और वैश्विक तनाव के बीच क्या ₹1.27 लाख तक फिसल सकता है सोना?

Voter List Verification Uttarakhand: दोहरी वोटर आईडी पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी, 2 लाख मामलों की जांच तेज

CIA Arrest Case: CIA गिरफ्तारी के बाद हलचल तेज, NSA अजीत डोभाल की अमेरिकी राजदूत से अहम मुलाकात

Quick Link

  • Contact Us
  • Blog Index
TAGGED:CJIStatementDomesticWorkersMinimumWageLabourPolicyIndiaSupremeCourtObservationtv todat bharat big newstv today bharat live newsWorkersRightsDebate
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

CM Dhami Leadership
NationalUttarakhand

CM Dhami Leadership: ‘धाकड़’ से ‘धुरंधर’ तक… राजनाथ सिंह ने 2027 चुनाव में सिक्सर का किया दावा

मार्च 21, 2026
UP Mission 2027
Uttar Pradesh

UP Mission 2027: कैबिनेट विस्तार और नियुक्तियों के जरिए बीजेपी की बड़ी चुनावी तैयारी

मार्च 21, 2026
Gold Price Prediction
Business News

Gold Price Prediction: डॉलर की मजबूती और वैश्विक तनाव के बीच क्या ₹1.27 लाख तक फिसल सकता है सोना?

मार्च 21, 2026
Voter List Verification Uttarakhand
Uttarakhand

Voter List Verification Uttarakhand: दोहरी वोटर आईडी पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी, 2 लाख मामलों की जांच तेज

मार्च 21, 2026
CIA Arrest Case
National

CIA Arrest Case: CIA गिरफ्तारी के बाद हलचल तेज, NSA अजीत डोभाल की अमेरिकी राजदूत से अहम मुलाकात

मार्च 21, 2026
President Murmu Vrindavan visit
National

President Murmu Vrindavan visit: राष्ट्रपति मुर्मू का वृंदावन दौरा क्यों बना खास? जानिए 5 बड़ी बातें

मार्च 21, 2026

TVTodayBharat is a digital-first Hindi news platform that delivers fast, accurate, and balanced reporting across categories like breaking news, national and state updates, sports, entertainment, tech, health, education, and lifestyle. Our aim is to deliver reliable information in simple language, clarify the context and facts of every news story, and publish timely corrections when needed. We avoid sensationalism and practice journalism based on verified sources, data, and ground inputs, so you can get credible news, analysis, photos, videos, and web stories all in one place.

  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Editorial Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions

TVTodayBharat is a digital-first Hindi news platform that delivers fast, accurate, and balanced reporting across categories like breaking news, national and state updates, sports, entertainment, tech, health, education, and lifestyle. Our aim is to deliver reliable information in simple language, clarify the context and facts of every news story, and publish timely corrections when needed. We avoid sensationalism and practice journalism based on verified sources, data, and ground inputs, so you can get credible news, analysis, photos, videos, and web stories all in one place.

  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Editorial Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
© TVTodayBharat | Design by Vivek
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?