Petrol Diesel Price Hike: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। शुक्रवार सुबह तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी, जिसके बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस फैसले को जनता पर महंगाई का नया बोझ बताते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं। नई दरें लागू होने के बाद आम लोगों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि ईंधन की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर परिवहन, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ता है। इस बीच सोशल मीडिया पर भी Petrol Diesel Price Hike लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
कांग्रेस ने सरकार पर बोला हमला
Petrol Diesel Price Hike के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव खत्म होते ही जनता से वसूली शुरू हो गई है। पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाकर सरकार ने आम लोगों पर “हंटर” चलाने का काम किया है।
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए उन्हें महंगाई मैन मोदी बताया। पार्टी का कहना है कि चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव खत्म होते ही सरकार ने जनता पर महंगाई का बोझ डाल दिया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार चुनाव के दौरान कीमतों को नियंत्रित रखती है और चुनाव खत्म होने के बाद अचानक बढ़ोतरी कर दी जाती है। पार्टी ने यह भी कहा कि सिर्फ पेट्रोल और डीजल ही नहीं बल्कि CNG की कीमतों में भी इजाफा किया गया है, जिससे आम और मध्यम वर्ग की मुश्किलें और बढ़ेंगी।
विपक्षी दलों ने भी उठाए सवाल
सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, अन्य विपक्षी दलों ने भी Petrol Diesel Price Hike को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की है। तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि पहले लोगों का वोट लिया जाता है और फिर उन्हीं पर आर्थिक बोझ डाल दिया जाता है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार के VAT को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार ईंधन पर टैक्स कम करती है या नहीं। वहीं शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी सरकार पर तंज कसते हुए लिखा कि रुपया, डीजल और पेट्रोल… कौन पहले सेंचुरी पार करेगा? विपक्ष का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन की कीमतों में वृद्धि से आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। परिवहन लागत बढ़ने से खाने-पीने की चीजों और अन्य जरूरी सामान की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।
क्यों बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से यह Petrol Diesel Price Hike हुई है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है। बताया जा रहा है कि US-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। होर्मुज स्ट्रेट जैसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में रुकावट की आशंका से भी बाजार में अस्थिरता बढ़ी है।
इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है। इसका असर भारत जैसे देशों पर भी पड़ा है, जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक Petrol Diesel Price Hike का मुख्य कारण वैश्विक बाजार में बढ़ती तेल कीमतें और सप्लाई को लेकर चिंता है।
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आम लोगों पर बढ़ेगा असर
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहता। इसका प्रभाव पूरे आर्थिक ढांचे पर पड़ता है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब्जियों, अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं।
इसके अलावा टैक्सी, ऑटो और बस किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है। पहले से महंगाई झेल रहे मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए यह बढ़ोतरी नई चिंता बन गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें और बढ़ती हैं तो आने वाले समय में Petrol Diesel Price Hike का असर और ज्यादा दिखाई दे सकता है।
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सरकार का क्या कहना है?
हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और भारत के पास पर्याप्त ऊर्जा भंडार मौजूद हैं। सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अंतरराष्ट्रीय हालात के अनुसार फैसले लिए जा रहे हैं।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों का असर घरेलू बाजार पर पड़ना स्वाभाविक है। तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर ईंधन दरों में बदलाव करती हैं। सरकार का यह भी कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर भी काम किया है।
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सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
Petrol Diesel Price Hike के बाद सोशल media पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं तेजी से सामने आ रही हैं। कई लोगों ने इसे आम जनता पर आर्थिक बोझ बताया, जबकि कुछ लोगों ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को इसकी वजह माना। Twitter और अन्य प्लेटफॉर्म पर Petrol Diesel Price Hike लगातार ट्रेंड कर रहा है। लोग बढ़ती महंगाई, टैक्स व्यवस्था और सरकार की आर्थिक नीतियों पर खुलकर चर्चा कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और ज्यादा गरमा सकता है क्योंकि ईंधन की कीमतें सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ी होती हैं। अगर कीमतों में आगे भी बढ़ोतरी जारी रहती है तो इसका असर राजनीतिक माहौल पर भी देखने को मिल सकता है।
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