BRICS Summit 2026: नई दिल्ली एक बार फिर वैश्विक कूटनीति का बड़ा केंद्र बन गई है। रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov बुधवार शाम भारत पहुंच गए, जहां वे BRICS Summit से जुड़े विदेश मंत्रियों की अहम बैठक में हिस्सा लेंगे। 14 और 15 मई को आयोजित होने वाली यह बैठक भारत की अध्यक्षता में हो रही है और इसे आने वाले वर्षों की वैश्विक रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस BRICS Summit में भारत, रूस, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका समेत नए सदस्य देशों के प्रतिनिधि भी हिस्सा ले रहे हैं। बैठक का मुख्य फोकस बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था, आर्थिक सहयोग, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक संकटों पर साझा रणनीति तैयार करना रहेगा।
रूस ने BRICS को बताया Global Majority की आवाज
रूस के विदेश मंत्रालय ने सर्गेई लावरोव की भारत यात्रा की पुष्टि करते हुए कहा कि BRICS अब दुनिया के अधिकांश देशों की वास्तविक आवाज बन चुका है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी बयान में कहा कि भारत की अध्यक्षता में हो रही यह बैठक संगठन को नई दिशा देने का काम करेगी।
Read More: Uniform Civil Code पर असम सरकार का बड़ा कदम, 26 मई को विधानसभा में पेश होगा UCC Bill
रूसी विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने भारत-रूस संबंधों को अटूट और गहरे बताते हुए कहा कि दोनों देशों के रास्ते अलग होने की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने हिंदी-रूसी भाई-भाई के पुराने नारे का जिक्र करते हुए कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक नारा नहीं बल्कि दोनों देशों की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुका है।
भारत-रूस रिश्तों पर होगी अहम बातचीत
BRICS Summit के दौरान भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी होने वाली है। बताया जा रहा है कि दिसंबर 2025 में रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin की भारत यात्रा के दौरान हुए समझौतों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, विज्ञान, तकनीक और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा अंतर-सरकारी रूस-भारत आयोग की अगली बैठक की तैयारियों पर भी बातचीत होगी।
सूत्रों के मुताबिक दोनों देश आने वाले वर्षों में आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाई तक ले जाने की रणनीति बना रहे हैं। रूस ने 2030 तक भारत के साथ 100 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य को हासिल करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई है।
Read More: CBSE 12th Result 2026 जारी, 18 लाख छात्रों का इंतजार खत्म, ऐसे करें ऑनलाइन चेक
एस जयशंकर और लावरोव की मुलाकात
भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ मुलाकात के दौरान कहा कि भारत और रूस विश्वसनीय साझेदार हैं और दोनों देशों के बीच संबंध समय की कसौटी पर हमेशा मजबूत साबित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में बहुध्रुवीय व्यवस्था को मजबूत करना दोनों देशों की साझा प्राथमिकता है। भारत और रूस ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।
BRICS Summit क्यों है खास?
इस बार का BRICS Summit कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है। हाल के वर्षों में BRICS का विस्तार हुआ है और इसमें कई नए देशों की एंट्री हुई है। ऐसे में संगठन का वैश्विक प्रभाव पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और ऊर्जा संकट के बीच BRICS देशों की यह बैठक दुनिया की अर्थव्यवस्था और भू-राजनीतिक समीकरणों पर बड़ा असर डाल सकती है।
Also Read: हाई कोर्ट में केंद्र का बड़ा बयान, नियमित सैनिकों जैसे लाभ के हकदार नहीं अग्निवीर
भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और नई दिल्ली में हो रही यह बैठक 2026 के मुख्य BRICS Summit की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा पर रहेगा जोर
बैठक में सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्रा में व्यापार बढ़ाने, सप्लाई चेन मजबूत करने और ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर विशेष चर्चा हो सकती है। रूस और भारत पहले से ही तेल और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े साझेदार हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी प्रतिबंधों और वैश्विक अस्थिरता के बीच BRICS देश डॉलर पर निर्भरता कम करने और वैकल्पिक आर्थिक ढांचे को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
Read More: NTA ने छात्रों को दिया भरोसा, बिना दोबारा रजिस्ट्रेशन होगी NEET UG Re-Exam 2026
भारत के लिए यह मंच इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने की दिशा में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
नई दिल्ली बनी वैश्विक कूटनीति का केंद्र
BRICS Summit के चलते नई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल लगातार राजधानी पहुंच रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार बैठक में कई अहम द्विपक्षीय मुलाकातें भी होंगी।
राजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मेलन भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को और मजबूत करेगा। खासतौर पर ऐसे समय में जब दुनिया कई भू-राजनीतिक संकटों से गुजर रही है, भारत खुद को संवाद और सहयोग के केंद्र के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
BRICS Summit के दौरान लिए जाने वाले फैसलों पर अब पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है, क्योंकि आने वाले वर्षों में यही मंच वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक संतुलन को नई दिशा दे सकता है।
Follow Us: TV TODAY BHARAT Live | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat| X | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram | YOUTUBE
