CUET-UG 2026: देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में शामिल कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG 2026) एक बार फिर विवादों में आ गया है। 30 मई को आयोजित परीक्षा की पहली शिफ्ट के दौरान कई केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ी सामने आने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने बड़ा फैसला लेते हुए 3765 छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की है। यह निर्णय उन छात्रों को राहत देने के लिए लिया गया है, जो तकनीकी समस्याओं के कारण अपनी परीक्षा पूरी नहीं कर सके थे।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर देश में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की विश्वसनीयता और परीक्षा प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल है, जबकि राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
परीक्षा के दौरान आई तकनीकी बाधा
30 मई को CUET-UG 2026 की पहली पाली की परीक्षा के दौरान कुछ परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी दिक्कतें सामने आईं। जानकारी के अनुसार, कंप्यूटर आधारित परीक्षा होने के कारण कई केंद्रों पर सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर पाए, जिससे परीक्षा शुरू होने में देरी हुई। कई छात्रों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा और कुछ केंद्रों पर परीक्षा प्रक्रिया बाधित भी हुई।
छात्रों का कहना है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर तकनीकी समस्याओं ने उनका मानसिक संतुलन प्रभावित किया। कई अभ्यर्थी तनाव और अनिश्चितता की स्थिति में रहे, जिससे उनके प्रदर्शन पर भी असर पड़ सकता है।
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NTA ने स्वीकार की परेशानी
घटना के बाद NTA ने आधिकारिक बयान जारी कर छात्रों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया। एजेंसी ने माना कि तकनीकी समस्या के कारण कुछ उम्मीदवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और यही वजह है कि प्रभावित छात्रों को दूसरा अवसर देने का फैसला लिया गया।
NTA के अनुसार, अधिकांश केंद्रों पर तकनीकी समस्या दूर होने के बाद परीक्षा दोबारा शुरू कर दी गई थी और लगभग 95 प्रतिशत उम्मीदवार अपनी परीक्षा पूरी करने में सफल रहे। हालांकि, 3765 ऐसे छात्र थे जिन्होंने बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर ली थी लेकिन परीक्षा पुनः शुरू होने से पहले ही केंद्र छोड़ दिया। इन्हीं छात्रों के लिए पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी।
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TCS iON से मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
CUET-UG 2026 परीक्षा के तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी TCS iON को भी मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। NTA ने कंपनी से यह स्पष्ट करने को कहा है कि आखिर तकनीकी बाधा किस कारण से उत्पन्न हुई और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि देशभर में लाखों छात्रों की परीक्षा आयोजित करने वाली प्रणाली में किसी भी प्रकार की तकनीकी विफलता गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे में जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण सामने आ पाएंगे।
छात्रों में बढ़ी चिंता
CUET-UG 2026 के माध्यम से देश के विभिन्न केंद्रीय विश्वविद्यालयों और प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश दिया जाता है। ऐसे में परीक्षा में किसी भी प्रकार की बाधा छात्रों के भविष्य को सीधे प्रभावित कर सकती है।
कई अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि लंबे समय की तैयारी के बाद परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के बावजूद तकनीकी कारणों से परीक्षा प्रभावित होना बेहद निराशाजनक है। कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि दोबारा परीक्षा देने का दबाव मानसिक रूप से परेशान करने वाला है।
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विपक्ष ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
CUET-UG 2026 विवाद ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्षी दलों ने परीक्षा प्रबंधन में हुई गड़बड़ी को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही समस्याओं को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है, लेकिन परीक्षा प्रणाली बार-बार सवालों के घेरे में आ रही है।
वहीं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रबंधन को लेकर सरकार पर निशाना साधा। विपक्ष का आरोप है कि लगातार सामने आ रही तकनीकी और प्रशासनिक कमियां छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।
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परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बहस
पिछले कुछ वर्षों में NEET, SSC, CUET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर कई विवाद सामने आए हैं। पेपर लीक, तकनीकी गड़बड़ियां, परीक्षा स्थगन और परिणामों में देरी जैसी समस्याओं ने परीक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाए हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल परीक्षा प्रणाली आधुनिक और पारदर्शी जरूर है, लेकिन इसके लिए मजबूत तकनीकी ढांचे और बैकअप सिस्टम की आवश्यकता होती है। यदि लाखों छात्रों की परीक्षा एक ही मंच पर आयोजित की जा रही है, तो तकनीकी सुरक्षा और विश्वसनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
आगे क्या होगा?
NTA ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित 3765 छात्रों के लिए पुनर्परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा की नई तिथि और अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे।
छात्रों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से CUET की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें और किसी भी अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें।
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छात्रों के लिए सबसे बड़ी चुनौती
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ी चुनौती उन छात्रों के सामने है, जिन्हें दोबारा परीक्षा देनी होगी। एक तरफ उन्हें अपनी तैयारी बनाए रखनी है, वहीं दूसरी तरफ मानसिक दबाव और अनिश्चितता का सामना भी करना पड़ रहा है।
CUET-UG 2026 का यह विवाद एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि देश की परीक्षा प्रणाली में तकनीकी मजबूती और प्रशासनिक जवाबदेही को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण आयोजनों में छोटी सी चूक भी बड़े विवाद का कारण बन सकती है। इसलिए आने वाले समय में NTA और संबंधित एजेंसियों के लिए यह परीक्षा केवल छात्रों की नहीं, बल्कि उनकी अपनी विश्वसनीयता की भी होगी।
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