Telegram Ban Lifted India: Telegram app restored in India after temporary NEET examination-related restrictions, while message editing feature remains disabled until June 30.
Telegram Ban Lifted India: भारत में करोड़ों यूजर्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। NEET-UG री-एग्जाम के दौरान सुरक्षा और परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को अब समाप्त कर दिया गया है। इसके साथ ही Telegram Ban Lifted India देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, सरकार ने टेलीग्राम के एक महत्वपूर्ण फीचर पर फिलहाल रोक जारी रखने का फैसला लिया है।
NEET परीक्षा के बाद हटाया गया प्रतिबंध
केंद्र सरकार ने 23 जून से टेलीग्राम को दोबारा भारत में सामान्य रूप से उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। पिछले कुछ दिनों से टेलीग्राम को लेकर लगाए गए प्रतिबंध के कारण लाखों यूजर्स को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब Telegram Ban Lifted India के बाद यूजर्स फिर से ऐप को डाउनलोड और उपयोग कर सकेंगे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह प्रतिबंध पूरी तरह अस्थायी था और इसे केवल NEET-UG री-एग्जाम के दौरान संभावित फर्जी गतिविधियों और अफवाहों को रोकने के लिए लागू किया गया था।
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क्यों लगाया गया था टेलीग्राम पर बैन?
NEET-UG परीक्षा देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हाल के वर्षों में पेपर लीक और फर्जी दावों से जुड़ी घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए थे। इसी को देखते हुए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) और गृह मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को विशेष कदम उठाने की सिफारिश की थी।
इसके बाद सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते हुए टेलीग्राम की सेवाओं को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया था। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गलत सूचना को फैलने से रोकना था।
Telegram Ban Lifted India के बाद क्या बदलेगा?
प्रतिबंध हटने के बाद भारतीय यूजर्स दोबारा टेलीग्राम को गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से डाउनलोड कर सकेंगे। पहले की तरह चैटिंग, चैनल एक्सेस, फाइल शेयरिंग और ग्रुप कम्युनिकेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ अतिरिक्त निगरानी उपाय अभी भी जारी रहेंगे। इसका उद्देश्य प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को रोकना और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाना है।
30 जून तक क्यों बंद रहेगा मैसेज एडिटिंग फीचर?
Telegram Ban Lifted India के बावजूद सबसे ज्यादा चर्चा टेलीग्राम के मैसेज एडिटिंग फीचर को लेकर हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस फीचर का इस्तेमाल कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा गलत तरीके से किया जा रहा था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, कुछ लोग परीक्षा से कई दिन पहले सामान्य या रैंडम मैसेज पोस्ट कर देते थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद उन्हीं मैसेज को एडिट करके उनमें वास्तविक प्रश्नपत्र या उससे मिलती-जुलती जानकारी डाल दी जाती थी। चूंकि टेलीग्राम एडिट के बाद भी मूल टाइमस्टैम्प दिखाता है, इसलिए यह भ्रम पैदा होता था कि प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध था। यही कारण है कि सरकार ने 30 जून 2026 तक मैसेज एडिटिंग फीचर पर रोक बनाए रखने का फैसला किया है।
छात्रों और अभिभावकों में फैली थी चिंता
पिछले कुछ वर्षों में परीक्षा से जुड़ी अफवाहों ने छात्रों और अभिभावकों के बीच तनाव बढ़ाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने वाली अपुष्ट जानकारी कई बार वास्तविकता से अलग होती है, लेकिन उसके कारण छात्रों का मनोबल प्रभावित होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फर्जी पेपर लीक के दावों को रोकना उतना ही जरूरी है जितना वास्तविक पेपर लीक की जांच करना। ऐसे में सरकार का यह कदम परीक्षा प्रणाली में भरोसा बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने भी माना सरकार का फैसला उचित
टेलीग्राम ने प्रतिबंध के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था। कंपनी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सरकारी आदेश को चुनौती दी थी। हालांकि अदालत ने सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि सार्वजनिक व्यवस्था और परीक्षा सुरक्षा के लिए अस्थायी प्रतिबंध जरूरी समझा गया है तो इसे उचित माना जा सकता है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही पर बढ़ी बहस
Telegram Ban Lifted India के बाद अब एक नई बहस शुरू हो गई है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी क्या होनी चाहिए। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स को ऐसे फीचर्स पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने चाहिए जिनका दुरुपयोग किया जा सकता है।
वहीं कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी प्लेटफॉर्म और सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय से भविष्य में ऐसे कठोर कदमों की जरूरत कम पड़ सकती है।
आगे क्या?
फिलहाल टेलीग्राम भारत में सामान्य रूप से उपलब्ध है और करोड़ों यूजर्स फिर से इसकी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। हालांकि 30 जून तक मैसेज एडिटिंग फीचर बंद रहेगा और उसके बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
Telegram Ban Lifted India से जुड़े इस फैसले को सरकार परीक्षा सुरक्षा और डिजिटल पारदर्शिता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देख रही है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह कदम भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए किस तरह का उदाहरण स्थापित करता है।
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