Oil Price Fall: Traders monitoring stock market screens as Indian equities surge following oil price fall and positive global market sentiment.
Oil Price Fall: भारतीय शेयर बाजार ने जुलाई की शुरुआत शानदार अंदाज में की है। लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है। गुरुवार को कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों के भीतर सेंसेक्स और निफ्टी में तेज उछाल दर्ज किया गया, जिसके चलते निवेशकों की संपत्ति में करीब 2.82 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हो गया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इस तेजी की सबसे बड़ी वजह Oil Price Fall रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। इसके अलावा आईटी शेयरों में खरीदारी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली में कमी ने भी बाजार को मजबूती प्रदान की।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी ने पकड़ी रफ्तार
गुरुवार सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों ने खरीदारी का रुख अपनाया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक चढ़कर 77 हजार के स्तर को पार कर गया, जबकि निफ्टी ने भी 24 हजार के ऊपर मजबूती दिखाई।
लगातार दूसरे दिन बाजार में आई इस तेजी के चलते दो कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स लगभग 1,000 अंक तक मजबूत हो चुका है। यही वजह है कि बाजार पूंजीकरण में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
विश्लेषकों का कहना है कि Oil Price Fall ने बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाया है क्योंकि भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए सस्ता कच्चा तेल आर्थिक रूप से लाभदायक माना जाता है।
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निवेशकों को मिली बड़ी राहत
शेयर बाजार में आई तेजी का सबसे बड़ा फायदा निवेशकों को हुआ। शुरुआती 27 मिनट के कारोबार के दौरान ही निवेशकों की कुल संपत्ति में लगभग 2.82 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
अगर पिछले कारोबारी सत्र की कमाई को भी इसमें शामिल किया जाए तो दो दिनों के भीतर निवेशकों की संपत्ति में 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हो चुका है। यह आंकड़ा बताता है कि बाजार में निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Oil Price Fall का सिलसिला जारी रहता है और वैश्विक स्तर पर तनाव कम होता है तो आने वाले दिनों में बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है।
तेल की कीमतों में गिरावट बनी बड़ी वजह
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें गिरकर करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं। पिछले कुछ सप्ताह में तेल बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था, लेकिन हाल के दिनों में कीमतों में आई नरमी ने भारतीय बाजार को राहत दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार Oil Price Fall का सीधा असर भारत के आयात बिल पर पड़ता है। इससे चालू खाते का घाटा कम हो सकता है और महंगाई पर भी नियंत्रण बनाए रखने में मदद मिलती है। यही कारण है कि निवेशक तेल कीमतों में गिरावट को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहे हैं।
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आईटी शेयरों ने दिखाई मजबूती
बाजार की तेजी में आईटी कंपनियों का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा। इंफोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस और टेक महिंद्रा जैसे बड़े शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
टेक्नोलॉजी सेक्टर में आई मजबूती ने बाजार के प्रमुख सूचकांकों को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर टेक सेक्टर को लेकर सकारात्मक संकेत मिलने से निवेशकों ने इन कंपनियों में रुचि दिखाई है। आईटी शेयरों की मजबूती और Oil Price Fall का संयुक्त प्रभाव बाजार की तेजी में साफ तौर पर दिखाई दिया।
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ऑटो सेक्टर से भी मिले सकारात्मक संकेत
जून महीने के ऑटो बिक्री आंकड़ों ने भी बाजार को समर्थन दिया। कई प्रमुख वाहन कंपनियों ने मजबूत बिक्री के संकेत दिए हैं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि घरेलू मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है।
मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स जैसी कंपनियों की बिक्री में सुधार के संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत उपभोक्ता मांग अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है। ऐसे में Oil Price Fall के साथ घरेलू मांग की मजबूती निवेशकों के लिए दोहरी सकारात्मक खबर बनकर सामने आई है।
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विदेशी निवेशकों की बिकवाली में आई कमी
पिछले कुछ महीनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी। हालांकि हाल के दिनों में बिकवाली की गति कम हुई है।
विश्लेषकों का मानना है कि जब विदेशी निवेशकों का दबाव कम होता है तो घरेलू संस्थागत निवेशकों को बाजार में अधिक समर्थन देने का अवसर मिलता है। यही स्थिति फिलहाल देखने को मिल रही है।
इसके अलावा Oil Price Fall ने भी विदेशी निवेशकों की धारणा को सकारात्मक बनाने में मदद की है क्योंकि इससे भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत होती दिखाई देती है।
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वैश्विक संकेतों का भी मिला समर्थन
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत को लेकर सामने आए सकारात्मक संकेतों ने वैश्विक बाजारों में राहत का माहौल बनाया है। मध्य पूर्व में तनाव कम होने की संभावना से ऊर्जा बाजारों पर दबाव कम हुआ है।
हालांकि एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला, लेकिन भारतीय बाजार ने मजबूती दिखाई। निवेशकों ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा जताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि Oil Price Fall और भू-राजनीतिक तनाव में कमी आने वाले समय में भी बाजार के लिए सकारात्मक कारक बने रह सकते हैं।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?
विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी रहेगी।
यदि Oil Price Fall जारी रहती है और घरेलू आर्थिक संकेतक मजबूत बने रहते हैं, तो भारतीय शेयर बाजार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है। वहीं महंगाई नियंत्रण में रहने और आर्थिक विकास दर मजबूत रहने से भी बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।
फिलहाल बाजार में जो माहौल दिखाई दे रहा है, वह निवेशकों के लिए राहत भरा है। लगातार दो दिनों की तेजी ने यह संकेत दिया है कि भारतीय शेयर बाजार अभी भी मजबूत बुनियादी आधार पर खड़ा है और सकारात्मक वैश्विक परिस्थितियों का लाभ उठाने के लिए तैयार है।
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