Open drain accident: Rescue operation at the Noida site after a 27-year-old engineer died during heavy rainfall due to an alleged electric shock.
Open Drain Accident: उत्तर प्रदेश के नोएडा से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने शहर की बुनियादी सुविधाओं और मानसून के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सेक्टर-58 में बारिश के दौरान हुए एक Open Drain Accident में 27 वर्षीय बीटेक इंजीनियर आर्यन की जान चली गई। शुरुआती जांच के मुताबिक सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे में करंट आने के कारण आर्यन का संतुलन बिगड़ गया और वह पास स्थित खुले नाले में गिर गया। जब तक लोगों ने बिजली आपूर्ति बंद कर उसे बाहर निकाला, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि हर साल मानसून से पहले सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर खुले नाले, जलभराव और असुरक्षित बिजली ढांचा लोगों की जान के लिए खतरा बने रहते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते खुले नालों को ढका गया होता और बिजली व्यवस्था की नियमित जांच होती, तो शायद यह Open Drain Accident टाला जा सकता था।
काम पर जाते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, आर्यन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले का रहने वाला था और नोएडा के सेक्टर-22 में किराये पर रहकर नौकरी करता था। उसने बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सेक्टर-58 स्थित एक इनवर्टर निर्माण कंपनी में इंजीनियर के रूप में काम शुरू किया था।
गुरुवार सुबह वह रोज की तरह ऑटो से उतरकर फैक्ट्री की ओर जा रहा था। रातभर हुई बारिश के कारण सड़क पर काफी जलभराव था। पानी से बचने के लिए वह सड़क के किनारे से गुजर रहा था। इसी दौरान बिजली के खंभे में कथित रूप से करंट प्रवाहित हो रहा था। जैसे ही उसका संपर्क खंभे से हुआ, उसे तेज झटका लगा और संतुलन बिगड़ने से वह पास के खुले नाले में जा गिरा। यह Open Drain Accident कुछ ही सेकेंड में एक दर्दनाक त्रासदी में बदल गया।
बचाने की कोशिश, लेकिन नहीं बच सकी जान
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और आर्यन के साथियों ने तुरंत मदद की कोशिश की। सबसे पहले बिजली आपूर्ति बंद कराई गई ताकि किसी और की जान खतरे में न पड़े। इसके बाद आर्यन को नाले से बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बारिश और जलभराव के कारण नाले का किनारा स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ गई थी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
आर्यन अपने परिवार की बड़ी उम्मीद माना जाता था। उसके पिता का कुछ समय पहले कैंसर के कारण निधन हो चुका था। परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से पहले ही कठिन दौर से गुजर रहा था। अब आर्यन की असमय मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
परिजनों के अनुसार, घर में उसकी शादी की तैयारियों को लेकर बातचीत चल रही थी और परिवार उसके भविष्य के सपने संजो रहा था। लेकिन एक Open Drain Accident ने पलभर में उन सभी उम्मीदों को खत्म कर दिया। परिवार ने संबंधित विभागों की लापरवाही के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर उठाए सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। उनका आरोप है कि नोएडा प्राधिकरण और बिजली विभाग हर साल मानसून से पहले सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के दावे करते हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और ही होती है।
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क्षेत्रवासियों का कहना है कि खुले नाले लंबे समय से बिना ढक्कन के पड़े थे। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। साथ ही बिजली के खंभों की नियमित जांच और मरम्मत भी समय पर नहीं की गई। लोगों का कहना है कि यदि इन व्यवस्थाओं पर पहले ध्यान दिया जाता, तो यह Open Drain Accident रोका जा सकता था।
हादसे के बाद हरकत में आया प्रशासन
घटना के बाद नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-58 में खुले नालों को स्लैब से ढकने का काम शुरू कर दिया है। संबंधित अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस भी पूरे मामले की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि बिजली के खंभे में करंट कैसे आया, क्या बिजली विभाग की ओर से कोई लापरवाही हुई और खुले नाले की सुरक्षा को लेकर संबंधित एजेंसियों ने अपने दायित्वों का पालन किया या नहीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
यह पहली बार नहीं है जब नोएडा में इस तरह की घटना हुई हो। इसी वर्ष जनवरी में सेक्टर-150 में निर्माणाधीन परियोजना के पास एक गहरे गड्ढे में गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की भी मौत हो गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि शहर में निर्माण स्थलों, खुले नालों और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक सुधार की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों की नियमित निगरानी, खुले नालों को ढंकना, बिजली के ढांचे का सुरक्षा ऑडिट और नागरिकों के लिए स्पष्ट चेतावनी संकेत लगाना अत्यंत आवश्यक है।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे बड़े सवाल
आर्यन की मौत केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं है, बल्कि यह शहरी प्रशासन और सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। हर वर्ष बारिश के मौसम में जलभराव, खुले नाले और बिजली से जुड़े हादसे सामने आते हैं, लेकिन इनके स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित गति दिखाई नहीं देती।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस Open Drain Accident के बाद जिम्मेदार विभाग केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित रहेंगे, या फिर ऐसी व्यापक व्यवस्था विकसित की जाएगी जिससे भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी अपूरणीय क्षति का सामना न करना पड़े। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना किसी भी प्रशासन की पहली जिम्मेदारी होती है, और इस घटना ने उसी जिम्मेदारी की गंभीर परीक्षा ले ली है।
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