Haridwar NEET Topper Faiz Ahmad celebrating after scoring 665 marks and securing AIR 713 in the NEET exam.
Haridwar NEET Topper: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के होनहार छात्र फाज अहमद ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है। Haridwar NEET Topper के रूप में पहचान बनाने वाले फाज अहमद ने अपने पहले ही प्रयास में 665 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 713 प्राप्त की है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इस वर्ष हरिद्वार जिले में सबसे अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों में उनका नाम सबसे ऊपर रहा। उनकी सफलता ने न केवल उनके परिवार, बल्कि शिक्षकों, सहपाठियों और पूरे जिले को गर्व का अवसर दिया है।
पहले प्रयास में हासिल की बड़ी सफलता
NEET जैसी देश की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षाओं में पहले ही प्रयास में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना किसी भी विद्यार्थी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है। Haridwar NEET Topper फाज अहमद ने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और तैयारी ईमानदारी से की जाए तो सफलता जरूर मिलती है।
665 अंकों के साथ ऑल इंडिया रैंक 713 हासिल करने वाले फाज अब देश के प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए मजबूत दावेदार बन गए हैं। परिणाम घोषित होने के बाद हरिद्वार में उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और शिक्षकों ने मिठाई खिलाकर उनकी इस उपलब्धि का जश्न मनाया।
दसवीं कक्षा में तय कर लिया था डॉक्टर बनने का सपना
फाज अहमद ने बताया कि उनका डॉक्टर बनने का सपना अचानक नहीं बना, बल्कि उन्होंने दसवीं कक्षा में ही अपना लक्ष्य तय कर लिया था। उसी समय से उन्होंने नियमित रूप से NEET की तैयारी शुरू कर दी थी।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित मुंजाल स्कूल से प्राप्त की। स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने समय प्रबंधन, नियमित अभ्यास और कॉन्सेप्ट क्लियर करने पर विशेष ध्यान दिया। उनका कहना है कि लगातार पढ़ाई करने की आदत और अनुशासित दिनचर्या ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
परिवार और शिक्षकों का मिला पूरा सहयोग
Haridwar NEET Topper फाज अहमद अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को देते हैं। उनके पिता गुरुग्राम स्थित एक फैक्ट्री में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता डॉक्टर हैं। फाज का कहना है कि उनकी मां ने हमेशा उन्हें चिकित्सा क्षेत्र की बारीकियों से परिचित कराया और डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने अपनी बहन और शिक्षकों का भी विशेष रूप से धन्यवाद दिया। फाज के अनुसार, जब भी तैयारी के दौरान कठिन विषय सामने आते थे, तब शिक्षकों ने उन्हें सही दिशा दिखाई और आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए लगातार प्रेरित किया।
केवल डॉक्टर नहीं, रिसर्चर भी बनना चाहते हैं
फाज अहमद का सपना केवल एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करना नहीं है। उन्होंने बताया कि भविष्य में वह बायोलॉजी और मेडिकल साइंस के क्षेत्र में रिसर्च करना चाहते हैं।
उनका मानना है कि चिकित्सा विज्ञान में लगातार नए शोध हो रहे हैं और भारत को भी इस क्षेत्र में अधिक योगदान देने की आवश्यकता है। इसलिए एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने की योजना बना रहे हैं।
पेपर लीक विवाद के बावजूद नहीं खोया आत्मविश्वास
इस वर्ष NEET परीक्षा पेपर लीक के आरोपों को लेकर देशभर में चर्चा का विषय रही। Haridwar NEET Topper फाज अहमद ने भी स्वीकार किया कि पहली परीक्षा देने के बाद वह पूरी तरह निश्चिंत थे।
हालांकि जब परीक्षा से जुड़ी विवादित खबरें सामने आईं और दोबारा परीक्षा की संभावना बनी, तब कुछ समय के लिए मानसिक दबाव जरूर महसूस हुआ। उन्होंने बताया कि तैयारी के लिए समय सीमित था, लेकिन उन्होंने घबराने के बजाय पहले से अधिक मेहनत करने का फैसला किया।
फाज का कहना है कि कठिन परिस्थितियों में हार मानने के बजाय आत्मविश्वास बनाए रखना सबसे जरूरी होता है। यही सोच उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह बनी।
आकाश इंस्टीट्यूट से की तैयारी
फाज अहमद ने हरिद्वार स्थित आकाश इंस्टीट्यूट से दसवीं के बाद NEET की विशेष तैयारी की। उन्होंने बताया कि उनके बैच में लगभग 40 विद्यार्थी थे, जिनमें से 24 छात्रों ने इस वर्ष NEET परीक्षा सफलतापूर्वक पास की है।
उनका विश्वास है कि इन अधिकांश विद्यार्थियों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिलने की अच्छी संभावना है। उन्होंने कहा कि संस्थान में नियमित टेस्ट, डाउट क्लास और अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन उनकी तैयारी में बेहद उपयोगी साबित हुआ।
शिक्षकों ने बताया मेहनत और अनुशासन की मिसाल
फाज के शिक्षकों ने बताया कि वह शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर और अनुशासित छात्र रहे हैं। उन्होंने कभी भी शॉर्टकट पर भरोसा नहीं किया और हर विषय की गहराई से तैयारी की।
शिक्षकों के अनुसार, उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि वे नियमित रूप से अपनी गलतियों का विश्लेषण करते थे और उन्हें सुधारने का प्रयास करते थे। यही आदत उन्हें दूसरे विद्यार्थियों से अलग बनाती है।
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ऑनलाइन परीक्षा से बढ़ेगी पारदर्शिता
फाज के शिक्षकों ने सरकार द्वारा भविष्य में NEET परीक्षा ऑनलाइन कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का भी स्वागत किया। उनका मानना है कि ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली लागू होने से पेपर लीक जैसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लग सकेगी और योग्य विद्यार्थियों को निष्पक्ष अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था से छात्रों का भरोसा भी मजबूत होगा और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने फाज अहमद
Haridwar NEET Topper फाज अहमद की सफलता आज हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है। सीमित संसाधनों, नियमित मेहनत और स्पष्ट लक्ष्य के साथ उन्होंने यह साबित किया कि सफलता किसी पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती।
665 अंक और AIR 713 हासिल कर उन्होंने न केवल हरिद्वार बल्कि पूरे उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है जो डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं। फाज की कहानी यह संदेश देती है कि अनुशासन, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच के साथ किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
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