Heavy rainfall in Dehradun as schools remain closed under the Uttarakhand Rain Alert issued by IMD.
Uttarakhand Rain Alert: उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। लगातार हो रही बारिश के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए Uttarakhand Rain Alert जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में देहरादून समेत कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज गर्जना, आकाशीय बिजली और तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए 18 जुलाई को देहरादून जिले में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना आवश्यकता घरों से बाहर न निकलें और मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और नदी-नालों के उफान पर आने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।
देहरादून में स्कूल बंद, बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता
Uttarakhand Rain Alert के तहत देहरादून जिला प्रशासन ने साफ किया है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के बाद जिलाधिकारी कार्यालय ने आदेश जारी करते हुए 18 जुलाई को जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया।
आदेश के अनुसार जिले के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी विद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों को बंद रखा जाएगा। साथ ही मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
प्रशासन का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव, सड़क धंसने और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं की आशंका बनी हुई है। ऐसे में बच्चों का विद्यालय आना-जाना जोखिम भरा हो सकता है।
अगले चार दिन भारी रहेगा मौसम
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार Uttarakhand Rain Alert केवल एक दिन तक सीमित नहीं है। 18 जुलाई से लेकर 21 जुलाई तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
18 जुलाई को विशेष रूप से देहरादून, नैनीताल, चंपावत और बागेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि अन्य कई जिलों में भी तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण उत्तराखंड में अगले कुछ दिन मौसम बेहद संवेदनशील बना रहेगा।
19 जुलाई को आठ जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई को भी राहत मिलने के आसार कम हैं। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
इन क्षेत्रों में नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों, पर्यटकों और चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है।
20 और 21 जुलाई तक जारी रहेगा बारिश का दौर
Uttarakhand Rain Alert के तहत 20 जुलाई को भी देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और पौड़ी जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भी कई स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की जा सकती है।
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21 जुलाई को बागेश्वर जिले में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। वहीं देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों में भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़कें बंद होने और नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
चारधाम यात्रा और पर्यटन पर भी पड़ सकता है असर
लगातार हो रही बारिश का असर चारधाम यात्रा और राज्य के पर्यटन स्थलों पर भी देखने को मिल सकता है। प्रशासन ने यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी है।
विशेष रूप से पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। कई स्थानों पर सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और भूस्खलन के कारण यातायात बाधित होने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नागरिकों से कहा गया है कि—
- अनावश्यक यात्रा से बचें।
- नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास न जाएं।
- मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर रहें।
- पहाड़ी क्षेत्रों में वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं।
- स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने के निर्देश भी दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
उत्तराखंड में मानसून के दौरान हर वर्ष भारी बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क अवरोध और जलभराव जैसी समस्याएं सामने आती हैं। ऐसे में Uttarakhand Rain Alert को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है। मौसम विभाग और प्रशासन का कहना है कि समय रहते सतर्कता बरतकर कई संभावित हादसों से बचा जा सकता है।
राज्य सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और सभी जिलों को आवश्यक संसाधनों के साथ अलर्ट मोड पर रखा गया है। आने वाले चार दिनों तक मौसम के बदले हुए मिजाज को देखते हुए नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
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