Assam Flood 2026: Rescue teams assisting flood-affected residents in Assam as floodwaters inundate villages.
Assam Flood 2026 ने एक बार फिर राज्य के हजारों परिवारों की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है। लगातार हुई भारी बारिश और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण असम के कई जिले लंबे समय तक बाढ़ की चपेट में रहे। हालांकि हाल के दिनों में कुछ इलाकों में पानी का स्तर घटा है, लेकिन स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है, जबकि 2.12 लाख से अधिक लोग अब भी इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों को तेज गति से चला रहा है, वहीं राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को आर्थिक राहत देने की दिशा में भी बड़े कदम उठा रही है।
आठ जिलों में अब भी बाढ़ का असर
राज्य सरकार की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, Assam Flood 2026 का प्रभाव फिलहाल आठ जिलों में बना हुआ है। इनमें गोलाघाट, शिवसागर, बिश्वनाथ, चराइदेव, कामरूप (ग्रामीण), जोरहाट, धेमाजी और नौगांव शामिल हैं। इन जिलों के 21 राजस्व मंडलों और 437 गांवों में अब भी बाढ़ का पानी लोगों के लिए मुश्किलें पैदा कर रहा है।
हालांकि कुछ क्षेत्रों में जलस्तर कम हुआ है, लेकिन निचले इलाकों में अब भी लोगों का सामान्य जीवन पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाया है। सड़क संपर्क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी कई स्थानों पर प्रभावित हैं।
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दो लाख से अधिक लोग अब भी संकट में
सरकारी आंकड़ों के अनुसार Assam Flood 2026 से प्रभावित लोगों की संख्या 2,12,400 से अधिक है। हजारों परिवार अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। प्रशासन द्वारा राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
सबसे अधिक प्रभाव चराइदेव जिले में देखा गया है, जहां करीब 80 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा शिवसागर में लगभग 71 हजार और जोरहाट में करीब 40 हजार लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं।
खेती को भी भारी नुकसान
बाढ़ का असर केवल लोगों के घरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कृषि क्षेत्र को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार लगभग 17,198 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है।
धान, सब्जियों और अन्य मौसमी फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द पानी पूरी तरह नहीं उतरता, तो किसानों को आर्थिक नुकसान और बढ़ सकता है। ऐसे में कृषि क्षेत्र के लिए अतिरिक्त राहत पैकेज की मांग भी तेज हो रही है।
राहत शिविरों में हजारों परिवार
बाढ़ से विस्थापित हजारों लोग अब भी विभिन्न राहत शिविरों में रह रहे हैं। प्रशासन लगातार भोजन, दवाइयों और जरूरी सामान की व्यवस्था कर रहा है।
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इस बीच शिवसागर जिले के नाजिरा क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित इलाके से तीन शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 80 पहुंच गई है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त टीमों को भी तैनात किया है ताकि जलजनित बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा ऐलान
Assam Flood 2026 की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने फेसबुक लाइव के माध्यम से राहत और पुनर्वास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को आर्थिक राहत देने के लिए केंद्र सरकार और वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय किया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी चर्चा की है।
मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य स्तरीय बैंकिंग समिति (SLBC), रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI), नाबार्ड और विभिन्न बैंकों के साथ बैठक कर राहत उपायों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया है।
बाढ़ प्रभावितों को मिलेगी कर्ज राहत
बैठक के दौरान सामने आए आंकड़ों के अनुसार शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में लगभग 3.18 लाख सक्रिय बैंक खाते हैं, जिन पर कुल 11,400 करोड़ रुपये का ऋण बकाया है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल वास्तविक बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत देने की दिशा में काम करेगी। इसके लिए सभी लाभार्थियों का सत्यापन किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जी दावे को रोका जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गलत जानकारी देने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की राहत का लाभ नहीं मिलेगा और उन्हें बैंक का ऋण स्वयं चुकाना होगा।
किन ऋणों पर मिलेगी राहत
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बाढ़ प्रभावित पात्र लोगों को विभिन्न प्रकार के ऋणों में राहत देने की योजना बनाई गई है। इनमें कृषि ऋण, स्वयं सहायता समूह (Self Help Group) से जुड़े ऋण, सूक्ष्म उद्यमियों के ऋण तथा अन्य छोटे व्यवसायिक ऋण शामिल हैं। इसके अलावा हाउसिंग लोन, एजुकेशन लोन और कार लोन की किस्तों में भी छह महीने तक राहत देने की घोषणा की गई है। इस फैसले से हजारों परिवारों को तत्काल आर्थिक दबाव से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पुनर्वास और भविष्य की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि Assam Flood 2026 केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि जल प्रबंधन, नदी संरक्षण और आपदा तैयारी से जुड़े बड़े सवाल भी खड़े करती है। हर वर्ष आने वाली बाढ़ राज्य के लाखों लोगों की आजीविका, कृषि और बुनियादी ढांचे को प्रभावित करती है।
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ऐसे में राहत कार्यों के साथ-साथ दीर्घकालिक समाधान, मजबूत तटबंध, बेहतर जल निकासी व्यवस्था, आधुनिक बाढ़ पूर्व चेतावनी प्रणाली और पुनर्वास योजनाओं पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
प्रशासन की अपील
राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों के लोगों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। राहत और बचाव दल लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात हैं तथा हालात पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है।
बारिश और जलस्तर की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। सरकार का कहना है कि Assam Flood 2026 से प्रभावित प्रत्येक पात्र परिवार तक राहत पहुंचाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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