FSSAI Action 2026 with 150+ notices and seizure of over 50,000 food products
FSSAI Action 2026 : देश में पैकेज्ड फूड, बेवरेज और फूड सर्विस कारोबार से जुड़ी कंपनियों पर FSSAI Action 2026 लगातार सख्त होता नजर आ रहा है। मई से अगस्त के बीच फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने कई कंपनियों और कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें भ्रामक विज्ञापन, गलत लेबलिंग, गैर-अनुमत सामग्री के इस्तेमाल और उत्पादों की जानकारी में कथित छेड़छाड़ जैसे मामले शामिल हैं।
22 अगस्त को सामने आई जानकारी के मुताबिक, नेस्ले इंडिया, पेप्सिको, कोका-कोला इंडिया, एबॉट इंडिया, रेड बुल, डेनोन इंडिया, मॉन्स्टर एनर्जी, हेल एनर्जी, मोंडेलेज इंडिया, डियाजियो, पर्नोड रिकार्ड, फेरेरो इंडिया और केनव्यू जैसी कंपनियों को मिलाकर 150 से ज्यादा नोटिस जारी किए गए हैं। ऐसे में FSSAI Action 2026 ने फूड इंडस्ट्री में लेबलिंग और विज्ञापन संबंधी नियमों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
150 से ज्यादा नोटिस, कंपनियों पर क्यों हुई कार्रवाई?
FSSAI की कार्रवाई का एक बड़ा हिस्सा उन मामलों से जुड़ा है, जहां प्रोडक्ट की पैकेजिंग या विज्ञापन में ऐसे दावे किए गए, जिन्हें रेगुलेटर ने नियमों के अनुरूप नहीं माना। ‘हेल्दी’, ‘नेचुरल’, ‘फ्रेश’, ‘100%’ और ‘नो एडेड शुगर’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल को लेकर भी कंपनियों से जवाब मांगा गया।
फूड प्रोडक्ट पर लिखा दावा उपभोक्ता को भ्रमित करने वाला नहीं होना चाहिए। किसी उत्पाद को विशेष स्वास्थ्य लाभ वाला बताने के लिए उसके पीछे उचित आधार और निर्धारित नियमों का पालन जरूरी है। यही वजह है कि FSSAI Action 2026 में विज्ञापन और पैकेजिंग दोनों पर विशेष ध्यान दिखाई दे रहा है।
गुजरात में 31.61 लाख रुपये का अल्कलाइन वाटर जब्त
FSSAI की एक कार्रवाई गुजरात के वडोदरा जिले के सावली इलाके में हुई। वेस्टर्न रीजनल ऑफिस की टीम ने एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से लगभग 31.61 लाख रुपये का अल्कलाइन वाटर स्टॉक जब्त किया।
लैब जांच के दौरान पानी में फुल्विक एसिड पाए जाने की बात सामने आई, जिसे संबंधित पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर में अनुमत सामग्री नहीं बताया गया। जांच के दौरान बोतलों में काले कण भी मिले। इसके अलावा पैकेजिंग पर उत्पाद का नाम और सामग्री से जुड़ी जरूरी जानकारी भी स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं थी।
बताया गया कि यह कार्रवाई कंज्यूमर शिकायत के बाद की गई थी। मामला यह भी दिखाता है कि उपभोक्ता शिकायतों के आधार पर फूड सेफ्टी से जुड़ी जांच किस तरह आगे बढ़ सकती है।
दिल्ली में 50 हजार से ज्यादा फूड पैक जब्त
FSSAI Action 2026 का सबसे बड़ा मामला दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के ओखला इंडस्ट्रियल एरिया से सामने आया। यहां वेस्टएंड कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में कार्रवाई के दौरान 50 हजार से अधिक कथित रूप से समझौता किए गए फूड पैक बरामद किए गए।
आरोप है कि उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर को हटाकर दोबारा प्रिंट किया जा रहा था। मौके से केमिकल सॉल्वेंट और प्रिंटिंग मशीनें भी मिलीं। मामले में संबंधित ऑपरेटर के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
फूड पैकेज पर तारीख या बैच संबंधी जानकारी के साथ छेड़छाड़ उपभोक्ता सुरक्षा के लिहाज से गंभीर विषय है, क्योंकि इससे किसी उत्पाद की वास्तविक उम्र और उसकी वैधता को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है।
‘Energy Drink’ नाम और दावों पर भी सख्ती
हाई-कैफीन वाले पेय पदार्थों को लेकर भी FSSAI ने कंपनियों को नोटिस भेजे हैं। स्टिंग, रेड बुल, मॉन्स्टर बेवरेज, कैंपा एनर्जी और हेल एनर्जी जैसे ब्रांड इस कार्रवाई के दायरे में बताए गए हैं।
रेगुलेटर ने ‘Energy Drink’ शब्द और उससे जुड़े कुछ दावों पर सवाल उठाया है। ‘शरीर और दिमाग को ऊर्जा देने’ या सामान्य कमजोरी में मदद करने जैसे दावों को लेकर कंपनियों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित कंपनियों को लेबल में आवश्यक बदलाव के लिए 90 दिन की समयसीमा दी गई है।
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‘100%’, ‘Healthy’ और ‘Natural’ दावों की भी जांच
फूड कंपनियों के लिए पैकेजिंग पर आकर्षक शब्दों का इस्तेमाल मार्केटिंग का अहम हिस्सा है, लेकिन FSSAI Action 2026 से संकेत मिलता है कि ऐसे दावों की जांच और कड़ी हो सकती है।
एमवे इंडिया, इमामी और बॉन बिस्किट्स सहित कुछ कंपनियों ने अपने उत्पादों से ऐसे दावों को हटाया या उनमें बदलाव किया है। नियामक की चिंता यह है कि उपभोक्ता किसी प्रोडक्ट को केवल पैकेट पर लिखे शब्दों के आधार पर अत्यधिक स्वास्थ्यवर्धक या पूरी तरह प्राकृतिक न समझ लें।
ई-कॉमर्स और रेस्टोरेंट चेन भी निगरानी में
कार्रवाई का दायरा सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। अगस्त में अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों को भी नोटिस दिए गए। अमेजन के एक वेयरहाउस का लाइसेंस रद्द किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
इसके अलावा KFC, मैकडॉनल्ड्स, पिज्जा हट, डोमिनोज और कॉस्टा कॉफी जैसी फूड सर्विस चेन को भी नोटिस दिए गए। डोमिनोज के पांच आउटलेट्स के लाइसेंस सस्पेंड किए जाने की बात सामने आई है। इससे स्पष्ट है कि FSSAI Action 2026 में फूड बिजनेस की पूरी सप्लाई चेन पर निगरानी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
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आखिर कंपनियों को किन नियमों का पालन करना जरूरी है?
फूड सेफ्टी नियमों के तहत उत्पाद की पैकेजिंग पर दी गई जानकारी स्पष्ट और सही होनी चाहिए। उत्पाद का नाम, सामग्री, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट तथा अन्य अनिवार्य जानकारियां निर्धारित नियमों के मुताबिक उपलब्ध कराना जरूरी है।
इसी तरह विज्ञापन में ऐसे दावे नहीं किए जा सकते जो उपभोक्ताओं को भ्रमित करें। उत्पाद को ‘100%’, ‘हेल्दी’, ‘नेचुरल’ या किसी विशेष स्वास्थ्य लाभ वाला बताने के लिए संबंधित नियमों का पालन करना आवश्यक है।
गंभीर उल्लंघन की स्थिति में सिर्फ नोटिस तक मामला सीमित नहीं रहता। परिस्थितियों के आधार पर लाइसेंस सस्पेंड या रद्द किया जा सकता है और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
आगे और बढ़ सकती है निगरानी
मई से अगस्त के बीच सामने आई इन कार्रवाइयों से संकेत मिलता है कि FSSAI Action 2026 का फोकस केवल खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता तक सीमित नहीं है। अब पैकेजिंग, लेबल, विज्ञापन और ऑनलाइन बिक्री के जरिए उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाली जानकारी भी जांच के दायरे में है।
ऐसे में आने वाले समय में बड़ी कंपनियों के साथ छोटे कारोबारियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को भी अपने उत्पादों और दावों की समीक्षा करनी पड़ सकती है। उपभोक्ताओं के लिए भी यह कार्रवाई महत्वपूर्ण है, क्योंकि सही लेबलिंग और स्पष्ट जानकारी उन्हें उत्पाद खरीदते समय बेहतर फैसला लेने में मदद करती है।
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