India Women Asia Cup: after Asia Cup 2026 final as BCCI explains Mohsin Naqvi trophy decision। PHOTO: HT
India Women Asia Cup: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशिया कप जीतने के बाद एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी स्वीकार नहीं की, लेकिन यह फैसला मैदान पर अचानक नहीं लिया गया था। India Women Asia Cup को लेकर बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने साफ किया है कि बोर्ड ने सभी परिस्थितियों पर विचार करने के बाद निर्णय लिया था और Mohsin Naqvi से ट्रॉफी न लेने के अपने रुख की जानकारी एसीसी को पहले ही दे दी गई थी।
Highlights
- भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड 8वां महिला एशिया कप जीता।
- बीसीसीआई ने ट्रॉफी समारोह को लेकर एसीसी को पहले ही अपना फैसला बता दिया था।
- बोर्ड ने इसे खिलाड़ियों का अचानक लिया फैसला नहीं बल्कि संस्थागत निर्णय बताया।
- भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय खेल संबंधों पर रोक है, लेकिन बहुराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मुकाबला संभव है।
- भारतीय महिला टीम का अगला बड़ा लक्ष्य जापान में होने वाले एशियाई खेल हैं।
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श्रीलंका को 72 रन से हराया
दुबई में 13 सितंबर 2026 को खेले गए फाइनल में भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 72 रन से हराया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 183 रन बनाए, जबकि श्रीलंका की टीम 111 रन पर सिमट गई। इस जीत के साथ India Women Asia Cup में भारत ने रिकॉर्ड आठवीं बार खिताब अपने नाम किया, लेकिन पुरस्कार वितरण के दौरान Mohsin Naqvi को लेकर विवाद चर्चा का केंद्र बन गया।
पहले ही बता दिया था फैसला
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के मुताबिक बोर्ड ने प्रतियोगिता खत्म होने का इंतजार नहीं किया था। India Women Asia Cup के पुरस्कार वितरण को लेकर एसीसी को पहले से जानकारी दे दी गई थी कि मौजूदा परिस्थितियों में भारतीय टीम प्रस्तावित तरीके से समारोह में हिस्सा नहीं लेगी। Mohsin Naqvi की मौजूदगी को लेकर बोर्ड का रुख पहले से तय था और इसे सोच-समझकर लिया गया संस्थागत फैसला बताया गया है।
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खिलाड़ियों का व्यक्तिगत फैसला नहीं
बीसीसीआई ने यह भी साफ किया है कि इस फैसले को भारतीय खिलाड़ियों की किसी व्यक्तिगत नाराजगी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। India Women Asia Cup में खिलाड़ियों का काम मैदान पर प्रदर्शन करना और खिताब जीतना था। बोर्ड के अनुसार Mohsin Naqvi से ट्रॉफी स्वीकार नहीं करने का फैसला बीसीसीआई के स्तर पर लिया गया था और इसमें मौजूदा राष्ट्रीय परिस्थितियों तथा लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखा गया।
खेल या टूर्नामेंट पर सवाल नहीं
देवजीत सैकिया ने कहा कि बीसीसीआई का उद्देश्य प्रतियोगिता, खिलाड़ियों या खेल की भावना पर सवाल उठाना नहीं था। India Women Asia Cup में भारतीय टीम ने अपनी सभी खेल जिम्मेदारियां पूरी कीं और पूरे टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। वहीं Mohsin Naqvi से ट्रॉफी न लेने का मामला बोर्ड ने पुरस्कार वितरण से जुड़ी अलग परिस्थिति माना। बीसीसीआई का कहना है कि खेल में भागीदारी और ट्रॉफी किससे स्वीकार की जाए, दोनों अलग विषय हैं।
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2025 में पुरुष टीम ने भी लिया था ऐसा फैसला
यह पहली बार नहीं है जब भारतीय क्रिकेट टीम ने ऐसा रुख अपनाया हो। वर्ष 2025 में पुरुष एशिया कप जीतने के बाद भारतीय पुरुष टीम ने भी एसीसी अध्यक्ष से विजेता ट्रॉफी स्वीकार नहीं की थी। इस तरह India Women Asia Cup का घटनाक्रम पिछले साल की घटना की याद दिलाता है। उस समय भी Mohsin Naqvi एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से जुड़े प्रमुख पदाधिकारी के रूप में मौजूद थे।
पहलगाम हमले के बाद बढ़ा था तनाव
भारत और पाकिस्तान के बीच खेल संबंधों की चर्चा में अप्रैल 2025 का पहलगाम आतंकी हमला भी महत्वपूर्ण पृष्ठभूमि है। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया और मई 2025 में सैन्य टकराव भी हुआ। India Women Asia Cup के ट्रॉफी विवाद को भी इसी व्यापक माहौल के संदर्भ में देखा जा रहा है, जबकि Mohsin Naqvi पाकिस्तान सरकार में भी महत्वपूर्ण पद पर हैं।
क्या पाकिस्तान के मैचों का बहिष्कार करेगा भारत?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर ट्रॉफी लेने से इनकार किया जा सकता है तो क्या भारत पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबलों का भी बहिष्कार करेगा। India Women Asia Cup विवाद के बीच बीसीसीआई ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट रखी है। Mohsin Naqvi से जुड़ा ट्रॉफी मामला अलग है, जबकि पाकिस्तान के खिलाफ बहुराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेलने का फैसला भारत सरकार की मौजूदा खेल नीति के अनुरूप किया जाता है।
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द्विपक्षीय मुकाबलों पर रोक जारी
भारत सरकार की मई 2026 में स्पष्ट की गई नीति के अनुसार भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय खेल प्रतियोगिताएं फिलहाल नहीं होंगी। India Women Asia Cup जैसी बहुराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दोनों देशों की टीमें एक-दूसरे के खिलाफ खेल सकती हैं। इसलिए Mohsin Naqvi से ट्रॉफी स्वीकार नहीं करने के फैसले को पाकिस्तान के खिलाफ हर मैच के बहिष्कार से जोड़ना सही नहीं होगा। दोनों मामलों के लिए अलग नीति और परिस्थितियां लागू होती हैं।
बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलना होगा
बीसीसीआई का कहना है कि जहां कई देश शामिल होते हैं, वहां भारत अपनी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिबद्धताओं को पूरा करता रहेगा। India Women Asia Cup भी एशियाई क्रिकेट परिषद की बहुराष्ट्रीय प्रतियोगिता थी, इसलिए भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। बोर्ड के मुताबिक Mohsin Naqvi से ट्रॉफी लेने का विषय पुरस्कार समारोह से जुड़ा था और इसका अर्थ यह नहीं है कि भारतीय टीम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी खेल जिम्मेदारी से पीछे हटेगी।
BCCI ने टीम की जीत को बताया सबसे अहम
इस पूरे विवाद के बीच बीसीसीआई ने भारतीय महिला टीम के प्रदर्शन को सबसे महत्वपूर्ण बताया है। India Women Asia Cup में हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम ने मैदान पर अपनी श्रेष्ठता साबित की और रिकॉर्ड आठवां खिताब अपने नाम किया। बोर्ड का मानना है कि खिलाड़ियों की सबसे बड़ी उपलब्धि खिताब जीतना है और Mohsin Naqvi से जुड़े पुरस्कार वितरण विवाद से टीम के प्रदर्शन की अहमियत कम नहीं होनी चाहिए।
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शैफाली और स्मृति ने रखी जीत की नींव
फाइनल में भारतीय बल्लेबाजों ने शुरू से आक्रामक खेल दिखाया। शैफाली वर्मा ने 68 रन और स्मृति मंधाना ने 59 रन बनाए, जिससे भारत 183 रन तक पहुंच सका। गेंदबाजी में श्री चरणी ने चार विकेट लेकर श्रीलंका की चुनौती खत्म कर दी। India Women Asia Cup की इस शानदार जीत ने भारतीय महिला क्रिकेट की ताकत फिर साबित की, जबकि मैच के बाद Mohsin Naqvi से जुड़ी घटना ने अलग बहस खड़ी कर दी।
अब एशियाई खेलों पर पूरा ध्यान
एशिया कप जीतने के बाद भारतीय महिला टीम का अगला बड़ा लक्ष्य जापान में होने वाले एशियाई खेल हैं। महिला क्रिकेट प्रतियोगिता 17 से 22 सितंबर तक आयोजित होगी और भारत अपने स्वर्ण पदक का बचाव करेगा। India Women Asia Cup की सफलता के बाद टीम 18 सितंबर को मेजबान जापान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल खेलेगी। बीसीसीआई चाहता है कि Mohsin Naqvi से जुड़े विवाद के बजाय अब खिलाड़ियों का पूरा ध्यान अगले बड़े टूर्नामेंट पर रहे।
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फैसला पहले से तय, मैदान पर नहीं बदला रुख
पूरे घटनाक्रम से साफ है कि भारतीय महिला टीम का ट्रॉफी नहीं लेना अचानक लिया गया फैसला नहीं था। बीसीसीआई ने एसीसी को पहले ही अपना रुख बता दिया था। India Women Asia Cup में भारत ने खेल से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियां पूरी कीं और खिताब भी जीता, लेकिन पुरस्कार वितरण को अलग मामला माना। अब Mohsin Naqvi से जुड़ी इस बहस के बीच बीसीसीआई ने साफ कर दिया है कि बहुराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने की मौजूदा सरकारी नीति का पालन जारी रहेगा।
