OneTag FASTag: FASTag इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों के लिए एक बड़ी सुविधा शुरू हो गई है। अब अगर कोई यूजर अपने FASTag का issuer bank बदलना चाहता है, तो उसे वाहन की विंडस्क्रीन पर लगा पुराना FASTag हटाकर नया टैग लेने की जरूरत नहीं होगी। OneTag FASTag पोर्टेबिलिटी सुविधा के जरिए मौजूदा FASTag को बरकरार रखते हुए issuer bank बदला जा सकेगा। यह सुविधा NHAI के Rajmargyatra ऐप पर उपलब्ध कराई गई है।
OneTag FASTag को मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तरह समझा जा सकता है। जैसे मोबाइल नंबर बदले बिना टेलीकॉम कंपनी बदली जा सकती है, उसी तरह अब FASTag को बदले बिना उसके issuer bank को बदला जा सकेगा। NHAI के मुताबिक, इस सुविधा का उद्देश्य FASTag यूजर्स को बैंक चुनने में ज्यादा विकल्प देना और बैंक बदलने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
OneTag FASTag क्या है?
OneTag FASTag एक portability service है, जिसके जरिए NETC FASTag यूजर अपने मौजूदा physical FASTag को वाहन पर लगाए रखते हुए issuer bank बदल सकता है। बैंक बदलने के बाद भी वाहन से जुड़ी FASTag ID वही रहती है। यानी नया टैग बनवाने, उसे वाहन की विंडस्क्रीन पर चिपकाने और पुराने टैग को हटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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यह सुविधा NHAI और NETC इकोसिस्टम के तहत शुरू की गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 11 सितंबर 2026 को मुंबई में Global Fintech Fest 2026 के दौरान OneTag लॉन्च किया था।
Rajmargyatra ऐप से कैसे बदलें FASTag बैंक?
OneTag FASTag के जरिए बैंक बदलने की प्रक्रिया Rajmargyatra ऐप से पूरी की जा सकती है। सबसे पहले FASTag यूजर को ऐप में लॉग इन करके अपनी गाड़ी का registration number दर्ज करना होगा। इसके बाद सिस्टम यह जांच करेगा कि संबंधित FASTag portability के लिए eligible है या नहीं।
Eligibility पूरी होने पर मौजूदा issuer bank की ओर से छह अंकों का Mobile Verification Code यानी MVC दिया जाएगा। इस वेरिफिकेशन के बाद यूजर अपनी पसंद का नया issuer bank चुन सकेगा। इसके बाद नए issuer के साथ customer verification, KYC और wallet onboarding की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
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क्या बैंक बदलने पर नया FASTag मिलेगा?
नहीं। OneTag FASTag की सबसे बड़ी खासियत यही है कि issuer bank बदलने के बाद भी पुराना physical FASTag इस्तेमाल किया जा सकेगा। वाहन के registration number से जुड़ी FASTag ID भी वही रहेगी।
इसका मतलब है कि यूजर को नया sticker खरीदने या विंडस्क्रीन से पुराना FASTag हटाने की परेशानी नहीं होगी। NHAI के अनुसार इससे FASTag की repeated production, dispatch और reissuance की जरूरत भी कम होगी।
पुराने FASTag वॉलेट में रखे पैसे का क्या होगा?
बैंक बदलते समय पुराने FASTag wallet का पैसा भी महत्वपूर्ण सवाल है। पोर्टेबिलिटी पूरी होने के बाद पुराना issuer bank मौजूदा FASTag wallet को बंद करेगा और उपलब्ध balance को लागू adjustments के बाद refund करेगा। यानी पुराने वॉलेट का पैसा नए बैंक के वॉलेट में सीधे ट्रांसफर होने के बजाय पुराने issuer की ओर से refund किया जाएगा।
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पुराने वॉलेट से जुड़े pending transactions या अन्य जरूरी adjustments के बाद उपलब्ध balance की गणना की जाएगी। इसलिए पोर्टिंग शुरू करने से पहले पुराने FASTag wallet की जानकारी सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है।
क्या दोबारा KYC करनी होगी?
हां, नया issuer bank चुनने के बाद customer verification और wallet onboarding की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। OneTag FASTag का उद्देश्य केवल physical tag को बदलने की जरूरत खत्म करना है, बैंक के साथ जरूरी verification प्रक्रिया को नहीं। मौजूदा issuer से verification के लिए छह अंकों का MVC मिलने के बाद नए issuer के साथ आगे की onboarding प्रक्रिया पूरी होगी।
बैंक बदलने के बाद फिर कब बदल सकेंगे?
OneTag FASTag के जरिए issuer bank बदलने के बाद तुरंत दोबारा portability नहीं की जा सकेगी। NHAI के अनुसार interoperable FASTag के लिए 6 महीने का cooling period रखा गया है। यानी एक बार बैंक बदलने के बाद उसी FASTag को दोबारा किसी दूसरे issuer के पास port करने के लिए छह महीने इंतजार करना होगा।
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FASTag यूजर्स को क्या फायदा होगा?
OneTag FASTag से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बैंक बदलने के लिए नया physical tag बनवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे यूजर का समय बच सकता है और पुराने sticker को हटाने या नए sticker को सही जगह लगाने की परेशानी भी कम होगी। NHAI के मुताबिक, इससे FASTag ecosystem में interoperability बढ़ेगी और repeated tag production, dispatch तथा reissuance से जुड़ी लागत कम करने में मदद मिलेगी। (
FASTag की पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
FASTag देश के electronic toll collection system का अहम हिस्सा है। NHAI के मुताबिक देश में करीब 13 करोड़ FASTag जारी किए जा चुके हैं और toll collection में इसकी penetration 98 फीसदी से ज्यादा है। OneTag FASTag की शुरुआत के साथ यूजर्स को issuer bank चुनने में ज्यादा flexibility मिलने की उम्मीद है।
OneTag FASTag का सबसे बड़ा बदलाव यही है कि अब बैंक बदलने के लिए FASTag बदलना जरूरी नहीं होगा। वाहन पर लगा physical tag और उसकी FASTag ID बरकरार रहेगी, जबकि issuer bank और नया wallet onboarding की प्रक्रिया के जरिए बदला जा सकेगा।
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